22 जुलाई 2026
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इंडिया ब्लॉक बैठक से पहले सीपीआई (एम) का कांग्रेस को पत्र, केरल चुनाव के आरोपों पर माँगा जवाब

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इंडिया ब्लॉक बैठक से पहले सीपीआई (एम) का कांग्रेस को पत्र, केरल चुनाव के आरोपों पर माँगा जवाब

सारांश

इंडिया ब्लॉक की 8 जून की बैठक से ठीक पहले सीपीआई (एम) ने कांग्रेस को आईना दिखाया — केरल चुनाव में BJP से कथित समझौते के आरोपों पर जवाब माँगा। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और खड़गे तक ने ये आरोप दोहराए थे। गठबंधन की एकता पर सवाल, पर सीपीआई (एम) ने संसदीय संघर्ष जारी रखने की बात भी कही।

मुख्य बातें

सीपीआई (एम) महासचिव एम.ए.
बेबी ने 6 जून 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को औपचारिक पत्र भेजा।
केरल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने सीपीआई (एम) और BJP के बीच कथित गुप्त समझौते का आरोप लगाया था — जिसे राहुल गांधी , प्रियंका गांधी और खड़गे ने बार-बार दोहराया।
पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर प्रधानमंत्री से कथित समझौते और ईडी द्वारा कार्रवाई न होने के सवाल उठाए गए थे।
सीपीआई (एम) ने 2023 की पटना बैठक से इंडिया ब्लॉक में योगदान और 10 वर्षों के एलडीएफ शासन में शून्य सांप्रदायिक दंगों का हवाला दिया।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह 8 जून की बैठक में भाग लेगी और संसद में संयुक्त संघर्ष जारी रखेगी।

वामपंथी दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई (एम) ने 6 जून 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक औपचारिक पत्र भेजकर केरल विधानसभा चुनाव के दौरान लगाए गए उन आरोपों पर स्पष्टीकरण माँगा है, जिनमें सीपीआई (एम) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कथित गुप्त समझौते की बात कही गई थी। यह पत्र 8 जून को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक से ठीक पहले आया है, जिससे विपक्षी गठबंधन के भीतर तनाव उजागर हो गया है।

पत्र में क्या कहा गया

सीपीआई (एम) महासचिव एम.ए. बेबी ने पत्र में लिखा कि उन्हें कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के माध्यम से 8 जून की बैठक की सूचना मिली। इसी संदर्भ में उन्होंने केरल चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस द्वारा चलाए गए उस अभियान का उल्लेख किया, जिसमें सीपीआई (एम) को BJP का सहयोगी बताया गया था।

बेबी ने रेखांकित किया कि ये आरोप किसी एक नेता के अलग-थलग बयान नहीं थे, बल्कि कांग्रेस के पूरे चुनाव अभियान की केंद्रीय धुरी थे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और स्वयं मल्लिकार्जुन खड़गे सहित शीर्ष कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को बार-बार दोहराया।

पिनाराई विजयन पर लगाए गए आरोप

पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री और सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो सदस्य पिनाराई विजयन पर प्रधानमंत्री के साथ कथित समझौते का आरोप लगाया गया था। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजयन से पूछताछ या गिरफ्तारी क्यों नहीं की — एक सवाल जिसे बेबी ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया।

इंडिया ब्लॉक की एकता पर सवाल

बेबी ने याद दिलाया कि इंडिया ब्लॉक का गठन मूलतः BJP के खिलाफ संयुक्त राजनीतिक मोर्चे के रूप में हुआ था और सीपीआई (एम) ने 2023 की पटना बैठक से ही इस गठबंधन को मजबूत करने में ईमानदारी से योगदान दिया है। उनके अनुसार, ऐसे में सीपीआई (एम) को BJP का सहयोगी बताना न केवल गंभीर है, बल्कि गठबंधन की आत्मा के विरुद्ध भी है।

पत्र में यह भी कहा गया कि केरल में आरएसएस-BJP के खिलाफ दशकों के संघर्ष में सीपीआई (एम) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिया है। साथ ही, पिछले 10 वर्षों के वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) शासन में राज्य में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ — जिसे पार्टी अपनी धर्मनिरपेक्ष प्रतिबद्धता का प्रमाण मानती है।

सीपीआई (एम) का रुख: संघर्ष जारी रहेगा

हालाँकि, पत्र के समापन में सीपीआई (एम) ने स्पष्ट किया कि वह संसद के भीतर इंडिया ब्लॉक और अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर केंद्र सरकार के खिलाफ संयुक्त संघर्ष जारी रखेगी। यह संकेत देता है कि पार्टी गठबंधन से बाहर नहीं जाना चाहती, लेकिन आरोपों पर जवाबदेही की माँग से पीछे हटने को भी तैयार नहीं है।

यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक पहले से ही आंतरिक समन्वय की चुनौतियों से जूझ रहा है और 8 जून की बैठक से पहले यह पत्र गठबंधन की आगामी रणनीति पर गहरी छाया डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'BJP एजेंट' जैसे आरोप गठबंधन की विश्वसनीयता को राष्ट्रीय स्तर पर कमज़ोर करते हैं। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस नेतृत्व 8 जून की बैठक से पहले कोई ठोस जवाब देगा, या इसे चुप्पी से टाल देगा — और उस चुप्पी का गठबंधन की आगामी रणनीति पर क्या असर पड़ेगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीपीआई (एम) ने कांग्रेस को पत्र क्यों लिखा?
सीपीआई (एम) ने केरल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा लगाए गए उन आरोपों पर स्पष्टीकरण माँगने के लिए पत्र लिखा, जिनमें सीपीआई (एम) और BJP के बीच कथित गुप्त समझौते की बात कही गई थी। पार्टी का कहना है कि ये आरोप इंडिया ब्लॉक की एकता और उद्देश्य पर सवाल उठाते हैं।
इंडिया ब्लॉक की 8 जून की बैठक में क्या होने की उम्मीद है?
8 जून 2026 को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक में विपक्षी दलों के बीच संसदीय रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है। सीपीआई (एम) ने स्पष्ट किया है कि वह बैठक में भाग लेगी, लेकिन केरल चुनाव के आरोपों पर कांग्रेस से जवाब की माँग भी बनाए रखेगी।
पिनाराई विजयन पर कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए थे?
कांग्रेस नेताओं ने केरल चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर प्रधानमंत्री के साथ कथित समझौते का आरोप लगाया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजयन से पूछताछ या गिरफ्तारी क्यों नहीं की।
क्या सीपीआई (एम) इंडिया ब्लॉक छोड़ने की तैयारी में है?
नहीं। पत्र के अंत में सीपीआई (एम) ने स्पष्ट किया कि वह संसद के भीतर इंडिया ब्लॉक और अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर केंद्र सरकार के खिलाफ संयुक्त संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी गठबंधन में बनी रहेगी, लेकिन आरोपों पर जवाबदेही की माँग कर रही है।
इंडिया ब्लॉक में सीपीआई (एम) की भूमिका क्या रही है?
सीपीआई (एम) के अनुसार, पार्टी ने 2023 की पटना बैठक से ही इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने में ईमानदारी से योगदान दिया है। पार्टी ने केरल में 10 वर्षों के वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) शासन में शून्य सांप्रदायिक दंगों और आरएसएस-BJP के खिलाफ दशकों के संघर्ष को अपनी धर्मनिरपेक्ष प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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