इंडिया गठबंधन की बैठक: खड़गे ने माँगी सर्वदलीय बैठक, 25 दलों ने 5 मुद्दों पर बनाई सहमति
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 जून 2026 को नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इंडिया ब्लॉक गठबंधन की बैठक के बाद केंद्र सरकार से माँग की कि वह आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों के मुद्दों और अन्य जनसरोकार के विषयों पर तत्काल एक सर्वदलीय बैठक बुलाए। इस बैठक में 25 राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और पाँच प्रमुख बिंदुओं पर आम सहमति बनी।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
सोमवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई दलों के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए और अपनी सहमति जताई।
पाँच बिंदुओं पर बनी सहमति
खड़गे ने मीडिया के सामने उन पाँच बिंदुओं को पढ़कर सुनाया जिन पर गठबंधन ने एकमत होकर काम करने का निर्णय लिया। पहला — एसआईआर (SIR) और मतदाता सूची में हेरफेर तथा चुनाव की निष्पक्षता के संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शीघ्र एक पत्र भेजा जाएगा। दूसरा — नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में लाखों युवाओं के साथ हुए विश्वासघात को देखते हुए शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
तीसरा — बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, अत्याचार और किसानों के मुद्दों को गठबंधन लगातार उठाता रहेगा। चौथा — केंद्र सरकार को जनसरोकार से जुड़े विषयों पर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। पाँचवाँ — मानसून सत्र के दौरान संसदीय समन्वय के लिए नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में हर सुबह बैठक आयोजित की जाएगी।
आगे की रणनीति
खड़गे ने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन के सभी दल अब हर दो महीने में बैठक करेंगे। गठबंधन की अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में आयोजित होगी। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष मानसून सत्र से पहले एकजुट मोर्चा तैयार करने की कोशिश में है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने बैठक के बाद कहा कि पाँच अहम मुद्दों पर एक कमेटी गठित की गई है और गठबंधन के सभी दल एकजुट हैं। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब नीट परीक्षा विवाद और आर्थिक मुद्दों पर विपक्ष केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है। आलोचकों का कहना है कि गठबंधन की एकता की असली परीक्षा संसद के भीतर समन्वित रणनीति से होगी।