लालकृष्ण आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर BJP विधायक अजय महावर बोले — 'देश हमेशा याद रखेगा उनका योगदान'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक अजय महावर ने 8 नवंबर 2026 को पूर्व उप प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर उन्हें बधाई देते हुए उन्हें पार्टी और देश की राजनीति का स्तंभ बताया। महावर ने इस अवसर पर बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का हवाला देते हुए नक्सलवाद के विरुद्ध सरकार की उपलब्धियों पर भी विस्तार से बात की।
आडवाणी को श्रद्धांजलि और व्यक्तिगत स्मृतियाँ
महावर ने कहा, 'लालकृष्ण आडवाणी हमारे लिए एक बहुत महान नेता हैं। वे हमारे मार्गदर्शक और प्रेरणा हैं, उन्होंने अपना पूरा जीवन पार्टी और समाज को समर्पित कर दिया।' उन्होंने आडवाणी की ऐतिहासिक रथ यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें वह दिन आज भी याद है जब यात्रा गुजरी थी और उन्हें माला पहनाने का सौभाग्य मिला था।
महावर ने कहा, 'वे एक महान बुद्धिजीवी हैं, और देश उनके योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद रखेगा।' गौरतलब है कि आडवाणी को 2024 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाज़ा गया था।
नक्सलवाद पर मोदी सरकार की उपलब्धि का बखान
बस्तर में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का समर्थन करते हुए महावर ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, गृह मंत्री अमित शाह ने एक चमत्कार कर दिखाया है। उन्होंने नक्सलवाद को पूरी तरह से जड़ से खत्म कर दिया है।' उन्होंने याद दिलाया कि एक समय दीपावली के दौरान बड़े नक्सली नेता बड़े पैमाने पर नरसंहार किया करते थे।
महावर ने आगे कहा कि यदि हर साल इस तरह के संकल्प लिए जाएँ तो भारत को आतंकवाद-मुक्त, बेरोज़गारी-मुक्त और गरीबी-मुक्त बनाया जा सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकार बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा-विकास के दोहरे मॉडल को प्रमुखता से प्रचारित कर रही है।
शिवसेना का अखिलेश और सोनिया पर हमला
मुंबई में शिवसेना के प्रवक्ता आनंद दुबे ने भी लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर उन्हें अपना नेता और मार्गदर्शक बताया। दुबे ने 1990 की राम रथ यात्रा का उल्लेख करते हुए आडवाणी की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के राम मंदिर दर्शन के लिए जाने की खबरों पर दुबे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'अखिलेश जी, आप राम मंदिर क्यों जा रहे हैं? आपको कहीं और जाना चाहिए, कहीं और जाने के बारे में आज़म खान से बात करें।' आलोचकों का कहना है कि यह टिप्पणी राजनीतिक धुव्रीकरण की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की दिशा
आडवाणी का 99वाँ जन्मदिन भाजपा और सहयोगी दलों के लिए न केवल श्रद्धांजलि का अवसर बना, बल्कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने इसे नक्सलवाद-विरोधी अभियान और 'डबल इंजन' सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करने के मंच के रूप में भी इस्तेमाल किया। यह ऐसे समय में आया है जब बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य बदलने के दावे राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में केंद्र में हैं।
आने वाले दिनों में देखना होगा कि विपक्ष इन दावों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और बस्तर की ज़मीनी हकीकत इन राजनीतिक बयानों से कितना मेल खाती है।