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इंडी गठबंधन की बैठक पर NDA का हमला: चिराग पासवान बोले- 'कमज़ोरियाँ छिपाने का समझौता है यह गठबंधन'

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इंडी गठबंधन की बैठक पर NDA का हमला: चिराग पासवान बोले- 'कमज़ोरियाँ छिपाने का समझौता है यह गठबंधन'

सारांश

इंडी गठबंधन की दिल्ली बैठक से पहले NDA एकजुट होकर मैदान में उतरा। चिराग पासवान ने इसे 'कमज़ोरियाँ छिपाने का समझौता' कहा, BJP ने 'तालमेल शून्य' बताया और जदयू ने गठबंधन भंग करने की माँग कर दी — यह राजनीतिक संदेश है कि NDA विपक्षी एकता की कथा को अंकुरित होने से पहले ही काटना चाहता है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 8 जून को पटना में कहा कि इंडी गठबंधन 'आपसी कमज़ोरियाँ छिपाने का समझौता' है।
पासवान ने DMK की नाराज़गी को स्वाभाविक बताते हुए कांग्रेस पर 'वफ़ादार सहयोगियों को धोखा देने' का आरोप लगाया।
BJP प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि विपक्षी दलों में कोई तालमेल, समन्वय या साझा मकसद नहीं है।
BJP नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने गठबंधन को अनौपचारिक और नेतृत्वविहीन बताया।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इंडी गठबंधन के औपचारिक विघटन की माँग की, पश्चिम बंगाल और केरल में घटक दलों के आपसी चुनावी टकराव का हवाला देते हुए।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 8 जून को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली में प्रस्तावित विपक्षी 'इंडी' गठबंधन की बैठक पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन आपसी कमज़ोरियाँ और बुराइयाँ छिपाने का एक समझौता मात्र है, इसीलिए यह कभी सफल नहीं हो सका।

चिराग पासवान का सीधा हमला

पासवान ने कहा, 'तथाकथित इंडी गठबंधन में दरारें साफ दिख रही हैं। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की नाराज़गी स्वाभाविक है, क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने सत्ता के लालच में अपने पुराने और वफ़ादार सहयोगियों को धोखा दिया है। जाहिर है, DMK जैसी पार्टियाँ इससे दूरी बना रही हैं।'

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, 'ममता बनर्जी का इतने उत्साह के साथ इंडी गठबंधन की बैठक में शामिल होना हैरानी की बात है। ये वही ममता बनर्जी हैं, जिन पर बंगाल चुनावों के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियाँ की थीं और जिनकी पार्टी पर हिंसा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगा था।'

पासवान ने आगे कहा, 'इतिहास गवाह रहा है कि जब-जब इन दलों को एकजुट रहने की ज़रूरत थी, इन्होंने अपने लालच में एक-दूसरे को ही धोखा देने का काम किया है।'

भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, 'विपक्षी दलों के बीच कोई तालमेल नहीं है, कोई समन्वय नहीं है, कोई आपसी भरोसा नहीं है। इनका कोई साझा मकसद भी नहीं है। हर नेता मुख्य रूप से अपने राजनीतिक अस्तित्व और हितों को लेकर चिंतित है।'

BJP नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, 'इंडी गठबंधन किसी औपचारिक या व्यवस्थित संगठन की तरह काम नहीं करता। इसका कोई आधिकारिक तौर पर तय नेता, चेयरमैन, दफ़्तर या एकसमान नेतृत्व का ढाँचा नहीं है। इसमें कई ऐसे दल और नेता शामिल हैं जो कभी-कभी BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना के मुद्दों पर एक साथ आ जाते हैं।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ये दल कभी-कभी इकट्ठे होकर चाय-समोसे खाने बैठ जाते हैं।

जदयू का तंज: गठबंधन भंग करने की माँग

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि 'इंडी' गठबंधन को औपचारिक रूप से अपने भंग होने की घोषणा कर देनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया, 'यह कैसा गठबंधन है जिसमें शामिल पार्टियाँ ही एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ती हैं? पश्चिम बंगाल में TMC, कांग्रेस और वाम दल एक-दूसरे के विरुद्ध मैदान में थे। केरल में वाम और कांग्रेस दोनों आमने-सामने लड़े। इसके बावजूद ये दल दिल्ली या दूसरे शहरों में जमा होकर फ़ोटो खिंचवाते हैं।'

प्रसाद ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ये दल मिलकर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का मुकाबला कर पाएँगे।

गठबंधन की पृष्ठभूमि और आंतरिक तनाव

गौरतलब है कि 'इंडी' गठबंधन का गठन 2023 में विपक्षी एकता के प्रयास के रूप में हुआ था, लेकिन विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में घटक दलों के बीच सीट-बँटवारे को लेकर बार-बार तनाव उभरा है। यह ऐसे समय में आया है जब गठबंधन की अगली रणनीति को लेकर आंतरिक मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं। NDA नेताओं की यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि सत्तापक्ष विपक्षी एकजुटता की हर कोशिश को राजनीतिक रूप से चुनौती देने के लिए तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

TMC-कांग्रेस तनाव, राज्यों में आपसी चुनावी टकराव — वे वास्तविक और सत्यापन-योग्य हैं। असली सवाल यह है कि क्या इंडी गठबंधन इन दरारों को पाटने की कोई ठोस संरचना बना पाएगा, या यह बैठकों और फ़ोटो-ऑप्स तक सीमित रहेगा। NDA की आलोचना तभी खोखली साबित होगी जब विपक्ष साझा नेतृत्व और सीट-बँटवारे का व्यावहारिक खाका पेश करे।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान ने इंडी गठबंधन को 'समझौता' क्यों कहा?
चिराग पासवान ने कहा कि इंडी गठबंधन के दल एक-दूसरे की कमज़ोरियाँ और बुराइयाँ छिपाने के लिए एकजुट होते हैं, न कि किसी साझा राजनीतिक एजेंडे के लिए। उनके अनुसार यही कारण है कि यह गठबंधन कभी सफल नहीं हो सका।
NDA नेताओं ने DMK और TMC पर क्या आरोप लगाए?
पासवान ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के लालच में DMK जैसे वफ़ादार सहयोगियों को धोखा दिया, इसलिए DMK की नाराज़गी स्वाभाविक है। TMC प्रमुख ममता बनर्जी के बारे में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा कथित अभद्र टिप्पणियों और पार्टी पर हिंसा-भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद उनका बैठक में शामिल होना हैरान करने वाला है।
जदयू ने इंडी गठबंधन के भंग होने की माँग क्यों की?
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने तर्क दिया कि गठबंधन के घटक दल पश्चिम बंगाल और केरल सहित कई राज्यों में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, जो किसी भी गठबंधन की बुनियादी शर्त का उल्लंघन है। उन्होंने कहा ऐसे गठबंधन का कोई औचित्य नहीं।
BJP ने इंडी गठबंधन की संरचना पर क्या कहा?
BJP नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि इंडी गठबंधन का कोई आधिकारिक नेता, चेयरमैन, दफ़्तर या एकसमान नेतृत्व ढाँचा नहीं है। उनके अनुसार यह केवल भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना के मुद्दों पर अस्थायी रूप से एकत्र होने वाला अनौपचारिक समूह है।
इंडी गठबंधन की यह बैठक किस संदर्भ में बुलाई गई?
इंडी गठबंधन का गठन 2023 में विपक्षी एकता के प्रयास के रूप में हुआ था। दिल्ली में प्रस्तावित यह बैठक गठबंधन की आगामी रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई, लेकिन NDA नेताओं ने इसे राजनीतिक रूप से निशाना बनाते हुए गठबंधन की आंतरिक दरारों को उजागर किया।
राष्ट्र प्रेस
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