मोदी सबसे लंबे समय तक निर्वाचित PM: BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने गिनाईं उपलब्धियाँ, इंडिया गठबंधन पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 5 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनना भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की एक असाधारण उपलब्धि है। उनके अनुसार, इस मील के पत्थर के साथ भारत ने विकास, राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक पहचान के मोर्चे पर नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं।
विकास और 'विकसित भारत' की दिशा
आरपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक और सांस्कृतिक — दोनों स्तरों पर तेज़ प्रगति दर्ज की है। उन्होंने कहा कि देश अब 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ आम नागरिकों तक पहुँच रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकार अपनी उपलब्धियों को लेकर व्यापक जन-संचार अभियान चला रही है।
इंडिया गठबंधन पर तीखी टिप्पणी
सिंह ने विपक्षी इंडिया गठबंधन को लेकर कहा, 'इंडिया गठबंधन को कभी किसी विचारधारा या सोच के आधार पर नहीं बनाया गया था। इसे सिर्फ इसलिए बनाया गया था क्योंकि वे पीएम मोदी का विरोध करना चाहते थे और जब आपसी हित टकराने लगे तो कुछ लोगों ने इस गठबंधन को छोड़ना शुरू कर दिया।' उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बहुत पहले ही गठबंधन से नाता तोड़ लिया है और उमर अब्दुल्ला ने खुद स्वीकार किया है कि इंडिया गठबंधन से उन्हें कुछ भी हासिल नहीं होने वाला।
ब्लूमबर्ग रिपोर्ट और विपक्ष पर आरोप
आरपी सिंह ने 2 जून को ब्लूमबर्ग में प्रकाशित उस रिपोर्ट का उल्लेख किया जिसमें दावा किया गया था कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) डॉलर को स्थिर करने के लिए सोना बेच रहा है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट 'गलत और बेबुनियाद' थी, और इसी आधार पर विपक्ष — विशेष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी — भारतीय अर्थव्यवस्था को 'मृत अर्थव्यवस्था' जैसे शब्दों से संबोधित करने लगे। गौरतलब है कि आलोचकों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों ही आर्थिक आँकड़ों की व्याख्या अपने-अपने राजनीतिक नज़रिये से करते हैं।
संतुलित विदेश नीति का दावा
सिंह ने यह भी कहा कि भारत आज किसी एक वैश्विक शक्ति पर निर्भर नहीं है, बल्कि संतुलित विदेश नीति अपनाकर राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रहा है। उनके अनुसार, रूस और अमेरिका — दोनों के साथ भारत के संबंध मज़बूत हैं और सरकार सदैव 'पहले देश का हित' के सिद्धांत पर चलती है। यह बयान ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब भारत की विदेश नीति की स्वायत्तता वैश्विक मंचों पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
आगे क्या
BJP के इस बयान के बाद विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। इंडिया गठबंधन की एकजुटता और RBI की सोना-बिक्री संबंधी रिपोर्ट — दोनों मुद्दे आने वाले दिनों में संसदीय बहस का हिस्सा बन सकते हैं।