चीन की 'पांडा डिप्लोमेसी': शी जिनपिंग की वाशिंगटन यात्रा के बाद 'पिंग पिंग' और 'फू शुआंग' अटलांटा रवाना
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वाशिंगटन यात्रा के ठीक बाद बीजिंग ने अपनी 'पांडा डिप्लोमेसी' को फिर से सक्रिय करते हुए दो जायंट पांडा — नर 'पिंग पिंग' और मादा 'फू शुआंग' — रविवार को अमेरिका भेज दिए। दोनों पांडा अगले 10 साल तक अटलांटा, जॉर्जिया स्थित जू अटलांटा में रहेंगे। यह कदम अमेरिका-चीन द्विपक्षीय संबंधों में नई गर्माहट का प्रतीक माना जा रहा है।
वाशिंगटन शिखर सम्मेलन और पांडा की घोषणा
राष्ट्रपति शी जिनपिंग हाल ही में तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर वाशिंगटन पहुँचे थे, जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनका रेड कार्पेट स्वागत किया, उनके सम्मान में राजकीय भोज आयोजित किया और दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक 'काफी रचनात्मक' रही। पांडा भेजने पर पहले ही सहमति बन चुकी थी, लेकिन आधिकारिक घोषणा शी जिनपिंग की वाशिंगटन यात्रा के दौरान गुरुवार को की गई।
रवानगी का विवरण
सरकारी समाचार एजेंसी सिंहुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 'पिंग पिंग' और 'फू शुआंग' रविवार सुबह करीब 3 बजे (स्थानीय समयानुसार) चेंगदू शुआंग्लियू इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक चार्टर्ड फ्लाइट में अमेरिका के लिए रवाना हुए। 15 घंटे की इस लंबी उड़ान के दौरान दोनों के पोषण का पूरा ध्यान रखा गया — उनके लिए स्टीम्ड कॉर्न बन्स, बांस के अंकुर और गाजर विशेष रूप से तैयार की गई थी। अमेरिकी पक्ष ने दोनों पांडा के साथ उड़ान भरने के लिए अनुभवी कीपर भी भेजे थे।
चेंगदू रिसर्च बेस ऑफ जायंट पांडा ब्रीडिंग की ओर से इन दोनों के लिए एक विशेष विदाई समारोह भी आयोजित किया गया।
अटलांटा चिड़ियाघर की तैयारियाँ
जू अटलांटा ने इन दोनों की आगवानी के लिए अपनी सुविधाओं को व्यापक रूप से उन्नत किया है और पशु देखभाल विशेषज्ञों की एक टीम तैयार की है। उल्लेखनीय बात यह है कि अटलांटा में बांस स्थानीय स्तर पर उगाया जाता है, क्योंकि वहाँ का मौसम चेंगदू जैसा ही है, जो दीर्घकालिक बांस आपूर्ति सुनिश्चित करता है। जू अटलांटा में इससे पहले 1999 से 25 साल तक चीन से उधार लिए गए पांडा रखे गए थे, लेकिन 2024 के बाद से वहाँ कोई पांडा नहीं था।
दोनों पांडा के बारे में
नर पांडा 'पिंग पिंग' और मादा पांडा 'फू शुआंग' दोनों का जन्म 2020 में हुआ था। 'पिंग पिंग' अभी 6 साल का है, जबकि 'फू शुआंग' अगले महीने 6 साल की हो जाएगी। कैद में रहने वाले जायंट पांडा आमतौर पर लगभग 30 साल तक जीवित रहते हैं।
पांडा डिप्लोमेसी का इतिहास और संदर्भ
काले और सफेद रंग के ये जीव दशकों से बीजिंग की विदेश नीति के 'सॉफ्ट-पावर एंबेसडर' के रूप में जाने जाते हैं। 1972 में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की ऐतिहासिक चीन यात्रा के बाद बीजिंग ने वाशिंगटन को पांडा का एक जोड़ा उपहार में दिया था — यह आधुनिक पांडा डिप्लोमेसी की शुरुआत मानी जाती है।
यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपनी पांडा डिप्लोमेसी को भू-राजनीतिक संकेत के रूप में भी इस्तेमाल करता दिखा है। इस साल की शुरुआत में बीजिंग ने जापान से अपने दो पांडा वापस बुला लिए थे — यह कदम उस कूटनीतिक विवाद के बाद उठाया गया था जब जापानी प्रधानमंत्री ने संकेत दिया था कि ताइवान पर किसी भी हमले की स्थिति में टोक्यो सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है। इस परिप्रेक्ष्य में अमेरिका को पांडा भेजा जाना एक सकारात्मक कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।