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इंडिया ब्लॉक की बैठक 2029 की रणनीति के लिए, राहुल गांधी के नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं: संजय राउत

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इंडिया ब्लॉक की बैठक 2029 की रणनीति के लिए, राहुल गांधी के नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं: संजय राउत

सारांश

इंडिया ब्लॉक की नई दिल्ली बैठक महज एक औपचारिकता नहीं — यह 2029 की जंग की पहली खुली घोषणा है। संजय राउत ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर मुहर लगाई और प्रधानमंत्री चेहरे की चर्चा छेड़ी, जो गठबंधन के भीतर नई बहस का संकेत है।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने 8 जून को नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले गठबंधन की एकजुटता की पुष्टि की।
राउत ने कहा कि बैठक 2029 लोकसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई है।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर गठबंधन के भीतर कोई सवाल नहीं; उद्धव ठाकरे और राउत वर्चुअली शामिल हुए।
राउत ने कहा कि 2029 में गठबंधन प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरा लेकर जाएगा।
राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने महंगाई, रोजगार और नीट पेपर लीक को बैठक के प्रमुख एजेंडे में बताया।
सिंह ने कहा कि यदि नीतीश कुमार गठबंधन के साथ होते, तो PM मोदी 12 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते।

शिवसेना (यूबीटी) के नेता और सांसद संजय राउत ने 8 जून को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले स्पष्ट किया कि यह बैठक 2029 लोकसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई है और गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व पर गठबंधन के भीतर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा।

बैठक का उद्देश्य और भागीदारी

राउत ने कहा, 'इंडिया ब्लॉक के लोग आपस में नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि हम 2029 की लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।' उन्होंने बताया कि गठबंधन के लगभग सभी सदस्य इस बैठक में शामिल हो रहे हैं और वे स्वयं तथा शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे वर्चुअल माध्यम से बैठक में हिस्सा लेंगे। राउत ने कहा कि इंडिया अलायंस एकजुट है और राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे की रणनीति तय की जाएगी।

2029 के लिए प्रधानमंत्री चेहरे पर संकेत

राउत ने यह भी कहा कि 2029 के चुनाव में गठबंधन को प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरा लेकर जाना होगा। उन्होंने गठबंधन के एजेंडे को 'राष्ट्रभक्ति का एजेंडा' बताते हुए कहा कि देश की रक्षा और सम्मान इसके केंद्र में है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से हटाना उनका प्राथमिक लक्ष्य है।

BJP और पश्चिम बंगाल पर तंज

राउत ने पश्चिम बंगाल के BJP नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद उनके 'दिमाग में सत्ता की हवा चढ़ गई है।' उन्होंने कहा कि जो लोग इंडिया ब्लॉक की प्रासंगिकता पर सवाल उठा रहे हैं और ममता बनर्जी के बारे में टिप्पणी कर रहे हैं, वे गलत कर रहे हैं। राउत ने सत्तारूढ़ पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'उनको आत्मचिंतन करना चाहिए कि चुनाव जीतने के लिए क्या-क्या किया? हम इस तरह के काम नहीं करेंगे। हम आपसे लड़ेंगे और जीतेंगे।'

राम मंदिर विवाद पर राउत का बयान

राउत ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के राम मंदिर में धन संबंधी आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि उन्होंने कुछ कहा है तो उसमें जरूर कोई बात होगी। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया जिसके आधार पर ये आरोप लगाए गए हैं।

कांग्रेस नेता का बयान और नीतीश कुमार पर टिप्पणी

राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि महंगाई, युवाओं के लिए रोजगार और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सभी विपक्षी दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे सरकार को जवाबदेह ठहराएं। उन्होंने यह भी कहा कि जो दल अभी बैठक में शामिल नहीं हो रहे, वे भी मौजूदा स्थिति को लेकर चिंतित हैं और जल्द अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे। सिंह ने कहा कि यदि नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन के साथ होते, तो वे प्रधानमंत्री होते और PM नरेंद्र मोदी 12 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते। इंडिया ब्लॉक की यह बैठक 2029 के चुनावी समर की दिशा तय करने की पहली बड़ी कोशिश मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है — 2029 के लिए प्रधानमंत्री चेहरे का सवाल गठबंधन के भीतर सबसे बड़ा विभाजन-बिंदु बन सकता है। राउत का 'एक चेहरा' वाला बयान राहुल गांधी की दावेदारी की ओर इशारा करता है, जबकि ममता बनर्जी जैसे क्षेत्रीय दिग्गज अभी भी अपनी शर्तों पर गठबंधन में हैं। नीतीश कुमार पर अखिलेश प्रसाद सिंह की टिप्पणी बताती है कि विपक्ष अभी भी 'क्या हो सकता था' की राजनीति में जी रहा है — जो 2029 की ठोस रणनीति से ज्यादा पुरानी कसक है। बिना साझा न्यूनतम कार्यक्रम और सीट-बंटवारे के ढाँचे के, यह बैठक घोषणा तो है, दिशा नहीं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक की 8 जून की बैठक किसलिए बुलाई गई थी?
यह बैठक 2029 लोकसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी। संजय राउत के अनुसार, गठबंधन के लगभग सभी सदस्य इसमें शामिल हुए और महंगाई, रोजगार तथा नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई गई।
क्या राहुल गांधी के नेतृत्व पर इंडिया ब्लॉक में कोई विवाद है?
संजय राउत ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व पर गठबंधन के भीतर कोई सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि इंडिया अलायंस एकजुट है और राहुल गांधी के नेतृत्व में ही आगे की रणनीति तय होगी।
2029 में इंडिया ब्लॉक का प्रधानमंत्री उम्मीदवार कौन होगा?
संजय राउत ने कहा कि 2029 के चुनाव में गठबंधन को प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरा लेकर जाना होगा, लेकिन उन्होंने किसी नाम की घोषणा नहीं की। यह निर्णय गठबंधन की आगामी रणनीतिक बैठकों में तय होने की उम्मीद है।
अखिलेश प्रसाद सिंह ने नीतीश कुमार के बारे में क्या कहा?
राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि यदि नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन के साथ होते, तो वे प्रधानमंत्री होते और PM मोदी 12 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते। उन्होंने यह भी कहा कि जो दल अभी बैठक में नहीं आए, वे जल्द अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे।
राम मंदिर विवाद पर संजय राउत का क्या कहना है?
राउत ने अखिलेश यादव के राम मंदिर में धन संबंधी आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने जो कहा है उसमें जरूर कोई बात होगी। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया जिसके आधार पर ये आरोप लगाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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