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'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर एनडीए का तंज: 'स्वार्थ की राजनीति, सब बिखर गए'

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'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर एनडीए का तंज: 'स्वार्थ की राजनीति, सब बिखर गए'

सारांश

'इंडिया' गठबंधन की 8 जून की बैठक से DMK, JMM और CPI के बहिष्कार ने विपक्षी एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार के एनडीए नेताओं ने इसे 'स्वार्थ की राजनीति का अंजाम' बताया और दावा किया कि यह गठबंधन जल्द पूरी तरह बिखर जाएगा।

मुख्य बातें

8 जून को नई दिल्ली में होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बैठक से DMK, JMM और CPI ने बहिष्कार किया।
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे 'स्वार्थ की राजनीति' का नतीजा बताया।
मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि TMC में बड़ी टूट हुई है और सभी दल जल्द एनडीए के साथ आएंगे।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने राहुल गांधी के नेतृत्व को गठबंधन की विफलता का कारण बताया।
BJP विधायक मंगल पांडे ने गठबंधन को 'परिवारवादी और स्वार्थी लोगों का समूह' करार दिया।

पटना में बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सहयोगी दलों के नेताओं ने 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर तीखा हमला बोला है। एनडीए नेताओं का कहना है कि यह गठबंधन शुरू से ही स्वार्थ की बुनियाद पर खड़ा था और अब वह बिखर रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK), झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) द्वारा 'इंडिया' गठबंधन की बैठक का बहिष्कार किया जाना इस बात का प्रमाण है कि इन दलों के बीच केवल 'स्वार्थ की राजनीति' है। उन्होंने कहा, 'जहाँ स्वार्थ है, वहाँ सिर फुटव्वल तय है। एनडीए पूरे देश में एकजुट है, बिहार में एकजुट है।'

यह ऐसे समय में आया है जब 'इंडिया' गठबंधन के कई घटक दल बैठक से दूरी बना रहे हैं, जिससे विपक्षी एकता पर सवाल उठ रहे हैं।

मंत्रियों की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन की स्थापना ही स्वार्थ के लिए हुई थी। उन्होंने कहा, 'सब लोग बिखर गए हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी टूट हुई है। DMK उनके साथ नहीं रहना चाहता है।' सुमन ने यह भी दावा किया कि 'आने वाले वक्त में सब लोग एनडीए के साथ होंगे और एनडीए को मजबूत करेंगे।'

बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक राहुल गांधी 'इंडिया' गठबंधन के नेतृत्व में हैं, तब तक यह गठबंधन सफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, 'विपक्ष के नेताओं को सोचने का वक्त आ गया है कि राहुल गांधी के साथ रहना है या अपनी नाव को बचाना है।' जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी क्षेत्रीय दलों को पनपने नहीं देंगे।

BJP विधायक का बयान

BJP विधायक मंगल पांडे ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन में 'कभी भी निरंतरता, एकजुटता और स्थायित्व नहीं रहा।' उन्होंने इसे 'स्वार्थी और परिवारवादी लोगों का समूह' बताया, जो अपने हितों की पूर्ति के लिए समय-समय पर विभिन्न दलों को जोड़कर गठबंधन बनाते हैं। गौरतलब है कि पांडे ने यह भी कहा कि सभी दल धीरे-धीरे यह समझ रहे हैं कि यह गठबंधन 'देश के विकास की सोच' से नहीं बना है।

आम जनता पर असर

विपक्षी दलों की आंतरिक कलह और बैठक बहिष्कार की यह स्थिति आगामी चुनावों में विपक्ष की रणनीति पर सीधा असर डाल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, DMK और JMM जैसे क्षेत्रीय दलों की दूरी 'इंडिया' गठबंधन की सामूहिक शक्ति को कमज़ोर करती है।

क्या होगा आगे

8 जून को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में कौन-कौन से दल शामिल होंगे और किस एजेंडे पर चर्चा होगी, यह देखना अहम होगा। बहिष्कार करने वाले दलों की वापसी या आगे की दूरी 'इंडिया' गठबंधन के भविष्य की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नेतृत्व और एजेंडे पर गहरे असंतोष का संकेत है। दूसरी ओर, एनडीए के दावे कि 'सब उनके साथ आएंगे' अभी केवल राजनीतिक बयानबाजी है — इसका परीक्षण अगले चुनावी चक्र में होगा। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि क्षेत्रीय दलों की नाराज़गी के पीछे सीट-बँटवारे और वैचारिक मतभेद दोनों हैं, जिन्हें केवल बैठकों से नहीं सुलझाया जा सकता।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'इंडिया' गठबंधन की 8 जून की बैठक क्या है?
यह 8 जून को नई दिल्ली में आयोजित विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की बैठक है, जिसमें गठबंधन की रणनीति और एकजुटता पर चर्चा होनी थी। हालाँकि DMK, JMM और CPI सहित कई दलों ने इसका बहिष्कार किया है।
DMK, JMM और CPI ने 'इंडिया' गठबंधन की बैठक का बहिष्कार क्यों किया?
बहिष्कार के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन एनडीए नेताओं ने इसे आंतरिक मतभेद और 'स्वार्थ की राजनीति' का परिणाम बताया है। रिपोर्टों के अनुसार, नेतृत्व और एजेंडे को लेकर इन दलों में असंतोष है।
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने 'इंडिया' गठबंधन पर क्या कहा?
संजय सरावगी ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन में 'स्वार्थ की राजनीति' है और जहाँ स्वार्थ होता है, वहाँ आपसी टकराव तय है। उन्होंने एनडीए को देशभर में एकजुट बताया।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में 'इंडिया' गठबंधन कभी सफल नहीं हो सकता और वे क्षेत्रीय दलों को पनपने नहीं देंगे। उन्होंने विपक्षी नेताओं से यह तय करने को कहा कि उन्हें राहुल गांधी के साथ रहना है या अपनी राजनीतिक स्थिति बचानी है।
'इंडिया' गठबंधन के बिखराव का विपक्षी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रमुख क्षेत्रीय दलों की दूरी विपक्ष की सामूहिक चुनावी ताकत को कमज़ोर करती है। आने वाले चुनावों में यह बिखराव सीट-बँटवारे और संयुक्त प्रचार अभियान दोनों को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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