'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर एनडीए का तंज: 'स्वार्थ की राजनीति, सब बिखर गए'
सारांश
मुख्य बातें
पटना में बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सहयोगी दलों के नेताओं ने 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर तीखा हमला बोला है। एनडीए नेताओं का कहना है कि यह गठबंधन शुरू से ही स्वार्थ की बुनियाद पर खड़ा था और अब वह बिखर रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK), झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) द्वारा 'इंडिया' गठबंधन की बैठक का बहिष्कार किया जाना इस बात का प्रमाण है कि इन दलों के बीच केवल 'स्वार्थ की राजनीति' है। उन्होंने कहा, 'जहाँ स्वार्थ है, वहाँ सिर फुटव्वल तय है। एनडीए पूरे देश में एकजुट है, बिहार में एकजुट है।'
यह ऐसे समय में आया है जब 'इंडिया' गठबंधन के कई घटक दल बैठक से दूरी बना रहे हैं, जिससे विपक्षी एकता पर सवाल उठ रहे हैं।
मंत्रियों की प्रतिक्रिया
बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन की स्थापना ही स्वार्थ के लिए हुई थी। उन्होंने कहा, 'सब लोग बिखर गए हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी टूट हुई है। DMK उनके साथ नहीं रहना चाहता है।' सुमन ने यह भी दावा किया कि 'आने वाले वक्त में सब लोग एनडीए के साथ होंगे और एनडीए को मजबूत करेंगे।'
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक राहुल गांधी 'इंडिया' गठबंधन के नेतृत्व में हैं, तब तक यह गठबंधन सफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, 'विपक्ष के नेताओं को सोचने का वक्त आ गया है कि राहुल गांधी के साथ रहना है या अपनी नाव को बचाना है।' जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी क्षेत्रीय दलों को पनपने नहीं देंगे।
BJP विधायक का बयान
BJP विधायक मंगल पांडे ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन में 'कभी भी निरंतरता, एकजुटता और स्थायित्व नहीं रहा।' उन्होंने इसे 'स्वार्थी और परिवारवादी लोगों का समूह' बताया, जो अपने हितों की पूर्ति के लिए समय-समय पर विभिन्न दलों को जोड़कर गठबंधन बनाते हैं। गौरतलब है कि पांडे ने यह भी कहा कि सभी दल धीरे-धीरे यह समझ रहे हैं कि यह गठबंधन 'देश के विकास की सोच' से नहीं बना है।
आम जनता पर असर
विपक्षी दलों की आंतरिक कलह और बैठक बहिष्कार की यह स्थिति आगामी चुनावों में विपक्ष की रणनीति पर सीधा असर डाल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, DMK और JMM जैसे क्षेत्रीय दलों की दूरी 'इंडिया' गठबंधन की सामूहिक शक्ति को कमज़ोर करती है।
क्या होगा आगे
8 जून को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में कौन-कौन से दल शामिल होंगे और किस एजेंडे पर चर्चा होगी, यह देखना अहम होगा। बहिष्कार करने वाले दलों की वापसी या आगे की दूरी 'इंडिया' गठबंधन के भविष्य की दिशा तय करेगी।