तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का ऐलान: सरकारी अस्पतालों में एक्स्ट्रा ड्यूटी देने वाले सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को मिलेगा प्रोत्साहन
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार उन सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी जो सरकारी अस्पतालों में निर्धारित समय से अधिक सेवा देने के लिए तैयार हैं। यह घोषणा उन्होंने सनथ नगर स्थित तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (TIMS) के उद्घाटन के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए की।
मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि अतिरिक्त समय सेवा देने के इच्छुक सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को प्रोत्साहन राशि दी जाए, ताकि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नए TIMS अस्पतालों को कॉर्पोरेट अस्पतालों के समकक्ष संचालित करने के लिए ठोस उपाय किए जाने चाहिए।
साथ ही उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक अस्पताल के लिए एक समर्पित निदेशक नियुक्त किया जाएगा, जो संचालन की देखरेख करेगा और मरीजों के परिचारकों के लिए आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित करने हेतु धनराशि स्वीकृत करने का अधिकार रखेगा।
अस्पताल निर्माण की समय-सीमा
मुख्यमंत्री ने बताया कि उस्मानिया अस्पताल की नई इमारत, एलबी नगर स्थित TIMS, तथा अलवाल और वारंगल स्थित सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों का निर्माण कार्य 9 दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर राज्य में कुल 10,000 अस्पताल बेड उपलब्ध होंगे — जो तेलंगाना की सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार होगा।
स्वास्थ्य सेवा पर सरकारी खर्च
रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पदभार ग्रहण करने के बाद से आरोग्यश्री योजना पर ₹2,700 करोड़ खर्च किए हैं, जबकि मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) के तहत ₹2,526 करोड़ जारी किए गए हैं। उनके अनुसार, गरीबों की स्वास्थ्य सेवा पर अब तक कुल ₹5,226 करोड़ व्यय किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पर ₹21,800 करोड़ खर्च किए गए हैं।
निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि TIMS की स्थापना का मूल उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को कॉर्पोरेट स्तर की चिकित्सा सुविधाएँ सुलभ कराना है।
पिछली सरकार पर आरोप
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (BRS) सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस्मानिया अस्पताल की इमारत जर्जर हालत में होने के बावजूद तत्कालीन केसीआर सरकार ने नई इमारत का निर्माण नहीं कराया। उनका कहना था कि BRS सरकार ने TIMS अस्पताल और वारंगल सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल की केवल आधारशिला रखी, परंतु परियोजनाओं को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने की माँग तेज हो रही है और विशेषज्ञ डॉक्टरों का सरकारी अस्पतालों से निजी क्षेत्र की ओर पलायन एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रोत्साहन योजना की विस्तृत रूपरेखा और राशि का ऐलान अभी बाकी है; इसके जल्द सामने आने की उम्मीद है।