इंडिया गठबंधन में गहरी दरार: डीएमके और सीपीआई(एम) ने कांग्रेस पर लगाया 'पीठ में छुरा घोंपने' का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] ने रविवार, 7 जून को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों की पीठ में छुरा घोंप रही है और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार कर रही है। दोनों दलों ने कांग्रेस नेतृत्व पर विपक्षी मोर्चे को एकजुट रखने में विफल रहने का भी आरोप मढ़ा। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब 8 जून को इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है।
मुख्य घटनाक्रम
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के डीएमके के गठबंधन से बाहर निकलने की पृष्ठभूमि में डीएमके ने 8 जून की इंडिया ब्लॉक बैठक का बहिष्कार करने का एलान किया है। वहीं, सीपीआई(एम) ने कांग्रेस से केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ कथित समझौते की बात पर स्पष्टीकरण माँगा है। इसके अतिरिक्त, झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन के अंदर भी आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के बीच सीट-बँटवारे पर मतभेद उभर आए हैं।
डीएमके की प्रतिक्रिया
डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा, 'कांग्रेस पीठ में छुरा घोंपने वाली पार्टी है। उन्होंने हमारा काम और डीएमके कार्यकर्ताओं की मेहनत और पसीना चुराया और फिर खेमा बदल लिया — यह मौकापरस्ती का सबसे अच्छा उदाहरण है।' उन्होंने यह भी कहा कि यदि डीएमके किसी ऐसे मंच पर दिखती है जहाँ कांग्रेस मौजूद हो, तो यह पार्टी के तमाम कैडरों का अपमान होगा।
अन्नादुरई ने स्पष्ट किया कि डीएमके अन्य दलों की बात सुनने को तैयार है और आगे का रास्ता मिलकर तय करना चाहती है, ताकि देश की आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सीपीआई(एम) का कांग्रेस नेतृत्व पर हमला
सीपीआई(एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस की जिम्मेदारी सबसे अधिक है, लेकिन दुर्भाग्यवश उसके नेता आवश्यक परिपक्वता नहीं दिखा रहे। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, 'अगर आप नेतृत्व करना चाहते हैं तो सभी को साथ लेकर चलना होगा। अगर आप अपने सहयोगियों को गाली देंगे तो आपके साथ कौन रहेगा? राहुल गांधी एक जगह सीपीआई(एम) की बुराई करते हैं, तो दूसरी जगह डीएमके की।'
मोल्लाह ने आगे कहा कि गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए गंभीरता, समावेशिता और समझदारी — तीनों अनिवार्य हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस का मौजूदा आचरण गठबंधन की एकता को नुकसान पहुँचा रहा है।
आम जनता और विपक्ष पर असर
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने BJP के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाकर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। ऐसे में यह आंतरिक कलह विपक्षी एकता के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। आलोचकों का कहना है कि यदि यह दरार नहीं पाटी गई, तो आगामी राज्य चुनावों में विपक्ष के लिए एकजुट रणनीति बनाना कठिन हो जाएगा।
आगे क्या होगा
8 जून को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में डीएमके की अनुपस्थिति मोर्चे की आंतरिक स्थिति की स्पष्ट तस्वीर पेश करेगी। यह देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या गठबंधन को फिर से पटरी पर लाने के लिए कोई ठोस पहल की जाती है।