पेपर लीक पर सपा विधायक अबू आजमी का हमला: 'बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो'
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अबू आजमी ने 29 जून को पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार युवाओं को रोज़गार देने में विफल है, दूसरी ओर कड़ी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र बार-बार पेपर लीक की मार झेल रहे हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति ने लाखों युवाओं की मानसिक शांति छीन ली है।
पेपर लीक: लाखों छात्रों का समय और पैसा बर्बाद
आजमी ने कहा कि लाखों छात्रों ने महीनों की तैयारी के बाद परीक्षा दी, लेकिन पेपर लीक होने के कारण उन्हें फिर से शुरू से तैयारी करनी पड़ रही है। उनका कीमती समय और धन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से टीईटी (TET) पेपर लीक का उल्लेख करते हुए कहा कि चारों ओर भ्रष्टाचार और लूट का माहौल है।
आजमी ने सवाल उठाया, 'जो सरकार परीक्षा तक ईमानदारी से नहीं करा सकती, वह युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित करेगी?' उन्होंने कहा कि न महंगाई पर काबू है, न रोज़गार के अवसर — और अब बार-बार होने वाले पेपर लीक से बच्चों की शिक्षा और भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
आत्महत्याएँ और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
सपा विधायक ने बताया कि पेपर लीक के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली है, जो इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कुछ युवा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर धरने पर बैठे हैं, परंतु सरकार उनकी सुनने को तैयार नहीं है। आजमी के अनुसार, सरकार द्वारा शिक्षा मंत्री को दिया जा रहा समर्थन युवाओं के भविष्य को और अधिक खतरे में डाल रहा है।
राम मंदिर चंदा चोरी पर तीखी प्रतिक्रिया
राम मंदिर में चंदा चोरी के कथित मामले पर आजमी ने कहा कि 'जो राम के नाम पर सत्ता में आए, उनके राज में राम मंदिर से चंदा चोरी होना बेहद दुखद है।' उन्होंने सरकार से तत्काल इस्तीफे की माँग करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और बेईमानी अपने चरम पर है। उनके अनुसार, राम के नाम पर चुनाव जीतकर मंदिर के ही चंदे में चोरी होना एक बड़ा विरोधाभास है।
उद्धव ठाकरे और नसरापुर रेप केस पर बयान
उद्धव ठाकरे के दौरे पर तंज कसते हुए आजमी ने कहा कि उनका असली चेहरा अब सामने आ रहा है और हर जगह हिंदुत्व की राजनीति करना उनकी पुरानी आदत रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें सेकुलर समझकर वोट देना एक गलती थी।
नसरापुर रेप केस पर आजमी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसे अपराधों में फाँसी की सज़ा होनी चाहिए। उनका मानना है कि अगर कुछ दोषियों को मृत्युदंड दिया जाए तो ऐसे अपराधों पर अंकुश लगेगा। उन्होंने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि रोज़ाना लूटपाट और दुष्कर्म की घटनाएँ हो रही हैं, लेकिन पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है।
आजमी के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब देशभर में पेपर लीक को लेकर छात्र आंदोलन तेज़ हो रहे हैं और विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा में भी गूँजने की संभावना है।