अटलांटा चिड़ियाघर में आएंगे चीनी पांडा 'फिंगफिंग' और 'फू शुआंग', 10 साल का संरक्षण समझौता
सारांश
मुख्य बातें
चीन के छेंगदू रिसर्च बेस ऑफ पांडा ब्रीडिंग से एक विशेष पांडा जोड़ी — नर 'फिंगफिंग' और मादा 'फू शुआंग' — जल्द ही अमेरिका के अटलांटा चिड़ियाघर पहुँचेगी। यह कदम चीन और अमेरिका के बीच पांडा संरक्षण के क्षेत्र में हुए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते का हिस्सा है। इस समझौते के अंतर्गत दोनों देश अगले दस वर्षों तक मिलकर पांडा संरक्षण और अनुसंधान पर काम करेंगे।
समझौते की पृष्ठभूमि
पिछले वर्ष चीनी वन्यजीव संरक्षण संघ ने अमेरिका के अटलांटा चिड़ियाघर के साथ पांडा संरक्षण को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अनुसंधान समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत ही 'फिंगफिंग' और 'फू शुआंग' को अमेरिका भेजने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि छेंगदू रिसर्च बेस विश्व के सबसे प्रमुख पांडा प्रजनन और संरक्षण केंद्रों में से एक माना जाता है।
दोनों पांडा की पहचान
फिंगफिंग नर पांडा है, जबकि फू शुआंग मादा पांडा है। दोनों को छेंगदू रिसर्च बेस ऑफ पांडा ब्रीडिंग में पाला गया है। अटलांटा चिड़ियाघर में इनके आगमन के बाद अमेरिकी नागरिकों को इन दुर्लभ जीवों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
पांडा कूटनीति का महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब चीन और अमेरिका के बीच कई क्षेत्रों में तनाव बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, 'पांडा कूटनीति' लंबे समय से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और वैज्ञानिक सहयोग का एक सेतु रही है। विशाल पांडा (Giant Panda) अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में 'सुभेद्य' (Vulnerable) श्रेणी में दर्ज है, ऐसे में यह सहयोग प्रजाति संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
दस वर्षीय संरक्षण सहयोग
इस समझौते के तहत चीन और अमेरिका के वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता अगले दस वर्षों तक पांडा के प्रजनन, स्वास्थ्य और संरक्षण से जुड़े अनुसंधान में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। यह साझेदारी वन्यजीव विज्ञान के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग का एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
आगे की राह
अटलांटा चिड़ियाघर में 'फिंगफिंग' और 'फू शुआंग' के पहुँचने की सटीक तारीख अभी अधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है, लेकिन कथित तौर पर यह शीघ्र होने की संभावना है। दोनों पांडा के आगमन के बाद अटलांटा एक बार फिर अमेरिका में पांडा प्रेमियों का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।