क्या राजद और कांग्रेस के विधायकों में अपनी पार्टी और गठबंधन को लेकर नाराजगी है? : केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान
सारांश
Key Takeaways
- चिराग पासवान ने विपक्ष की आंतरिक कमजोरियों को उजागर किया।
- कांग्रेस और राजद में असंतोष का संकेत।
- भाषा विवाद पर सांस्कृतिक एकता का महत्व।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने मंगलवार को कांग्रेस और महागठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष की आंतरिक कमजोरियों को उजागर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद में असंतोष स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
चिराग पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "जब आपका अपना विधायक आपकी पार्टी के कार्यक्रम में नहीं आता, तो यह स्पष्ट दिखाता है कि वहां कुछ ठीक नहीं है। राजद और कांग्रेस के विधायकों में अपनी पार्टियों और गठबंधन को लेकर जो नाराजगी थी, वह अब सामने आ रही है। उनकी पार्टी और विधायक एकजुट रहेंगे या नहीं, इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।"
उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। तेजस्वी ने लोकतंत्र पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 'लोक की हार हुई, तंत्र जीता'। चिराग ने पलटवार करते हुए कहा, "यह कैसा लोकतंत्र है जिसका विपक्ष बार-बार जिक्र करता है? क्या इसी कारण आपको विपक्ष की भूमिका दी गई थी?"
इसके अलावा, महाराष्ट्र में चल रही भाषा विवाद पर चिराग पासवान ने कहा, "यह ऐसी सोच है जो देश को बांटती है। हम सभी भारतीय हैं, और हर भारतीय को सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "मैं ऐसी सोच का समर्थन नहीं करता, जहां आप एक विदेशी भाषा को अपनाते हैं, लेकिन एक भारतीय भाषा को अपनाने पर आपत्ति होती है।"