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इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले टूट के संकेत, BJP प्रवक्ता आरपी सिंह बोले — 'कहीं नहीं दिखता गठबंधन'

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इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले टूट के संकेत, BJP प्रवक्ता आरपी सिंह बोले — 'कहीं नहीं दिखता गठबंधन'

सारांश

8 जून की बैठक से ठीक पहले इंडिया गठबंधन में दरारें खुलकर सामने आई हैं — DMK ने बहिष्कार किया, AAP और शिवसेना भी अनुपस्थित। BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का कहना है कि यह गठबंधन केवल मोदी-विरोध की नींव पर टिका था, जो अब अपने राजनीतिक हितों में बिखर रहा है।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने 7 जून को कहा कि इंडिया गठबंधन 'कश्मीर से कन्याकुमारी तक कहीं दिखाई नहीं देता।' DMK ने 8 जून की इंडिया गठबंधन बैठक का बहिष्कार किया; CPI(M) , JMM , AAP , शिवसेना (उद्धव गुट) और नेशनल कॉन्फ्रेंस भी अनुपस्थित।
सिंह ने दावा किया कि अगले एक वर्ष में राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष पद चुनौती में पड़ सकता है।
अशोक गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष पद का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री पद को प्राथमिकता दी — सिंह ने इसे दोहराया।
राम मंदिर चढ़ावे पर अखिलेश यादव के आरोपों को सिंह ने 'बिना प्रमाण' का बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता आरपी सिंह ने 7 जून को नई दिल्ली में कहा कि 8 जून को प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की बैठक से ठीक पहले गठबंधन के भीतर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं और कई प्रमुख दल इस बैठक से दूरी बना रहे हैं। उनके अनुसार, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने बैठक का बहिष्कार कर दिया है, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी कांग्रेस की खुलकर आलोचना की है।

मुख्य घटनाक्रम

आरपी सिंह के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP), उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और नेशनल कॉन्फ्रेंस भी इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जिस इंडिया गठबंधन की बात की जाती है, वह वास्तव में कहीं दिखाई नहीं देता। यह गठबंधन केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने के लिए बना था। बाद में सभी दल अपने-अपने राजनीतिक हितों में लग गए हैं।'

राज्यवार विरोधाभास

सिंह ने राज्यों के उदाहरण देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और कांग्रेस आमने-सामने रही हैं, जबकि केरल में कांग्रेस और वाम दल एक-दूसरे के विरुद्ध चुनाव लड़ते हैं। तमिलनाडु में DMK भी कांग्रेस पर सवाल उठा चुकी है। उनके अनुसार, इन परस्पर विरोधी राजनीतिक हितों ने गठबंधन की व्यावहारिक एकता को कमज़ोर किया है।

राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल

सिंह ने दावा किया कि अगले एक वर्ष में राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष का पद भी चुनौती में पड़ सकता है। उनके अनुसार, विभिन्न राज्यों में आगामी चुनावों के परिणामों के बाद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर नए सवाल उठेंगे। अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद से जुड़े हालिया बयान पर उन्होंने कहा कि यह कोई नई जानकारी नहीं है — सभी जानते हैं कि उन्हें यह प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने संगठन की तुलना में मुख्यमंत्री पद को प्राथमिकता दी।

अन्य मुद्दों पर BJP की प्रतिक्रिया

अभिषेक बनर्जी पर टिप्पणी करते हुए सिंह ने कहा कि उनकी कार्यशैली और कथित गुंडाराज से बंगाल की जनता परेशान रही है और अब पार्टी के भीतर भी कई नेता उनसे दूरी बनाना चाहते हैं। राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव पहले राम मंदिर जाएं और फिर ऐसे सवाल उठाएं। यदि उनके पास कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक करें। बिना प्रमाण के आरोप लगाना उचित नहीं है।' मदरसों की जाँच के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में पारदर्शी जाँच होनी चाहिए और करदाताओं के धन के उपयोग की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि 8 जून की बैठक से पहले कई प्रमुख घटक दलों की अनुपस्थिति इंडिया गठबंधन की समन्वय क्षमता पर सवाल खड़े करती है। आलोचकों का कहना है कि राज्यस्तरीय प्रतिस्पर्धा और केंद्रीय नेतृत्व को लेकर असहमति ने गठबंधन की राष्ट्रीय एकजुटता की छवि को धुंधला किया है। आने वाले राज्य चुनाव यह तय करेंगे कि यह गठबंधन एक प्रभावी विपक्षी मंच बना रह सकता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ठीक उसी वक्त गठबंधन की आंतरिक दरारें उजागर हो रही हैं। हालाँकि, यह ध्यान देने योग्य है कि राज्यस्तरीय प्रतिस्पर्धा — जैसे केरल में कांग्रेस बनाम वाम — इंडिया गठबंधन के गठन से पहले से मौजूद है और नई नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या गठबंधन केंद्रीय चुनावी समन्वय और राज्यस्तरीय प्रतिद्वंद्विता को एक साथ साध सकता है — जो अब तक किसी भी बड़े बहुदलीय मोर्चे के लिए सबसे कठिन परीक्षा रही है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 जून की इंडिया गठबंधन बैठक का बहिष्कार किसने किया?
DMK ने 8 जून की बैठक का बहिष्कार किया है। इसके अलावा AAP, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और नेशनल कॉन्फ्रेंस भी बैठक में शामिल नहीं हो रहे। CPI(M) और JMM ने भी कांग्रेस की आलोचना की है।
आरपी सिंह ने इंडिया गठबंधन के बारे में क्या कहा?
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि इंडिया गठबंधन 'कश्मीर से कन्याकुमारी तक कहीं दिखाई नहीं देता।' उनके अनुसार यह गठबंधन केवल PM मोदी के विरोध के लिए बना था और अब सभी दल अपने-अपने राजनीतिक हितों में व्यस्त हो गए हैं।
क्या राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष पद खतरे में है?
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने दावा किया है कि अगले एक वर्ष में आगामी राज्य चुनावों के परिणामों के बाद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर नए सवाल उठ सकते हैं और राहुल गांधी का पद चुनौती में पड़ सकता है। यह BJP का दावा है; कांग्रेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अशोक गहलोत और कांग्रेस अध्यक्ष पद का विवाद क्या है?
आरपी सिंह ने कहा कि अशोक गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष पद का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने संगठन की तुलना में मुख्यमंत्री पद को प्राथमिकता दी। गहलोत के हालिया बयान के संदर्भ में सिंह ने इसे 'कोई नई जानकारी नहीं' बताया।
राम मंदिर चढ़ावे पर अखिलेश यादव के आरोपों पर BJP का क्या रुख है?
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को पहले राम मंदिर जाना चाहिए और यदि उनके पास कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने बिना प्रमाण के आरोप लगाने को अनुचित बताया।
राष्ट्र प्रेस
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