इंडिया गठबंधन स्वार्थ-प्रेरित, PM मोदी पर जनता का भरोसा ऐतिहासिक: JDU के संजय झा
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 9 जून 2026 को पटना में इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह विपक्षी मंच किसी वैचारिक साझेदारी पर नहीं, बल्कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विरोध के उद्देश्य पर टिका है। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी की लोकप्रियता बरकरार रहना देश के राजनीतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना है।
इंडिया गठबंधन पर संजय झा के आरोप
झा ने कहा, 'इंडिया गठबंधन वास्तव में कोई गठबंधन नहीं है। इसके घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते हैं और उनके बीच किसी प्रकार की वैचारिक एकता नहीं है।' उन्होंने तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि जो दल साथ मिलकर चुनाव लड़े, वे बाद में अलग रास्ते पर चले गए।
झा ने आरोप लगाया कि जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों को एकजुट करने का प्रयास किया था, तब उन्हें गठबंधन का संयोजक बनाने की चर्चा हुई, लेकिन कुछ दलों ने इसका विरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जातीय जनगणना जैसे अहम मुद्दों पर अलग रुख अपनाया, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) चुप्पी साधे रही।
जातीय जनगणना और गठबंधन की विरोधाभासी स्थिति
झा ने बताया कि बिहार में नीतीश कुमार ने जातीय गणना कराई, लेकिन इंडिया गठबंधन के कई सहयोगी दल इसका विरोध करते रहे। उन्होंने कहा, 'यह गठबंधन पूरी तरह स्वार्थ से प्रेरित है। इनके पास देश के विकास का कोई एजेंडा नहीं है।' यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन अपनी आंतरिक बैठकों में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
PM मोदी के 12 वर्षों पर संजय झा का मूल्यांकन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर झा ने इसे देश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि मोदी किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते, बल्कि एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचे हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में विपक्ष बेहद कमजोर था, जबकि आज मजबूत विपक्ष, सोशल मीडिया और निरंतर राजनीतिक विमर्श के बावजूद जनता ने लगातार तीन बार मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
झा ने मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया — शौचालय निर्माण, हर घर तक पेयजल पहुँचाने की पहल, आधारभूत संरचना का विकास और रेलवे में हो रहे बदलाव — और कहा कि ये योजनाएँ जनता के विश्वास को मजबूत करती हैं।
पूर्वोदय और बिहार को विशेष प्राथमिकता
झा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'पूर्वोदय' की अवधारणा के तहत बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के विकास को देश की प्रगति के लिए आवश्यक बताया है। उन्होंने कहा कि हाल के केंद्रीय बजटों में बिहार को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
EVM विवाद और विपक्ष पर निशाना
झा ने विपक्ष के EVM संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जहाँ विपक्ष जीत जाता है, वहाँ EVM सही होती है और जहाँ हार होती है, वहाँ सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने विपक्ष से आत्ममंथन करने और यह समझने का आग्रह किया कि जनता उन्हें समर्थन क्यों नहीं दे रही। पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर उन्होंने कहा कि वहाँ लोकतांत्रिक मूल्यों का अभाव रहा है और चुनावों के दौरान बूथ कब्जाने जैसी घटनाएँ सामने आती रही हैं। झा ने यह भी कहा कि जब क्षेत्रीय दलों में लोकतंत्र की जगह परिवारवाद हावी हो जाता है, तो जनता का विश्वास धीरे-धीरे खत्म होने लगता है।