पंजाब पेपर लीक विवाद: भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने AAP सरकार पर साधा निशाना, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 12 अगस्त 2026 को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर कथित पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर तीखे आरोप लगाए। भंडारी ने दावा किया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने फार्मेसी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को फटकार लगाई है और परीक्षा में कथित संगठित गड़बड़ी को गंभीरता से लिया है।
अदालत का रुख और फार्मेसी भर्ती विवाद
भंडारी के अनुसार, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने फार्मेसी भर्ती प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया है। अदालत ने परीक्षा में कथित तौर पर ब्लूटूथ डिवाइस के इस्तेमाल और संगठित नकल के आरोपों को न्यायिक संज्ञान में लिया। भंडारी ने कहा कि जब राज्य सरकार ने अदालत के समक्ष यह दलील दी कि पेपर लीक जैसा कुछ नहीं हुआ, तो न्यायालय ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
कथित पेपर लीक की सूची
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि पंजाब में कई प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाएँ कथित तौर पर लीक हुई हैं। उन्होंने जिन परीक्षाओं का उल्लेख किया, उनमें शामिल हैं:
21 दिसंबर 2025 की नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, पीएसईबी कक्षा 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा, एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा, पीएसएसएसबी ग्रुप-बी ऑफिसर परीक्षा और पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET)। गौरतलब है कि ये सभी आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं और राज्य सरकार इन्हें खारिज करती रही है।
युवाओं पर असर
भंडारी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की कथित अनियमितता का सबसे बड़ा खामियाजा उन अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ता है जो सीमित संसाधनों में वर्षों तक मेहनत कर सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के ज़रिए नकल के आरोप सामने आते हैं, तो यह व्यक्तिगत गड़बड़ी नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग
भाजपा प्रवक्ता ने पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग करते हुए कहा कि सरकार को केवल बयानबाजी करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देशभर के युवा अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान से यह सवाल पूछ रहे हैं कि शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे और कथित पेपर लीक पर सरकार युवाओं से कब माफी माँगेगी।
आगे क्या
यह मामला ऐसे समय में उठा है जब पूरे देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में फार्मेसी भर्ती मामले की आगे की सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं। AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।