रेवंत रेड्डी का ऐलान: तेलंगाना में 2034 तक 1 करोड़ महिलाएँ बनेंगी करोड़पति, 45 लाख को पेंशन
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 8 नवंबर 2026 को विकाराबाद जिले के अपने विधानसभा क्षेत्र कोडंगल में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों से सीधे संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि महिला सशक्तीकरण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने 'चेयुथा' योजना के तहत 45 लाख नए लाभार्थियों को पेंशन वितरण की शुरुआत भी इसी अवसर पर की।
मुख्य घोषणाएँ और लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2034 तक महिला स्वयं सहायता समूहों में एक करोड़ सदस्य जोड़ना और उन्हें 'करोड़पति' के रूप में आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा, 'मेरा जीवन तभी सार्थक होगा, जब मैं मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनने में मदद कर सकूँ।' अब तक 7 लाख महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं।
चेयुथा योजना और पेंशन विस्तार
चेयुथा योजना के तहत 45 लाख नए लाभार्थियों को पेंशन वितरण शुरू किया गया है, जिनमें से 35 लाख एकल महिलाएँ और विधवाएँ हैं। इसके अतिरिक्त, बुनकरों और ताड़ी निकालने वालों के लिए भी पेंशन स्वीकृत की गई है। यह कदम उन वर्गों को सामाजिक सुरक्षा की छतरी देने की दिशा में उठाया गया है, जो अब तक अधिकांश योजनाओं की परिधि पर रहे हैं।
आर्थिक सशक्तीकरण की पहलें
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 34 महीनों में तेलंगाना सरकार ने महिलाओं के लिए ₹79,000 करोड़ के बैंक-लिंक्ड ऋण उपलब्ध कराए हैं। सरकारी स्कूलों में छात्रों की ड्रेस सिलाई का काम महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपा गया है, जिससे अब सालाना ₹150 से ₹200 करोड़ का कारोबार हो रहा है। इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों को पेट्रोल पंप और सौर ऊर्जा उत्पादन जैसे उद्यमों में भागीदार बनाया गया है। इंदिराम्मा कैंटीन का प्रबंधन और इंदिराम्मा घरों का पंजीकरण भी महिलाओं के नाम पर किया गया है। 200 यूनिट मुफ्त बिजली और मुफ्त आरटीसी बस यात्रा से प्रतिदिन 37 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है।
बेटियों की शिक्षा पर जोर
रेवंत रेड्डी ने महिलाओं से अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'आपके बच्चों को उन कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए, जिनका सामना आपने किया है।' यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित हुआ था, जिसमें दीपावली के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएँ शामिल हुईं।
बीआरएस पर सियासी हमला
मुख्यमंत्री ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (केटीआर) पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केटीआर महिला सशक्तीकरण के बड़े-बड़े दावे करते हैं, जबकि उनकी अपनी बहन ने उनके कृत्यों का खुलासा किया है। उन्होंने कहा, 'बीआरएस को अपने 10 साल के शासनकाल में किए गए कार्यों के बारे में खुलकर बोलना चाहिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना की सत्ता पर काँग्रेस और बीआरएस के बीच सियासी जंग तेज हो रही है।
गौरतलब है कि रेवंत रेड्डी की सरकार ने एक साल से अधिक के कार्यकाल में महिला-केंद्रित योजनाओं को अपनी राजनीतिक पहचान का मुख्य आधार बनाया है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार और लाभार्थियों तक पहुँच ही सरकार की असली परीक्षा होगी।