13 अगस्त 2026
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पंजाब फार्मासिस्ट भर्ती पर हाई कोर्ट की रोक, BJP ने 'आप' के पेपर लीक दावों को बताया झूठ

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पंजाब फार्मासिस्ट भर्ती पर हाई कोर्ट की रोक, BJP ने 'आप' के पेपर लीक दावों को बताया झूठ

सारांश

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने फार्मासिस्ट भर्ती पर रोक लगाकर AAP सरकार के उस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिसमें कहा गया था कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। BJP ने इसे न्यायिक मुहर के साथ 'आप' का झूठ बेनकाब होना बताया है, जबकि सैकड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है।

मुख्य बातें

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई।
याचिका केशव कंबोज सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के आधार पर दायर की थी।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आदेश को AAP के 'कोई पेपर लीक नहीं' के दावे का खंडन बताया।
BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट कर भगवंत मान सरकार और विपक्षी संगठनों की चुप्पी पर सवाल उठाए।
अंतरिम रोक से फार्मासिस्ट ऑफिसर्स पद की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चित हो गया है।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को पंजाब में फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। केशव कंबोज सहित अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिका में कथित पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस न्यायिक हस्तक्षेप ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को राजनीतिक रूप से घेर दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

याचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताएँ बरती गईं। सुनवाई के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश पारित किया। यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक अदालत मामले की विस्तृत सुनवाई नहीं कर लेती।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस अदालती आदेश को मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के खिलाफ एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा कि 'आप' का सबसे बड़ा झूठ आज अदालत की मुहर के साथ बेनकाब हो गया। BJP का आरोप है कि AAP लंबे समय से यह दावा करती आई थी कि पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि हाई कोर्ट के आदेश ने इस दावे को खोखला साबित कर दिया है।

पार्टी ने यह भी कहा कि भगवंत मान सरकार की 'पारदर्शी भर्ती' की छवि पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और पंजाब के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया।

अमित मालवीय का हमला

BJP आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी पंजाब सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि 'आप' का सबसे पसंदीदा बचाव हमेशा यही रहा है — 'पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ।' अब जबकि हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है, तो क्या AAP अभी भी पेपर लीक से इनकार करेगी? मालवीय ने यह भी सवाल उठाया कि जो संगठन और नेता भाजपा शासित राज्यों में परीक्षा विवादों पर मुखर रहते हैं, वे पंजाब के मामले में चुप क्यों हैं।

आम जनता और युवाओं पर असर

इस अंतरिम रोक से उन सैकड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है जो फार्मासिस्ट ऑफिसर्स के पद पर नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे थे। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सरकारी भर्तियों को लेकर पहले से ही युवाओं में असंतोष व्याप्त है। गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर न्यायालयों ने हस्तक्षेप किया है और यह मामला उसी श्रृंखला की एक नई कड़ी बन गया है।

आगे क्या होगा

मामले की अगली सुनवाई में हाई कोर्ट पेपर लीक के आरोपों की गहराई से पड़ताल करेगा। AAP सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला पंजाब में आगामी राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन BJP इसे ठीक इसी तरह प्रस्तुत कर रही है। AAP सरकार के 'शून्य पेपर लीक' के दावे राजनीतिक रूप से कमज़ोर पड़ते दिख रहे हैं, पर असली सवाल यह है कि भर्ती प्रक्रिया की निगरानी व्यवस्था कहाँ चूकी। पंजाब के युवाओं के लिए यह सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि उनके करियर की अनिश्चितता का मामला है — और इस पर दोनों पक्षों की जवाबदेही बनती है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती पर हाई कोर्ट ने रोक क्यों लगाई?
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने केशव कंबोज सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई। याचिका में कथित पेपर लीक और भर्ती में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।
क्या पंजाब में पेपर लीक की पुष्टि हो गई है?
अभी तक अदालत ने केवल अंतरिम रोक लगाई है, जो सुनवाई के दौरान एहतियाती कदम है। पेपर लीक की अंतिम न्यायिक पुष्टि मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद ही होगी। आरोप कथित हैं और मामला विचाराधीन है।
BJP ने इस मामले में AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
BJP ने आरोप लगाया कि AAP सरकार लंबे समय से दावा करती रही कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि हाई कोर्ट के आदेश ने इस दावे को चुनौती दी है। BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी सरकार की 'पारदर्शी भर्ती' की छवि पर सवाल उठाए।
इस भर्ती रोक से कौन प्रभावित होगा?
इस अंतरिम रोक से वे सभी अभ्यर्थी प्रभावित होंगे जो फार्मासिस्ट ऑफिसर्स पद पर नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे थे। उनकी नियुक्ति प्रक्रिया अदालत के अगले आदेश तक स्थगित रहेगी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट अगली सुनवाई में पेपर लीक के आरोपों की विस्तृत जाँच करेगा। अंतरिम रोक तब तक जारी रहेगी जब तक अदालत कोई अंतिम आदेश नहीं देती। AAP सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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