24 जुलाई 2026
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इंडिया ब्लॉक बैठक में खड़गे का आह्वान: डिलिमिटेशन बिल हार के बाद विपक्षी एकता को और धार देने की जरूरत

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इंडिया ब्लॉक बैठक में खड़गे का आह्वान: डिलिमिटेशन बिल हार के बाद विपक्षी एकता को और धार देने की जरूरत

सारांश

तीन साल पुराने इंडिया गठबंधन की नई दिल्ली बैठक में खड़गे ने 17 अप्रैल की डिलिमिटेशन जीत को आधार बनाकर एकता को धार देने का संकल्प दोहराया — मताधिकार, अर्थव्यवस्था और विदेश नीति को केंद्रीय मुद्दे बताते हुए।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 जून 2026 को नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में कांग्रेस , TMC समेत कई विपक्षी दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए।
खड़गे ने 17 अप्रैल को लोकसभा में डिलिमिटेशन विधेयकों की हार को गठबंधन की एकता की मिसाल बताया।
उन्होंने SIR प्रक्रिया से मताधिकार खतरे, जाँच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग, MSME संकट और परीक्षा कुप्रबंधन पर केंद्र को घेरा।
बैठक के बाद सभी दलों ने संयुक्त मीडिया संबोधन किया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में विपक्षी एकता को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया। इस बैठक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), तृणमूल कांग्रेस (TMC) समेत कई दलों के शीर्ष नेता उपस्थित रहे।

बैठक का संदर्भ और पृष्ठभूमि

खड़गे ने नेताओं का स्वागत करते हुए याद दिलाया कि यह गठबंधन लगभग तीन वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया था। उन्होंने 17 अप्रैल को लोकसभा में मिली सफलता का उल्लेख किया, जब इंडिया ब्लॉक ने एकजुट होकर डिलिमिटेशन से जुड़े केंद्र सरकार के उन विधेयकों को परास्त किया, जिन्हें गठबंधन ने 'दुर्भावनापूर्ण' करार दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों की एकता को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं।

केंद्र सरकार पर खड़गे के प्रमुख आरोप

खड़गे ने केंद्र सरकार पर कई मोर्चों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के कारण करोड़ों नागरिकों का मताधिकार खतरे में है और संविधान पर हमले लगातार जारी हैं। उनके अनुसार जाँच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को 'परेशान करने और डराने-धमकाने' के लिए किया जा रहा है।

आर्थिक मोर्चे पर खड़गे ने कहा कि जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, नए निवेश अपेक्षित गति से नहीं आ रहे, कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र गंभीर संकट में है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली के कुप्रबंधन के कारण लाखों युवाओं की आकांक्षाओं के साथ 'विश्वासघात' हो रहा है।

सामाजिक और विदेश नीति पर चिंता

खड़गे ने आरोप लगाया कि गैर-भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है और BJP-शासित राज्यों में कमजोर वर्गों पर अत्याचार जारी हैं। विदेश नीति पर उन्होंने कहा कि भारत के पारंपरिक मूल्यों और वैश्विक स्थिति के साथ 'पूरी तरह समझौता' किया गया है।

आगे की रणनीति

खड़गे ने प्रत्येक दल के नेताओं से आग्रह किया कि वे अपने विचार रखें, जिसके बाद गठबंधन आगे उठाए जाने वाले कदमों पर सामूहिक चर्चा करेगा। बैठक के बाद सभी नेताओं ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करने की योजना बनाई। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब कई राज्यों में चुनावी सरगर्मी तेज है और विपक्षी समन्वय की परीक्षा निकट भविष्य में होनी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह संसद में एकमुश्त मतदान था, न कि राज्यों में चुनावी तालमेल की परीक्षा। खड़गे ने जो मुद्दे गिनाए — महंगाई, MSME, परीक्षा घोटाले, विदेश नीति — वे व्यापक हैं, पर इनमें से किसी पर भी इंडिया ब्लॉक की कोई साझा वैकल्पिक नीति सामने नहीं आई। बिना ठोस एजेंडे के एकता के आह्वान, भले कितने भी ऊर्जावान हों, मतदाताओं को दीर्घकालिक विश्वसनीयता नहीं दे पाते।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक की 8 जून 2026 की बैठक में क्या हुआ?
नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में कांग्रेस, TMC समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी एकता को और मजबूत करने का आह्वान किया और केंद्र सरकार पर राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक मोर्चों पर निशाना साधा।
खड़गे ने डिलिमिटेशन बिल का जिक्र क्यों किया?
खड़गे ने 17 अप्रैल को लोकसभा में इंडिया ब्लॉक द्वारा केंद्र सरकार के डिलिमिटेशन विधेयकों को परास्त करने की घटना को गठबंधन की एकता की सबसे बड़ी मिसाल बताया। उन्होंने इसी भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
खड़गे ने SIR को लेकर क्या कहा?
खड़गे ने आरोप लगाया कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) प्रक्रिया के कारण करोड़ों नागरिकों का मताधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने इसे संविधान पर हमले की एक कड़ी बताया।
इंडिया ब्लॉक आगे क्या कदम उठाएगा?
बैठक में प्रत्येक दल के नेताओं ने अपने विचार रखे और आगे की रणनीति पर सामूहिक चर्चा की गई। इसके बाद सभी नेताओं ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया, हालांकि किसी ठोस कार्ययोजना की आधिकारिक घोषणा की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई।
इंडिया गठबंधन कब बना था?
खड़गे के अनुसार इंडिया गठबंधन लगभग तीन वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया था। यह गठबंधन भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत सरकार के विरुद्ध विभिन्न विपक्षी दलों को एकजुट करने के उद्देश्य से बना था।
राष्ट्र प्रेस
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