डीएमके का इंडिया अलायंस बैठक बहिष्कार: BJP सांसद दिनेश शर्मा बोले — कांग्रेस 'गद्दार' कहलाई, क्योंकि सत्ता के लिए विरोधियों से हाथ मिलाया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद दिनेश शर्मा ने 5 जून 2026 को कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) द्वारा 8 जून को नई दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया अलायंस की बैठक का बहिष्कार किया जाना कांग्रेस की राजनीतिक विश्वसनीयता के संकट को उजागर करता है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के लिए उन्हीं दलों से गठबंधन किया जिनके खिलाफ वह चुनाव लड़ी थी, और इसी कारण DMK ने उसे 'गद्दार' की संज्ञा दी।
मुख्य घटनाक्रम
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद DMK ने 8 जून को दिल्ली में होने वाली इंडिया अलायंस की बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। एमके स्टालिन की पार्टी ने इस निर्णय के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन पहले से ही आंतरिक दबावों से जूझ रहा है।
BJP की प्रतिक्रिया
BJP सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "जनता ने उन्हें चुनाव में हराया था, फिर भी वे DMK के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़े और सत्ता के लिए उन्हीं के साथ सरकार बना ली, जिनके खिलाफ चुनाव लड़ा था। इसी वजह से DMK ने उन्हें 'गद्दार' कहा।" उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के गठबंधन सहयोगियों को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस में भरोसे की कोई गुंजाइश नहीं है और उन्हें सावधान रहना चाहिए।
RBI के स्वर्ण भंडार पर BJP का स्पष्टीकरण
शर्मा ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि आधिकारिक रूप से RBI ने स्पष्ट किया है कि कोई सोना नहीं बेचा गया और भौतिक स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर बरकरार है। उल्लेखनीय है कि RBI ने 3 जून तक के आँकड़ों के आधार पर पुष्टि की है कि फिजिकल गोल्ड रिज़र्व अपरिवर्तित है। बैंक ने आम जनता को सलाह दी है कि वे इस विषय पर केवल RBI के आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।
कांग्रेस पर प्रोपेगैंडा का आरोप
शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अब एक प्रोपेगैंडा-संचालित पार्टी बन गई है। उनके अनुसार, "कांग्रेस को अब अहसास हो रहा है कि भारत सरकार की योजनाएँ जाति, धर्म या क्षेत्र पर आधारित नहीं हैं, बल्कि सभी के कल्याण के लिए लागू की जा रही हैं। इन योजनाओं पर जनता का भरोसा बढ़ रहा है, जिससे कांग्रेस परेशान है — इसीलिए वे अर्थव्यवस्था, पाकिस्तान, 'ऑपरेशन सिंदूर', अमेरिका के साथ समझौतों और किसानों जैसे मुद्दों पर झूठा प्रोपेगैंडा फैला रही है।"
आगे की राह
गौरतलब है कि DMK का यह बहिष्कार इंडिया अलायंस की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व DMK की नाराज़गी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और क्या 8 जून की बैठक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती है।