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'इंडिया' गठबंधन की 8 जून बैठक से पहले एनडीए का वार: 'ज़मीन पर कोई अस्तित्व नहीं'

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'इंडिया' गठबंधन की 8 जून बैठक से पहले एनडीए का वार: 'ज़मीन पर कोई अस्तित्व नहीं'

सारांश

'इंडिया' गठबंधन की 8 जून की बैठक से ठीक एक दिन पहले एनडीए नेताओं ने इसे 'कागजी गठजोड़' बताया। डीएमके की अनुपस्थिति, जेएमएम की नाराजगी और वामपंथ की आपत्ति — तीन मोर्चों पर एक साथ घिरा विपक्षी मोर्चा अपनी एकजुटता साबित करने की चुनौती के साथ बैठक की मेज पर आएगा।

मुख्य बातें

'इंडिया' गठबंधन की 8 जून को प्रस्तावित बैठक से पहले एनडीए नेताओं ने इसे 'जमीन पर अस्तित्वहीन' बताया।
जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि डीएमके , जेएमएम और वामपंथी दलों में कांग्रेस को लेकर नाराजगी है।
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने दावा किया कि 4 मई को ही 'इंडी गठबंधन का अंतिम संस्कार' हो चुका था।
झारखंड में राज्यसभा सीट को लेकर जेएमएम और कांग्रेस के बीच विवाद जारी है।
भाजपा सांसद बाबूलाल निषाद ने कहा कि जनता PM मोदी और भाजपा के साथ है।

पटना में 7 जून को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने 'इंडिया' गठबंधन की 8 जून को प्रस्तावित बैठक को 'कागजी गठजोड़' करार देते हुए कहा कि यह विपक्षी मोर्चा ज़मीनी स्तर पर अस्तित्वहीन हो चुका है। एनडीए नेताओं ने गठबंधन के भीतर बढ़ती दरारों — खासकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के बीच — को रेखांकित करते हुए इसे विपक्ष की विफलता बताया।

जदयू का आरोप: कांग्रेस ने सहयोगियों को धोखा दिया

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की ओर से कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में कांग्रेस द्वारा एकतरफा उम्मीदवार उतारे जाने से झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) में भी नाराजगी है। प्रसाद ने यह भी कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) कांग्रेस का दीर्घकालिक सहयोगी रहा है, लेकिन कथित तौर पर जैसे ही राजनीतिक प्रतिकूलता आई, कांग्रेस ने डीएमके को छोड़कर तमिझागा वेट्री कषगम (टीवीके) के साथ सरकार बना ली।

प्रसाद ने आगे कहा, 'पहले से ही कई तरह के संकटों से जूझ रहे 'इंडिया' गठबंधन के लिए उबर पाना आसान नहीं है। जमीनी तौर पर कोई 'इंडिया' गठबंधन अस्तित्व में ही नहीं है — यह एक कागजी गठजोड़ है, लेकिन वहाँ भी बड़ा विभाजन दिखता है।' उन्होंने यह भी कहा कि 8 जून की बैठक में देश के कई राजनीतिक दल 'इंडिया' ब्लॉक में नज़र नहीं आएंगे।

भाजपा का तंज: '4 मई को हो चुका था अंतिम संस्कार'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि 4 मई को ही 'इंडी गठबंधन का अंतिम संस्कार' हो चुका था। उन्होंने कहा, 'असल में कोई इंडी गठबंधन नहीं है — यह सिर्फ कागजों और कल्पनाओं में है। हम हर दिन देख सकते हैं कि इंडी गठबंधन का कोई मिशन या विजन नहीं है, बल्कि इसमें नई फूट पड़ रही है।'

पूनावाला ने विशेष रूप से कहा कि डीएमके इस बैठक में शामिल नहीं हो रही, क्योंकि कांग्रेस ने उसे धोखा दिया। उन्होंने झारखंड में राज्यसभा सीट को लेकर जेएमएम और कांग्रेस के बीच चल रहे विवाद का भी उल्लेख किया और कहा कि वामपंथी दलों ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर आपत्ति जताते हुए पत्र लिखा है।

भाजपा सांसद का दावा: जनता मोदी के साथ

भाजपा के राज्यसभा सांसद बाबूलाल निषाद ने कहा कि 'इंडी गठबंधन' के नेता अपनी-अपनी विचारधाराओं से भटक चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत के ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो गाँव, गरीब, किसान और मज़दूर सबके साथ मजबूती से खड़े हैं और जनता उनके और भाजपा के साथ है।

गठबंधन की आंतरिक दरारें: पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 'इंडिया' गठबंधन का गठन 2023 में हुआ था और इसमें दो दर्जन से अधिक दल शामिल थे। आलोचकों का कहना है कि सीट-बंटवारे, राज्यस्तरीय प्रतिस्पर्धा और नेतृत्व को लेकर मतभेद शुरू से ही इस गठबंधन की एकजुटता पर प्रश्नचिह्न लगाते रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब गठबंधन के भीतर कई दलों के बीच सार्वजनिक रूप से मतभेद उभर चुके हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 8 जून की बैठक में कौन-से दल शामिल होते हैं और गठबंधन की एकता को लेकर क्या संदेश सामने आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जेएमएम की नाराजगी, वामपंथ का पत्र — ये सत्तापक्ष की बनाई हुई नहीं, बल्कि गठबंधन की अपनी संरचनात्मक कमज़ोरियाँ हैं। बहुदलीय गठबंधनों में राज्यस्तरीय प्रतिस्पर्धा और सीट-बंटवारे के विवाद स्वाभाविक हैं, लेकिन जब ये सार्वजनिक हों तो विपक्ष की विश्वसनीयता पर सवाल उठना तय है। 8 जून की बैठक की उपस्थिति सूची ही बताएगी कि यह मोर्चा महज़ प्रतीकात्मक है या अभी भी राजनीतिक रूप से जीवंत।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'इंडिया' गठबंधन की 8 जून की बैठक में क्या होने वाला है?
'इंडिया' गठबंधन की 8 जून को एक बैठक प्रस्तावित है, जिसमें विपक्षी दलों के एकजुट होने की उम्मीद है। हालांकि एनडीए नेताओं के अनुसार डीएमके सहित कई दल इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।
डीएमके 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में क्यों शामिल नहीं हो रही?
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला के अनुसार, कांग्रेस द्वारा डीएमके को 'धोखा' दिए जाने के कारण डीएमके बैठक से दूर है। कांग्रेस पर आरोप है कि उसने डीएमके को छोड़कर टीवीके के साथ सरकार बनाई।
जेएमएम और कांग्रेस के बीच विवाद किस बात पर है?
झारखंड में राज्यसभा सीट को लेकर जेएमएम और कांग्रेस के बीच मतभेद चल रहे हैं। जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद के अनुसार, कांग्रेस द्वारा एकतरफा उम्मीदवार उतारे जाने से जेएमएम में नाराजगी है।
एनडीए नेता 'इंडिया' गठबंधन को 'कागजी' क्यों कह रहे हैं?
एनडीए नेताओं का तर्क है कि 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों के बीच सीट-बंटवारे, नेतृत्व और राज्यस्तरीय मुद्दों पर गहरे मतभेद हैं। उनके अनुसार यह गठबंधन जमीनी स्तर पर एकजुट नहीं है और केवल कागज़ों पर अस्तित्व में है।
'इंडिया' गठबंधन का गठन कब हुआ था और इसमें कौन-से दल हैं?
'इंडिया' गठबंधन का गठन 2023 में हुआ था और इसमें कांग्रेस, डीएमके, जेएमएम, वामपंथी दल सहित दो दर्जन से अधिक विपक्षी दल शामिल थे। हालांकि समय के साथ कई दलों के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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