29 जुलाई 2026
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हरसिमरत बादल ने अमित शाह से पंजाब के 11 पेपर लीक मामलों की CBI जांच की मांग की

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हरसिमरत बादल ने अमित शाह से पंजाब के 11 पेपर लीक मामलों की CBI जांच की मांग की

सारांश

शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत बादल ने गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब में परीक्षा पेपर लीक के 11 मामलों की केंद्रीय जांच की माँग की है। 5 लाख छात्र प्रभावित हैं और फार्मेसी परीक्षा में ₹13 लाख प्रति उम्मीदवार वसूली का आरोप है, जबकि AAP सरकार मामले को दबाने की कोशिश में बताई जा रही है।

मुख्य बातें

हरसिमरत कौर बादल ने 29 जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब के 11 पेपर लीक मामलों की केंद्रीय जांच की माँग की।
घोटाले से 5 लाख से अधिक छात्र प्रभावित बताए जा रहे हैं।
फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा में संगठित माफिया ने प्रति उम्मीदवार ₹13 लाख वसूल कर ब्लूटूथ डिवाइस से उत्तर बताए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 13 मार्च 2023 को PSTET पेपर लीक स्वीकार किया था, लेकिन अब सरकार लीक से इनकार कर रही है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक्साइज इंस्पेक्टर सहित कई भर्ती परीक्षाओं पर रोक लगाई।
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई नहीं।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने 29 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब में परीक्षा पेपर लीक के 11 मामलों की केंद्रीय जांच के आदेश देने की माँग की। उन्होंने कहा कि इस करोड़ों रुपये के घोटाले में दोषियों को सज़ा दिलाई जाए और उन 5 लाख छात्रों को न्याय मिले, जिनका भविष्य बार-बार हुए पेपर लीक की भेंट चढ़ गया है।

मुख्य आरोप और माँगें

हरसिमरत बादल ने अपने बयान में आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पेपर लीक की जांच में कोई रुचि नहीं रखती, क्योंकि जांच की आँच सीधे उनके अपने मंत्रियों तक पहुँच सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (PSSSB) — तीनों के कामकाज में गंभीर खामियाँ उजागर हो चुकी हैं, फिर भी किसी भी प्रमुख अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई।

अकाली नेता ने स्पष्ट रूप से कहा कि न तो शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस को हटाया गया, न स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह को, और न ही मुख्यमंत्री ने PSSSB के प्रभारी मंत्री के रूप में अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार की है।

सरकार पर मामला दबाने का आरोप

हरसिमरत बादल ने गृह मंत्री को अवगत कराया कि AAP सरकार सख्त कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और सार्वजनिक रूप से दावा कर रही है कि राज्य में कोई पेपर लीक हुआ ही नहीं। यह तब है जब खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 13 मार्च 2023 को स्वीकार किया था कि पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET) का पेपर लीक हो गया था।

इसके अलावा, सरकार ने स्वयं माना है कि फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा के आयोजन में एक संगठित माफिया ने उम्मीदवारों से प्रति व्यक्ति ₹13 लाख वसूल कर उन्हें ब्लूटूथ डिवाइस के ज़रिये परीक्षा के दौरान उत्तर बताए — फिर भी सरकार ने इसे 'पेपर लीक' मानने से इनकार किया।

न्यायालय का हस्तक्षेप

पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों के मामले पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तक पहुँच चुके हैं। उच्च न्यायालय ने कई मामलों में भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई है, जिनमें एक्साइज इंस्पेक्टरों की भर्ती परीक्षा भी शामिल है। आलोचकों का कहना है कि न्यायालय के बार-बार हस्तक्षेप से यह स्पष्ट होता है कि राज्य की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता गहरे संकट में है।

आम जनता और छात्रों पर असर

हरसिमरत बादल ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की पवित्रता समाप्त होने से पंजाब के लोगों का AAP सरकार की भर्ती परीक्षाएँ निष्पक्ष रूप से आयोजित करने की क्षमता पर से भरोसा पूरी तरह उठ गया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दोषियों को सज़ा न मिलना एक पूरी पीढ़ी के साथ अन्याय है, जिसने सरकारी नौकरी के लिए वर्षों की मेहनत की।

आगे क्या होगा

अकाली दल की इस माँग के बाद अब सभी की निगाहें केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि केंद्र जांच के आदेश देता है, तो यह पंजाब की AAP सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक मुश्किल बन सकता है। राज्य में अगले चुनावी चक्र को देखते हुए यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रंग लेने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राज्य की भर्ती प्रणाली में संस्थागत भ्रष्टाचार का संकेत है। विडंबना यह है कि AAP ने सत्ता में आते समय 'ईमानदार सरकार' का वादा किया था, लेकिन 11 मामलों में न एक मंत्री हटाया गया, न किसी बोर्ड प्रमुख पर कार्रवाई हुई। मुख्यमंत्री का 2023 में PSTET लीक स्वीकार करना और अब सरकार का लीक से इनकार — यह विरोधाभास जवाबदेही की गंभीर कमी को उजागर करता है। केंद्रीय जांच की माँग राजनीतिक रूप से प्रेरित भी हो सकती है, लेकिन 5 लाख छात्रों के हित में पारदर्शी जांच अपरिहार्य है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब पेपर लीक घोटाला क्या है?
पंजाब में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के 11 मामलों में पेपर लीक और धांधली के आरोप हैं, जिनसे 5 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। इनमें PSTET, फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा और एक्साइज इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा प्रमुख हैं।
हरसिमरत बादल ने अमित शाह से क्या माँग की है?
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब के 11 पेपर लीक मामलों की केंद्रीय स्तर पर जांच के आदेश देने की माँग की है। उनका कहना है कि राज्य सरकार की मंशा जांच करने की नहीं है।
फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा में क्या गड़बड़ी हुई थी?
फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा में एक संगठित माफिया ने उम्मीदवारों से प्रति व्यक्ति ₹13 लाख वसूल कर उन्हें परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के ज़रिये उत्तर बताए। सरकार ने गड़बड़ी स्वीकार की, लेकिन इसे 'पेपर लीक' मानने से इनकार किया।
AAP सरकार पर क्या आरोप हैं?
हरसिमरत बादल के अनुसार, AAP सरकार पेपर लीक के मामलों को दबाने की कोशिश कर रही है और सार्वजनिक रूप से दावा कर रही है कि राज्य में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। यह तब है जब खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 13 मार्च 2023 को PSTET पेपर लीक स्वीकार किया था।
इन मामलों में उच्च न्यायालय ने क्या कदम उठाए हैं?
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों के कई मामलों में हस्तक्षेप करते हुए भर्ती प्रक्रियाओं पर रोक लगाई है, जिनमें एक्साइज इंस्पेक्टरों की भर्ती परीक्षा भी शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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