इंडिया ब्लॉक बैठक में तमिलनाडु अनुपस्थित: DMK ने कांग्रेस से नाराजगी में बनाई दूरी, TVK को न्योता नहीं
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 8 जून 2026 को आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक में तमिलनाडु का एक भी प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ — न द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की ओर से और न ही मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सत्ताधारी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की ओर से। यह अनुपस्थिति गठबंधन की दक्षिण भारतीय राजनीति में गहराती दरार का स्पष्ट संकेत है।
DMK की दूरी: कांग्रेस से बढ़ता टकराव
DMK, जो कभी इंडिया ब्लॉक की दक्षिण भारत में सबसे प्रभावशाली सहयोगी पार्टियों में गिनी जाती थी, ने इस बार बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया। पार्टी नेतृत्व के अनुसार, कांग्रेस के साथ बिगड़ते संबंध इसकी मुख्य वजह हैं। DMK के वरिष्ठ नेताओं ने बार-बार यह आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने दशकों पुरानी राजनीतिक साझेदारी को एक क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी के पक्ष में छोड़ दिया।
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नज़रअंदाज़ करना संभव नहीं है, इसलिए वे ऐसी बैठकों से दूरी बना रहे हैं जिनमें कांग्रेस की केंद्रीय भूमिका होती है।
TVK को न्योता क्यों नहीं मिला
गठबंधन सूत्रों के अनुसार, इंडिया ब्लॉक की बैठक में केवल उन्हीं दलों को आमंत्रित किया गया जिनके सदस्य लोकसभा या राज्यसभा में मौजूद हैं। TVK ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की और कांग्रेस के समर्थन से राज्य सरकार बनाई, लेकिन संसद में पार्टी की कोई स्वतंत्र उपस्थिति नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि TVK की संसदीय अनुपस्थिति एक सोची-समझी रणनीति का परिणाम है — कांग्रेस के साथ रिश्ते मज़बूत करने की कोशिश में पार्टी ने अपनी एकमात्र खाली राज्यसभा सीट अपने सहयोगी को दे दी, जिससे संसद में उसका सीधा प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया।
गठबंधन की दक्षिण भारतीय राजनीति पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक पहले से ही आंतरिक समन्वय की चुनौतियों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि DMK के बिना तमिलनाडु में गठबंधन की राजनीतिक पहुँच सीमित हो जाती है, क्योंकि राज्य में पार्टी का संगठनात्मक आधार और जनाधार अभी भी मज़बूत है।
कांग्रेस का TVK के साथ हाथ मिलाना और DMK को दरकिनार करना — यह फैसला दक्षिण भारत में गठबंधन की दीर्घकालिक रणनीति पर सवाल खड़े करता है।
आगे क्या होगा
फिलहाल DMK और कांग्रेस के बीच सुलह के कोई संकेत नहीं हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जब तक कांग्रेस TVK-DMK विवाद पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करती, तमिलनाडु इंडिया ब्लॉक की बैठकों से दूर ही रह सकता है। इंडिया ब्लॉक के लिए यह एक परीक्षा की घड़ी है — क्या गठबंधन अपने प्रमुख दक्षिण भारतीय घटकों को साथ लेकर चल पाएगा।