इंडिया ब्लॉक बैठक दिल्ली में उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न, अगली बैठक हैदराबाद में: संजय राउत
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने 8 जून को मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इंडिया ब्लॉक गठबंधन की दिल्ली में हुई बैठक बेहद सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि इस बैठक में 23 राजनीतिक दल शामिल हुए और कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
राउत के अनुसार, बैठक में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित करीब 23 दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
उद्धव ठाकरे की अहम माँगें
बैठक में उद्धव ठाकरे ने ज़ोर देकर कहा कि लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से प्रभावी मुकाबले और देश में बदलाव लाने के लिए इंडिया ब्लॉक को एक प्रधानमंत्री पद का चेहरा सामने लाना चाहिए। साथ ही उन्होंने गठबंधन के लिए एक कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने और नियमित बैठकें आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
राउत ने इस बात से सहमति जताते हुए कहा, 'साल में एक बार मिलना पर्याप्त नहीं है। हमें लगातार बैठकें करनी होंगी।' हेमंत सोरेन का भी यही मत था।
पाँच मुद्दों पर बनी सहमति
राउत ने बताया कि बैठक में पाँच प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी। इनमें सबसे पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया, जिसमें देश में हो रही घटनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, इंडिया ब्लॉक की अगली बैठक हैदराबाद में आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी दलों में एकमत है कि संघर्ष जारी रहेगा।
DMK और TMC पर राउत का बयान
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) का उल्लेख करते हुए राउत ने कहा कि गठबंधन उन्हें बुलाएगा और यदि वे इंडिया अलायंस के सदस्य हैं तो जुड़े रहें। उन्होंने कहा, 'राजनीति में कुछ भी हो सकता है।'
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आ रही दरारों पर राउत ने शिवसेना के अपने अनुभव से तुलना करते हुए कहा कि जब शिवसेना से लोग गए, तो वे डरे नहीं और बिना हथियार डाले लड़ते रहे। उन्होंने ममता बनर्जी को परोक्ष संदेश देते हुए कहा, 'जिन्होंने दिल तोड़ा और बेईमान व गद्दार साबित हुए, उन्हें भूल जाना चाहिए। जिनमें हिम्मत है, वे लड़ें — देश उनके साथ है।'
आगे क्या होगा
इंडिया ब्लॉक की अगली बैठक हैदराबाद में प्रस्तावित है, जहाँ गठबंधन के भावी रणनीतिक एजेंडे पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। गठबंधन के भीतर नेतृत्व और समन्वय का सवाल अभी भी खुला है, जो आने वाले हफ्तों में केंद्रीय बहस का विषय बन सकता है।