25 जुलाई 2026
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इंडिया गठबंधन स्वार्थ-प्रेरित, PM मोदी पर जनता का भरोसा ऐतिहासिक: JDU के संजय झा

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इंडिया गठबंधन स्वार्थ-प्रेरित, PM मोदी पर जनता का भरोसा ऐतिहासिक: JDU के संजय झा

सारांश

JDU के संजय झा ने इंडिया गठबंधन को वैचारिक एकता से रहित और स्वार्थ-प्रेरित करार दिया। साथ ही उन्होंने PM मोदी के लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने और आज भी बरकरार लोकप्रियता को देश के राजनीतिक इतिहास की अभूतपूर्व उपलब्धि बताया।

मुख्य बातें

JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 9 जून 2026 को पटना में इंडिया गठबंधन को 'स्वार्थ-प्रेरित मंच' करार दिया।
झा के अनुसार, गठबंधन के घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं और उनके बीच कोई वैचारिक एकता नहीं है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर जातीय जनगणना जैसे मुद्दों पर अलग रुख अपनाने का आरोप; कांग्रेस पर चुप्पी साधने का आरोप।
PM मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को झा ने ऐतिहासिक बताया — लगातार तीन बार जनता का भरोसा मिलना अभूतपूर्व।
झा ने 'पूर्वोदय' योजना के तहत बिहार , पश्चिम बंगाल और ओडिशा को केंद्रीय बजट में विशेष प्राथमिकता का उल्लेख किया।
विपक्ष के EVM संबंधी आरोपों को झा ने दोहरे मानदंड का उदाहरण बताते हुए खारिज किया।

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 9 जून 2026 को पटना में इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह विपक्षी मंच किसी वैचारिक साझेदारी पर नहीं, बल्कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विरोध के उद्देश्य पर टिका है। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी की लोकप्रियता बरकरार रहना देश के राजनीतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना है।

इंडिया गठबंधन पर संजय झा के आरोप

झा ने कहा, 'इंडिया गठबंधन वास्तव में कोई गठबंधन नहीं है। इसके घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते हैं और उनके बीच किसी प्रकार की वैचारिक एकता नहीं है।' उन्होंने तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि जो दल साथ मिलकर चुनाव लड़े, वे बाद में अलग रास्ते पर चले गए।

झा ने आरोप लगाया कि जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों को एकजुट करने का प्रयास किया था, तब उन्हें गठबंधन का संयोजक बनाने की चर्चा हुई, लेकिन कुछ दलों ने इसका विरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जातीय जनगणना जैसे अहम मुद्दों पर अलग रुख अपनाया, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) चुप्पी साधे रही।

जातीय जनगणना और गठबंधन की विरोधाभासी स्थिति

झा ने बताया कि बिहार में नीतीश कुमार ने जातीय गणना कराई, लेकिन इंडिया गठबंधन के कई सहयोगी दल इसका विरोध करते रहे। उन्होंने कहा, 'यह गठबंधन पूरी तरह स्वार्थ से प्रेरित है। इनके पास देश के विकास का कोई एजेंडा नहीं है।' यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन अपनी आंतरिक बैठकों में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।

PM मोदी के 12 वर्षों पर संजय झा का मूल्यांकन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर झा ने इसे देश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि मोदी किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते, बल्कि एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचे हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में विपक्ष बेहद कमजोर था, जबकि आज मजबूत विपक्ष, सोशल मीडिया और निरंतर राजनीतिक विमर्श के बावजूद जनता ने लगातार तीन बार मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

झा ने मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया — शौचालय निर्माण, हर घर तक पेयजल पहुँचाने की पहल, आधारभूत संरचना का विकास और रेलवे में हो रहे बदलाव — और कहा कि ये योजनाएँ जनता के विश्वास को मजबूत करती हैं।

पूर्वोदय और बिहार को विशेष प्राथमिकता

झा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'पूर्वोदय' की अवधारणा के तहत बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के विकास को देश की प्रगति के लिए आवश्यक बताया है। उन्होंने कहा कि हाल के केंद्रीय बजटों में बिहार को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

EVM विवाद और विपक्ष पर निशाना

झा ने विपक्ष के EVM संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जहाँ विपक्ष जीत जाता है, वहाँ EVM सही होती है और जहाँ हार होती है, वहाँ सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने विपक्ष से आत्ममंथन करने और यह समझने का आग्रह किया कि जनता उन्हें समर्थन क्यों नहीं दे रही। पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर उन्होंने कहा कि वहाँ लोकतांत्रिक मूल्यों का अभाव रहा है और चुनावों के दौरान बूथ कब्जाने जैसी घटनाएँ सामने आती रही हैं। झा ने यह भी कहा कि जब क्षेत्रीय दलों में लोकतंत्र की जगह परिवारवाद हावी हो जाता है, तो जनता का विश्वास धीरे-धीरे खत्म होने लगता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मोदी की 'ऐतिहासिक लोकप्रियता' का दावा उस समय आया है जब कई राज्यों में NDA को विधानसभा चुनावों में उलटफेर का सामना करना पड़ा है — यह संदर्भ झा के बयान में अनुपस्थित है। पूर्वोदय और बिहार को बजट प्राथमिकता का उल्लेख JDU की अपनी राजनीतिक ज़रूरतों से भी जुड़ा है, जो इस विश्लेषण को पूरी तरह निष्पक्ष नहीं बनाता।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय झा ने इंडिया गठबंधन को स्वार्थ-प्रेरित क्यों कहा?
JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि इंडिया गठबंधन के घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं और उनके बीच कोई वैचारिक एकता नहीं है। उनके अनुसार, इस मंच का एकमात्र उद्देश्य PM मोदी और NDA का विरोध करना है, न कि देश के विकास का कोई साझा एजेंडा पेश करना।
नीतीश कुमार और इंडिया गठबंधन के बीच क्या विवाद रहा?
संजय झा के अनुसार, जब नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों को एकजुट करने का प्रयास किया था, तब उन्हें गठबंधन का संयोजक बनाने की चर्चा हुई, लेकिन कुछ दलों ने इसका विरोध किया। इसके अलावा, बिहार में नीतीश कुमार द्वारा कराई गई जातीय गणना का गठबंधन के कई सहयोगी दल विरोध करते रहे।
PM मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को ऐतिहासिक क्यों बताया जा रहा है?
संजय झा ने कहा कि लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने के बाद भी किसी नेता की लोकप्रियता बरकरार रहना देश के राजनीतिक इतिहास में अभूतपूर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत विपक्ष, सोशल मीडिया और निरंतर राजनीतिक विमर्श के बावजूद जनता ने मोदी पर भरोसा जताया।
EVM विवाद पर JDU का क्या रुख है?
संजय झा ने विपक्ष के EVM संबंधी आरोपों को दोहरे मानदंड का उदाहरण बताते हुए खारिज किया। उन्होंने कहा कि जहाँ विपक्ष जीत जाता है, वहाँ EVM सही होती है और जहाँ हार होती है, वहाँ सवाल उठाए जाते हैं।
'पूर्वोदय' योजना क्या है और इसमें बिहार की क्या भूमिका है?
'पूर्वोदय' PM मोदी की वह अवधारणा है जिसके तहत बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के विकास को देश की समग्र प्रगति के लिए आवश्यक बताया गया है। संजय झा ने कहा कि हाल के केंद्रीय बजटों में बिहार को इस ढाँचे के तहत विशेष प्राथमिकता दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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