इंडिया ब्लॉक पर BJP का हमला: शहजाद पूनावाला बोले — 'दल मिलते हैं, दिल नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 8 जून 2026 को नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन के दल एक मंच पर तो एकत्र हो सकते हैं, लेकिन उनके बीच वास्तविक एकता का सर्वथा अभाव है। पूनावाला के अनुसार, इस गठबंधन का कोई स्पष्ट राजनीतिक उद्देश्य नहीं बचा है।
पोस्टर वार और गठबंधन की दरारें
पूनावाला ने बैठक से पहले शुरू हुए पोस्टर वार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये पोस्टर उन लोगों ने लगाए हैं जिन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) से धोखा मिला था। उनका दावा है कि यह गठबंधन मूलतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध की मजबूरी में बनाया गया था, न कि किसी साझा विचारधारा के आधार पर — और यही स्थिति चुनावों के दौरान भी सामने आई थी।
सहयोगी दलों में असंतोष के दावे
पूनावाला ने दावा किया कि गठबंधन के प्रमुख घटक दल कांग्रेस से नाराज हैं। उनके अनुसार, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने कांग्रेस को 'धोखेबाज पार्टी' करार दिया है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वाम दलों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'अपरिपक्व नेता' बताया है। इसके अलावा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस के साथ टकराव की स्थिति में बताया जा रहा है।
मोदी के 12 वर्षों की सराहना
पूनावाला ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने गरीबों के लिए किए गए कार्यों के बल पर 12 वर्ष पूरे किए हैं और तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने में सफल हुए। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू के बाद पहली बार किसी नेता की सरकार लगातार तीसरी बार बनी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 10 जून को मोदी सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेताओं की सूची में एक नया मुकाम हासिल करेंगे।
राहुल गांधी और गहलोत पर निशाना
बिना नाम लिए राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए पूनावाला ने कहा कि जनता ने उस नेता को बार-बार नकारा है जो अधिकतर समय 'छुट्टी पर' रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश को बदनाम करने की कोशिश करते रहे हैं। पूनावाला ने कहा, 'यदि राहुल गांधी अब भी सीखने और खुद में सुधार करने की कोशिश नहीं करते हैं, तो वह केवल नेता प्रतिपक्ष के पद तक ही सीमित रहेंगे।' राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खड़गे संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि पहले गहलोत बनाम सचिन पायलट का टकराव था, जो अब गहलोत बनाम खड़गे के रूप में सामने आ रहा है — और यह कांग्रेस के भीतर गहरे बिखराव का संकेत है।
कांग्रेस की आंतरिक चुनौतियाँ
पूनावाला ने दावा किया कि कांग्रेस का चरित्र ही बिखराव का रहा है। कर्नाटक, केरल और पंजाब में भी पार्टी को आंतरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले ही गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं। गठबंधन के भविष्य पर राजनीतिक नजरें अब इस बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।