अमेरिका चीन व्यापार समझौता 10 जनवरी तक बढ़ा, ट्रंप शी शिखर वार्ता से पहले बड़ा कदम
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शिखर वार्ता शुरू होने से पहले ही 24 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक परिणाम सामने आया — दोनों देशों ने अपने मौजूदा व्यापार समझौते की समयसीमा 10 जनवरी 2027 तक बढ़ाने पर सहमति जताई। यह समझौता पहले 10 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला था।
स्वागत समारोह: व्हाइट हाउस की बजाय एंड्रयूज बेस
बुधवार शाम स्थानीय अमेरिकी समयानुसार शाम 6 बजे से कुछ पहले शी जिनपिंग का विमान मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उतरा। राष्ट्रपति ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप स्वयं हवाई अड्डे पर उपस्थित रहे और शी जिनपिंग तथा उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया। यह स्वागत अपने आप में असाधारण माना गया, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति आमतौर पर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का औपचारिक स्वागत व्हाइट हाउस में करते हैं, एयरबेस पर नहीं।
रेड कार्पेट पर चलते हुए ट्रंप मुस्कुराए और उन्होंने शी जिनपिंग के कंधे पर हाथ रखा। दोनों राष्ट्राध्यक्षों और उनकी पत्नियों ने परस्पर हाथ मिलाए और दोनों देशों के राष्ट्रगान के दौरान एक साथ खड़े रहे। समारोह में सैन्य गार्ड ऑफ ऑनर और लड़ाकू विमानों का फ्लाईपास्ट भी शामिल था।
व्यापार समझौता: क्या है यह व्यवस्था
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शी जिनपिंग के पहुँचने के कुछ ही देर बाद घोषणा की कि दोनों देश मौजूदा व्यापार व्यवस्था की समयसीमा बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत अमेरिका कुछ टैरिफ और पाबंदियाँ फिलहाल रोककर रखेगा, जबकि चीन अमेरिकी कंपनियों के लिए जरूरी रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ खनिजों) की आपूर्ति जारी रखेगा।
बेसेंट ने एक अमेरिकी समाचार चैनल से कहा, "इस समयसीमा को बढ़ाने से हमें यह देखने के लिए और समय मिलेगा कि आर्थिक मोर्चे पर हम क्या कर सकते हैं।" यह टिप्पणी संकेत करती है कि दोनों देश अभी व्यापक आर्थिक सहयोग की संभावनाएँ तलाश रहे हैं।
शिखर वार्ता का एजेंडा: AI, ईरान, ताइवान
गुरुवार को व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह, नेशनल आर्काइव्स के दौरे और स्टेट डिनर का कार्यक्रम निर्धारित है। दोनों नेताओं के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), निवेश और अमेरिका चीन की आर्थिक प्रतिस्पर्धा पर भी बातचीत होने की उम्मीद है।
रिपोर्टों के अनुसार, बेसेंट ने एक ऐसी व्यवस्था की संभावना का उल्लेख किया है जिसके तहत दोनों देश राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर डालने वाली AI से जुड़ी घटनाओं की जानकारी एक दूसरे से साझा कर सकें। हालाँकि, ऐसी किसी आधिकारिक व्यवस्था की घोषणा अभी नहीं हुई है।
ट्रंप ने कहा है कि वह शी जिनपिंग के साथ ईरान में चीन की भूमिका पर चर्चा करेंगे। वहीं, रिपोर्टों के अनुसार शी जिनपिंग से अपेक्षित है कि वह ताइवान को लेकर अमेरिकी रुख का मुद्दा ट्रंप के समक्ष उठाएंगे।
बड़े विवाद अनसुलझे
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका चीन संबंध व्यापार, प्रौद्योगिकी निर्यात नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर गहरे तनाव में हैं। गौरतलब है कि व्यापार समझौते की समयसीमा बढ़ाने से इन बड़े मुद्दों का कोई समाधान नहीं निकला है — यह केवल वार्ता के लिए अतिरिक्त समय प्रदान करता है।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस पहुँचने के बाद पत्रकारों से कहा, "राष्ट्रपति शी के लिए कल रात हमारे कार्यक्रम में काफी भीड़ होने वाली है।" दोनों देशों के बीच यह शिखर वार्ता वैश्विक आर्थिक और भू राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से निर्णायक मानी जा रही है, और आने वाले हफ्तों में इसके परिणाम उभरना शुरू होंगे।