इंडिया गठबंधन बैठक से पहले टूट के संकेत: BJP प्रवक्ता आरपी सिंह बोले — 'कश्मीर से कन्याकुमारी तक नहीं दिखता'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता आरपी सिंह ने 7 जून को इंडिया गठबंधन की 8 जून को प्रस्तावित बैठक से ठीक पहले कहा कि यह गठबंधन बिखराव की कगार पर है और ज़मीन पर कहीं नज़र नहीं आता। उन्होंने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने बैठक का बहिष्कार कर दिया है, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी कांग्रेस की खुलकर आलोचना की है। आम आदमी पार्टी (AAP), उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और नेशनल कॉन्फ्रेंस भी इस बैठक से दूर हैं।
गठबंधन पर BJP का आकलन
सिंह ने कहा, 'कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जिस इंडिया गठबंधन की बात की जाती है, वह वास्तव में कहीं दिखाई नहीं देता। यह गठबंधन केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने के लिए बना था। बाद में सभी दल अपने-अपने राजनीतिक हितों में लग गए हैं।' उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब गठबंधन की एकता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने राज्य-स्तरीय अंतर्विरोधों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के बीच सीधी टकराहट रही है, केरल में कांग्रेस और वाम मोर्चा परंपरागत प्रतिद्वंद्वी हैं, और तमिलनाडु में DMK ने भी कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब गठबंधन के भीतर इस तरह के तनाव सार्वजनिक हुए हों।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल
सिंह ने दावा किया कि अगले एक वर्ष में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष का पद भी खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर नए सवाल उठेंगे। यह दावा BJP की ओर से किया गया है और इसे विपक्षी पार्टी की आधिकारिक स्थिति नहीं माना जा सकता।
कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर अशोक गहलोत के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने कहा कि यह कोई नई जानकारी नहीं है — सभी जानते हैं कि गहलोत को अध्यक्ष पद का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे अस्वीकार कर दिया, क्योंकि उस समय उन्हें संगठन की तुलना में मुख्यमंत्री पद अधिक प्रिय था।
अभिषेक बनर्जी और TMC पर टिप्पणी
TMC नेता अभिषेक बनर्जी को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंह ने कहा कि उनकी कार्यशैली और कथित गुंडाराज से बंगाल की जनता परेशान रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पार्टी के भीतर भी कई नेता उनसे दूरी बनाना चाहते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राम मंदिर और मदरसा जांच पर रुख
राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर सिंह ने कहा, 'अखिलेश यादव पहले राम मंदिर जाएं और फिर ऐसे सवाल उठाएं। यदि उनके पास कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक करें। बिना प्रमाण के आरोप लगाना उचित नहीं है।'
मदरसों की जांच के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों को सरकारी सहायता मिलती है, उनकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए — यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वहां कौन पढ़ रहा है और करदाताओं का पैसा किस प्रकार खर्च किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के लंबे कार्यकाल पर सिंह ने दावा किया कि यह केवल अवधि का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं के ज़रिए करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव का रिकॉर्ड है। गठबंधन की 8 जून की बैठक और उसके नतीजे यह तय करेंगे कि विपक्षी एकता की यह कोशिश आगे कोई ठोस रूप ले पाती है या नहीं।