यूपी में स्कूल बंद, पेपर लीक पर सरकार नाकामी छिपा रही है: सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने 26 जुलाई को उत्तर प्रदेश में स्कूल बंद होने और पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर योगी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है, जबकि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें खुली छूट दी जा रही है।
पेपर लीक पर नदवी का हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में दावा किया था कि नकल माफिया कांग्रेस और सपा सरकार की देन है और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर इसे जड़ से खत्म करेगी। इस बयान पर पलटवार करते हुए नदवी ने कहा, 'उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा स्कूल बंद हो रहे हैं। पेपर लीक के कई मामले सामने आए हैं। सरकार अपनी नाकामियों को क्यों छिपाना चाहती है? पेपर लीक करने वालों को न पकड़कर, वे एक तरह से उन्हें ऐसा करते रहने की खुली छूट दे रहे हैं।'
उन्होंने सपा के कार्यकाल से तुलना करते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई थी। बल्कि बच्चों को लैपटॉप बाँटे गए और छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया हुआ है और छात्र देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
ओवैसी के आरोपों पर सपा का जवाब
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा अखिलेश यादव पर लगाए गए आरोपों को नदवी ने 'बेबुनियाद' करार दिया। उन्होंने कहा, 'असलियत तब पता चलती है जब कोई व्यक्ति सिर्फ़ बातों से आगे बढ़कर असल जिंदगी में काम करता है। अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी हमेशा से पीड़ितों के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी रहेंगे।'
नदवी ने यह भी स्पष्ट किया कि ओवैसी का नजरिया शायद तेलंगाना के लिए उपयुक्त हो, लेकिन उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में मुसलमान अपना राजनीतिक रास्ता खुद तय करते हैं और जानते हैं कि उनका असली हितैषी कौन है।
अयोध्या दान चोरी मामले में देरी पर चिंता
अयोध्या में दान चोरी के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के नई एसआईटी गठित करने के आदेश पर नदवी ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'एसआईटी की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है और मामला बहुत लंबा खिंच रहा है। यह लोगों की आस्था का मामला है, इसलिए फैसला बहुत पहले आ जाना चाहिए था। इस देरी से लोगों में बेचैनी बढ़ रही है।'
गौरतलब है कि अयोध्या दान चोरी प्रकरण पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बावजूद जाँच की गति पर सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या
नीट पेपर लीक और यूपी में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर विपक्ष का दबाव बढ़ता जा रहा है। सपा के इस आक्रामक रुख से संकेत मिलता है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा और रोज़गार के मुद्दे केंद्रीय राजनीतिक बहस का हिस्सा बनेंगे।