इंडिया गठबंधन बैठक से पहले BJP का पलटवार: 'बिखर चुका है विपक्षी मोर्चा'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 8 जून को प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की बैठक से एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने विपक्षी मोर्चे पर तीखा हमला बोला है। BJP नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध की बुनियाद पर खड़ा यह गठबंधन अब व्यावहारिक रूप से बिखर चुका है और 8 जून की बैठक महज एक औपचारिकता है।
मनोज तिवारी का बयान
BJP सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन चुके हैं और आगे भी नए रिकॉर्ड बनाएंगे। उन्होंने कहा, 'जब तक वह स्वस्थ हैं, तब तक वह प्रधानमंत्री रहेंगे — देश की जनता ने यह ठान लिया है।'
तरुण चुघ की प्रतिक्रिया
BJP के महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि PM मोदी का कार्यकाल और भी लंबा होने वाला है, क्योंकि भारत का हर नागरिक उन्हें आगे बढ़ने का आशीर्वाद दे रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ 'विदेशी ताकतें' भारत में 'द्वेषपूर्ण वातावरण' बनाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन उनके अनुसार युवा पीढ़ी इन प्रयासों को पहचान रही है और उन्हें जनसमर्थन नहीं मिल रहा।
आर.पी. सिंह का विश्लेषण
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि PM मोदी 10 जून को देश के सर्वाधिक समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन जाएंगे। उन्होंने इंडिया गठबंधन की आंतरिक दरारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने संसद में अपनी सीट अलग करने की माँग की है और यह सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी विपक्ष के नेता के रूप में अपनी स्थिति बनाए रख पाएंगे। उनके अनुसार, कश्मीर से कन्याकुमारी तक यह गठबंधन कमज़ोर पड़ चुका है।
गठबंधन में दरारों के आरोप
BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट देखी जा रही है, उसी तर्ज़ पर इंडिया गठबंधन भी बिखर रहा है। उन्होंने कई उदाहरण गिनाए — DMK का अलग सीट का पत्र, शरद पवार की पार्टी का बैठक से दूरी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच उभरता विवाद, और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का गठबंधन से खुद को अलग कर लेना। सिन्हा ने इसके लिए राहुल गांधी की 'अवसरवादी राजनीति' को जिम्मेदार ठहराया।
आगे क्या
गौरतलब है कि 8 जून की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब गठबंधन के कई घटक दलों की सहभागिता संदिग्ध बताई जा रही है। BJP के इन बयानों को विपक्षी एकता की कोशिशों के बीच दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इंडिया गठबंधन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।