इंडिया गठबंधन को मजबूत करें, वरना BJP एक-एक को खत्म करेगी: राशिद अल्वी
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने 7 जून को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक से पहले सहयोगी दलों से एकजुटता की जोरदार अपील की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से बाहर रखने के लिए समस्त विपक्षी दलों का एक मंच पर आना अनिवार्य है।
DMK से वापसी की अपील
अल्वी ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को सीधे संबोधित करते हुए कहा, "अगर उनका मकसद BJP का विरोध करना और उसे सत्ता से दूर रखना है, तो उन्हें इंडिया गठबंधन में शामिल होने पर फिर से विचार करना चाहिए।" उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा हैं। अल्वी के अनुसार BJP मुख्यतः उत्तर भारत की पार्टी है और दक्षिण भारत में उसकी पकड़ अपेक्षाकृत कमजोर है।
क्षेत्रीय दलों को चेतावनी
अल्वी ने उन क्षेत्रीय दलों को भी आगाह किया जो कांग्रेस से अलग हो गई हैं। उन्होंने कहा, "जो पार्टियाँ कांग्रेस छोड़कर चली गई थीं, उन्हें वापस आ जाना चाहिए। वरना BJP उन्हें एक-एक करके खत्म कर देगी।" उन्होंने जोर देकर कहा कि इंडिया गठबंधन को मजबूत करके 2026-27 के चुनावों में निर्णायक बदलाव लाना है।
CPI(M) के पत्र पर प्रतिक्रिया
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) द्वारा कांग्रेस को लिखे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए अल्वी ने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टियाँ एक-दूसरे के विरुद्ध बोलती हैं, लेकिन अब देश और संविधान की रक्षा का समय है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी एकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
गाजियाबाद हत्याकांड और 'लव जिहाद' बयान पर रुख
गाजियाबाद में सूर्य प्रताप चौहान हत्याकांड पर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के 'लव जिहाद' संबंधी बयान पर अल्वी ने कहा, "मैं ऐसे लोगों पर टिप्पणी नहीं करता जो देश में नफरत फैला रहे हैं।" उन्होंने हत्या की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को मृत्युदंड की माँग की, साथ ही उत्तर प्रदेश में कथित फर्जी एनकाउंटरों पर चिंता जताई। उनका कहना था कि जब लोग एनकाउंटर की माँग करते हैं तो न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल खड़ा होता है।
पश्चिम बंगाल मदरसा सर्वे पर हमला
पश्चिम बंगाल में मदरसों के सर्वे पर अल्वी ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा, "जहाँ भी BJP की सरकार है, वहाँ मस्जिदों और मदरसों पर हमला होता है।" आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान विपक्षी एकजुटता की कोशिशों को और जटिल बना सकते हैं। आने वाले हफ्तों में इंडिया गठबंधन की बैठक में इन सभी मुद्दों पर सहमति बनाने की चुनौती गठबंधन के सामने होगी।