सोने-चांदी का साप्ताहिक आउटलुक: महंगाई डेटा और अमेरिका-ईरान तनाव तय करेंगे बुलियन की दिशा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 8 नवंबर 2026 को बाजार विशेषज्ञों ने संकेत दिया कि आने वाले सप्ताह में सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक महंगाई के आंकड़ों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच उतार-चढ़ाव से घिरी रह सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव, रूस-यूक्रेन शांति वार्ता और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति को लेकर बनी उम्मीदें बुलियन बाजार की धारणा पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं। पिछले सप्ताह एमसीएक्स (MCX) पर सोने में 3,682 रुपये यानी करीब 3 प्रतिशत और चांदी में 5,655 रुपये यानी 3.15 प्रतिशत की तेजी देखी गई।
पिछले सप्ताह का बाजार प्रदर्शन
घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव सप्ताह के अंत में ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए, जो पिछले सप्ताह के मुकाबले ₹3,682 अधिक है। इसी अवधि में चांदी का वायदा भाव ₹1.84 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुँचा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्वीर और भी उत्साहजनक रही। कॉमेक्स (COMEX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना सप्ताह भर में 176 डॉलर यानी 4.5 प्रतिशत उछलकर 4,074.90 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जबकि चांदी 2.60 डॉलर यानी 5.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 51.94 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।
सप्ताह के मध्य में उछाल की वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका के उम्मीद से बेहतर गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों और उपभोक्ता धारणा में सुधार के चलते सोने-चांदी पर दबाव बना। इन आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई, जिससे कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव पड़ा।
हालाँकि, सप्ताह के मध्य में निचले स्तरों पर जोरदार खरीदारी और शॉर्ट पोजीशन की कवरिंग ने बाजार को मजबूत सहारा दिया। इससे दोनों कीमती धातुओं में तीव्र पुनः उछाल दर्ज किया गया।
अगले सप्ताह के प्रमुख कारक
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों की निगाहें चीन, अमेरिका, जर्मनी, जापान और भारत के महंगाई के आंकड़ों पर टिकी रहेंगी। ये आंकड़े यह तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे कि प्रमुख केंद्रीय बैंक — विशेषकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व — ब्याज दरों में कटौती कब और किस हद तक करेंगे।
इसके अलावा, अमेरिका के श्रम बाजार के आंकड़े और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियाँ भी निवेशकों को ब्याज दर बदलाव की संभावित समयरेखा के संकेत देंगी। गौरतलब है कि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें आमतौर पर सोने जैसी गैर-ब्याज अर्जित संपत्तियों को आकर्षक बनाती हैं।
भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में उभरते भू-राजनीतिक घटनाक्रम बुलियन बाजार पर सबसे बड़ा प्रभाव डालने वाले कारक बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने की पुष्टि की है, साथ ही तेहरान के साथ बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति का भी उल्लेख किया है। इस दोहरे संदेश ने निवेशकों में इस बात को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है कि संघर्ष और गहरा होगा या कूटनीतिक समाधान की राह खुलेगी।
इसके समानांतर, रूस-यूक्रेन शांति वार्ता के घटनाक्रम पर भी निवेशक करीब से नजर रखेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं, जिससे इनकी माँग और कीमतों में तेजी आती है।
आगे क्या होगा
विश्लेषकों का मानना है कि अगले सप्ताह बुलियन बाजार की दिशा मुख्य रूप से महंगाई के आंकड़ों और भू-राजनीतिक खबरों के परस्पर प्रभाव पर निर्भर करेगी। यदि महंगाई उम्मीद से अधिक नरम रही, तो ब्याज कटौती की उम्मीदें मजबूत होंगी और सोने-चांदी को समर्थन मिल सकता है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव में किसी भी वृद्धि से सुरक्षित संपत्तियों की माँग में अतिरिक्त उछाल देखा जा सकता है।