यूएन में चीन की वैध सीट बहाली की 55वीं वर्षगांठ: वियना में 200 राजनयिकों की उपस्थिति में विशेष समारोह
सारांश
मुख्य बातें
वियना में स्थित चीन के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने 6 नवंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में चीन की वैध सीट की बहाली की 55वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया। इस समारोह में 200 से अधिक अतिथियों ने भाग लिया, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी, विभिन्न देशों के राजनयिक और थिंक टैंक विशेषज्ञ शामिल रहे।
प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों की उपस्थिति
वियना स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की महानिदेशक मोनिका जुमा और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी समेत अनेक अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख इस अवसर पर उपस्थित रहे। विभिन्न देशों के स्थायी प्रतिनिधि और राजनयिक भी समारोह में सम्मिलित हुए, जो इस कार्यक्रम को बहुपक्षीय कूटनीति के नज़रिए से महत्त्वपूर्ण बनाता है।
ली सोंग का संबोधन और चीन की रणनीतिक दृष्टि
वियना में यूएन कार्यालय और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में चीन के स्थायी प्रतिनिधि ली सोंग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान में 'सदी का अभूतपूर्व परिवर्तन' तीव्र गति से घटित हो रहा है।
ली सोंग ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत 'मानव जाति के साझे भविष्य वाले समुदाय' की विचारधारा और चार वैश्विक पहल — यूएन चार्टर के उद्देश्यों और लक्ष्यों के अनुरूप हैं। उनके अनुसार चीन, वियना बहुपक्षीय मंच की विशेष भूमिका का उपयोग करते हुए यूएन के समर्थन, पुनरुत्थान और विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीपीसी के पाँचवें पूर्णाधिवेशन की भावना का परिचय
इस अवसर पर ली सोंग ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 20वीं केंद्रीय समिति के पाँचवें पूर्णाधिवेशन की भावना और दिशा-निर्देशों का भी परिचय अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के समक्ष दिया। यह संकेत देता है कि चीन बहुपक्षीय मंचों को अपनी घरेलू नीतिगत प्राथमिकताओं को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने के अवसर के रूप में उपयोग कर रहा है।
ऐतिहासिक संदर्भ: 1971 की बहाली
गौरतलब है कि 25 अक्टूबर 1971 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 2758 (XXVI) के तहत जनवादी गणराज्य चीन को यूएन में उसकी वैध सीट वापस की गई थी, जिससे ताइवान का स्थान ले लिया गया था। यह प्रस्ताव चीन की बहुपक्षीय कूटनीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जाता है और चीन इसे हर वर्ष औपचारिक रूप से मनाता है।
आगे की राह
इस समारोह के ज़रिए चीन ने वियना के बहुपक्षीय मंच — जिसमें IAEA, यूएनओडीसी और अन्य संगठन सक्रिय हैं — पर अपनी कूटनीतिक सक्रियता और प्रभाव रेखांकित करने का प्रयास किया। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन 'वैश्विक शासन में सुधार' की भाषा की आड़ में चीन की वैकल्पिक विश्व व्यवस्था की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हैं। आने वाले महीनों में चीन के यूएन सुधार एजेंडे पर वैश्विक प्रतिक्रिया दिलचस्प होगी।