फिलीपींस की ब्रह्मोस मिसाइलों की अतिरिक्त खरीद की तैयारी, 5 नए सिस्टम और $700-800 मिलियन के सौदे की संभावना
सारांश
मुख्य बातें
फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टेओडोरो ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित थर्ड दिल्ली डिफेंस डायलॉग में घोषणा की कि फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की अतिरिक्त खरीद की योजना बना रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, इस संभावित सौदे में लगभग 5 अतिरिक्त ब्रह्मोस सिस्टम यानी करीब 60 मिसाइलें शामिल हो सकती हैं, जिनकी अनुमानित कीमत $700 से $800 मिलियन के बीच बताई जा रही है।
रक्षा मंत्री टेओडोरो का बयान
रिपोर्टों के अनुसार, रक्षा मंत्री टेओडोरो ने थर्ड दिल्ली डिफेंस डायलॉग में कहा, 'हम अपने पास मौजूद ब्रह्मोस यूनिट्स की संख्या बढ़ाना चाहते हैं। हमने भारतीय अधिकारियों को अपनी एक इच्छा सूची भी दी है, ताकि ब्रह्मोस को फिलीपींस के वातावरण और जरूरतों के अनुरूप और बेहतर बनाया जा सके।' यह बयान फिलीपींस की दीर्घकालिक रक्षा रणनीति में ब्रह्मोस की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि 2022 में मनीला ने अपनी नौसेना के लिए तट-आधारित एंटी-शिप ब्रह्मोस मिसाइल की तीन बैटरियों की खरीद हेतु भारत के साथ $375 मिलियन का समझौता किया था। यह नया संभावित सौदा उस समझौते से दोगुने से भी अधिक मूल्य का है।
दक्षिण चीन सागर: खरीद के पीछे की रणनीति
रिपोर्टों के मुताबिक, इस खरीद का मुख्य उद्देश्य दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति को रोकने की क्षमता को मजबूत करना है। चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, जो क्षेत्रीय तनाव का प्रमुख कारण बना हुआ है। फिलीपींस अब ब्रह्मोस को सिर्फ एक पृथक सैन्य हथियार के रूप में नहीं, बल्कि अपने व्यापक तटीय रक्षा और लंबी दूरी की हमले की रणनीति का अहम हिस्सा मान रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब फिलीपींस और चीन के बीच पश्चिमी फिलीपीन सागर को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस साल अमेरिकी और फिलीपीनी मरीन बलों ने संयुक्त समुद्री हमले का अभ्यास किया, जिसमें ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइलों के इस्तेमाल और ड्रोन तथा जमीन से दागी जाने वाली मिसाइलों की मदद से समुद्री लक्ष्यों को निशाना बनाने की रणनीति पर काम किया गया।
ब्रह्मोस की तकनीकी क्षमता
ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसे जमीन, समुद्र और हवा — तीनों माध्यमों से लॉन्च किया जा सकता है। इसका लिक्विड-फ्यूल रैमजेट इंजन इसे लगभग मैक 3 की रफ्तार देता है, जो ध्वनि की गति से तीन गुना से भी अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, जमीन के निकट उड़ान भरने की क्षमता, कम रडार पहचान और बेहद अधिक गतिज ऊर्जा के कारण इसे रोकना काफी कठिन माना जाता है।
फिलीपींस सरकार ने पश्चिमी लुजोन के तट पर स्थित फिलीपीन नेवल स्टेशन लियोविजिल्डो गांतिओकी, जाम्बालेस में ब्रह्मोस के लिए एक विशेष सैन्य ठिकाना भी तैयार किया है।
फिलीपींस की सुरक्षा नीति में बदलाव
फिलीपींस के पूर्व रक्षा मंत्री डेल्फिन लोरेनजाना ने पहले कहा था कि ये मिसाइलें पश्चिमी फिलीपीन सागर में देश की संप्रभुता और अधिकारों को चुनौती देने की किसी भी कोशिश के खिलाफ मजबूत निवारक साबित होंगी। रक्षा मंत्री टेओडोरो भी कई मौकों पर ब्रह्मोस को समुद्री सुरक्षा के लिए 'गेम-चेंजर' बता चुके हैं।
सैन्य ताकत के मामले में फिलीपींस को चीन की तुलना में कमजोर माना जाता है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार ब्रह्मोस मिसाइल उसे ऐसी क्षमता देती है जो दुश्मन की पहुंच को सीमित करने और संचालन को मुश्किल बनाने में सहायक है। यदि यह सौदा पूरा होता है, तो यह भारत-फिलीपींस रक्षा साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।