कांग्रेस की 11 जून को अहम बैठक: खड़गे करेंगे अध्यक्षता, विपक्षी एकता और राजनीतिक रणनीति पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में सभी एआईसीसी महासचिवों, राज्य प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्षों की एक जरूरी बैठक बुलाई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस/INC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम और विपक्षी एकजुटता की रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी।
बैठक की पृष्ठभूमि
वेणुगोपाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा के लिए 11 जून 2026 को इंदिरा भवन में एआईसीसी के महासचिवों, प्रभारियों और पीसीसी अध्यक्षों की एक जरूरी बैठक होगी। आईएनसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे।' यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी गठबंधन के भीतर आंतरिक तनाव की खबरें सामने आ रही हैं।
'इंडिया' ब्लॉक की बैठक के बाद नई रणनीति
यह आंतरिक बैठक 8 जून 2026 को हुई 'इंडिया' गठबंधन की 'इंडिया जनबंधन' बैठक के महज तीन दिन बाद बुलाई गई है। उस बैठक में गठबंधन की भविष्य की रणनीति और अहम राजनीतिक मुद्दों पर तालमेल पर चर्चा हुई थी। खड़गे ने उस अवसर पर नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ 'संयुक्त लड़ाई' की सराहना की और कहा कि इसी एकजुटता के कारण लोकसभा में परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जुड़े 'दुर्भावनापूर्ण' विधेयक विफल हो सके।
खड़गे के प्रमुख आरोप और एजेंडा
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर संविधान पर हमले और राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने के लिए जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने देश के आर्थिक हालात को लेकर भी चिंता जताई, खासकर पश्चिम एशिया संकट के संदर्भ में।
खड़गे के अनुसार, नई नौकरियाँ पैदा करने के लिए आवश्यक गति से नया निवेश नहीं आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) का भविष्य गंभीर संकट में है।
विपक्षी गठबंधन को पुनर्जीवित करने की कोशिश
गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनावों में हार के बाद 'इंडिया' गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं। खड़गे ने इस बैठक में गठबंधन को फिर से खड़ा करने के लिए एक रणनीतिक योजना साझा की और केंद्र सरकार के खिलाफ एक मजबूत तथा टिकाऊ मोर्चा बनाने के लिए सभी संबंधित हितधारकों से सक्रिय योगदान की माँग की।
आगे क्या
11 जून की इस आंतरिक बैठक के बाद कांग्रेस की रणनीतिक दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। आलोचकों का कहना है कि विपक्षी एकता तभी कारगर होगी जब गठबंधन के सदस्य दल सीट-बँटवारे और साझा एजेंडे पर ठोस सहमति बना सकें। आने वाले हफ्तों में 'इंडिया' ब्लॉक की अगली बैठक और उसमें होने वाले निर्णय इस दिशा में निर्णायक साबित होंगे।