10 अगस्त 2026
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सुखबीर सिंह बादल ने केजरीवाल को दी पंजाब पेपर लीक पर खुली बहस की चुनौती, 10 लाख छात्र प्रभावित

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सुखबीर सिंह बादल ने केजरीवाल को दी पंजाब पेपर लीक पर खुली बहस की चुनौती, 10 लाख छात्र प्रभावित

सारांश

SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बठिंडा के राजिंदरा कॉलेज में छात्रों के धरने को संबोधित करते हुए केजरीवाल को पंजाब के 10 से अधिक पेपर लीक पर खुली बहस की ललकार दी — और 10 लाख प्रभावित छात्रों का हवाला देकर AAP सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

मुख्य बातें

SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 10 अगस्त 2026 को बठिंडा में केजरीवाल को पंजाब पेपर लीक पर खुली बहस की चुनौती दी।
पंजाब में 10 से अधिक पेपर लीक और भर्ती घोटालों में 10 लाख से अधिक छात्र प्रभावित बताए गए हैं।
प्रदर्शनकारी मंत्री हरजोत बैंस और बलबीर सिंह के इस्तीफे तथा सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं।
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय गड़बड़ियों के कारण कई भर्तियों पर पहले ही रोक लगा चुका है।
बादल ने घोषणा की कि दोषी मंत्रियों के इस्तीफे तक 'भविख बचाओ मोर्चा' का आंदोलन जारी रहेगा।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 10 अगस्त 2026 को बठिंडा के सरकारी राजिंदरा कॉलेज में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पंजाब में 10 से अधिक पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर खुली बहस की चुनौती दी। बादल ने केजरीवाल से यह स्पष्ट करने की माँग की कि बार-बार परीक्षा पत्र लीक होने और 10 लाख से अधिक छात्रों के प्रभावित होने के बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

धरने की पृष्ठभूमि

बादल 'भविख बचाओ मोर्चा' के तहत आयोजित धरने को संबोधित कर रहे थे, जिसका नेतृत्व अकाली दल की छात्र शाखा स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (SOI) कर रही है। प्रदर्शनकारी छात्र मंत्री हरजोत बैंस और बलबीर सिंह के इस्तीफे तथा पेपर लीक मामले की सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं। धरनास्थल पर 'हरजोत बैंस इस्तीफा दें' के नारे गूँजते रहे।

बादल की केजरीवाल को सीधी चुनौती

बादल ने केजरीवाल को पंजाब की उनकी पसंद की किसी भी यूनिवर्सिटी में खुली बहस के लिए ललकारते हुए कहा, 'मैं आपकी पोल खोल दूंगा। मैं पंजाब की जनता के सामने यह साफ कर दूंगा कि आपने कैसे पेपर लीक किए। कैसे बाहरी लोगों को नौकरियाँ दी गईं, इसके लिए मैं तथ्य और आँकड़े पेश करूँगा, और कैसे पंजाब के युवाओं को नजरअंदाज किया गया।' उन्होंने केजरीवाल पर दिल्ली के छात्रों के लिए दिखावटी सहानुभूति जताने और पंजाब के छात्रों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। बादल ने पूछा, 'क्या वे आपके बच्चे नहीं हैं? आप पंजाब के छात्रों के साथ ऐसा धोखा क्यों कर रहे हैं?'

AAP सरकार पर विरोधाभास का आरोप

बादल ने AAP सरकार की इस बात के लिए भी निंदा की कि वह पेपर लीक की घटनाओं से इनकार कर रही है, जबकि मुख्यमंत्री ने पहले एक पोस्ट में इसे स्वीकार किया था। गौरतलब है कि पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के कारण कई भर्तियों पर रोक लगा दी है। बादल ने कहा, 'अगर पेपर लीक नहीं हुआ होता तो हजारों छात्र यहाँ धरना नहीं दे रहे होते।'

आंदोलन जारी रखने का संकल्प

बादल ने घोषणा की कि जब तक 'दोषी' मंत्री इस्तीफा नहीं देते, यह आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों से 'दिल्ली वालों' को पंजाब से बाहर करने का संकल्प लेने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा, 'SAD पंजाब की अपनी पार्टी है; हम आपकी सुरक्षा का वादा करते हैं क्योंकि आप हमारा परिवार हैं और यह हमारा घर है। हम बाहरी नहीं हैं, और यही सबसे बड़ा फर्क है।' यह टकराव ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में तेज हो रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे SAD की अपनी विश्वसनीयता की कसौटी पर भी परखना होगा — पार्टी स्वयं पंजाब में लंबे समय तक सत्ता में रही और उस दौर में भर्ती प्रक्रियाओं पर सवाल उठते रहे हैं। AAP सरकार का पेपर लीक से पहले इनकार और फिर मुख्यमंत्री की पोस्ट में स्वीकृति — यह विरोधाभास गंभीर है और न्यायालय की रोक इसे और पुख्ता करती है। असली सवाल यह है कि 10 लाख प्रभावित छात्रों के लिए राहत और जवाबदेही कब आएगी — चुनावी मंच पर बहस की चुनौती उसका विकल्प नहीं बन सकती।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखबीर सिंह बादल ने केजरीवाल को किस मुद्दे पर बहस की चुनौती दी?
SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने केजरीवाल को पंजाब में 10 से अधिक पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर खुली बहस की चुनौती दी, जिनसे 10 लाख से अधिक छात्र प्रभावित बताए गए हैं। उन्होंने केजरीवाल से पंजाब की किसी भी यूनिवर्सिटी में बहस के लिए आने को कहा।
'भविख बचाओ मोर्चा' क्या है और इसकी माँगें क्या हैं?
'भविख बचाओ मोर्चा' SAD की छात्र शाखा स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (SOI) के नेतृत्व में चलाया जा रहा आंदोलन है। इसकी प्रमुख माँगें हैं — मंत्री हरजोत बैंस और बलबीर सिंह का इस्तीफा तथा पेपर लीक मामले की सीबीआई जाँच।
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने भर्तियों पर रोक क्यों लगाई?
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के कारण कई भर्तियों पर रोक लगाई है। न्यायालय का यह कदम AAP सरकार की उस स्थिति को कमजोर करता है जिसमें वह पेपर लीक से इनकार कर रही है।
AAP सरकार का पेपर लीक पर क्या रुख रहा है?
AAP सरकार पेपर लीक की घटनाओं से इनकार करती रही है, हालाँकि मुख्यमंत्री ने पहले एक पोस्ट में इसे स्वीकार किया था। यह विरोधाभास बादल और विपक्षी दलों के निशाने पर है।
क्या यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा?
बादल ने स्पष्ट किया कि जब तक 'दोषी' मंत्री इस्तीफा नहीं देते, 'भविख बचाओ मोर्चा' का धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। SAD ने प्रभावित छात्रों के हितों की रक्षा का संकल्प दोहराया है।
राष्ट्र प्रेस
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