पेपर लीक रोकने के लिए संसद में आएगा कड़ा कानून, दोषियों की संपत्ति होगी जब्त: CM योगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 25 जुलाई को स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। फतेहपुर के मदारीपुर कला मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पेपर लीक जैसे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए संसद में सख्त कानून लाएगी और दोषियों की अवैध संपत्तियाँ जब्त की जाएंगी।
मुख्य घोषणाएँ और चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जेल भेजने के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियाँ भी सरकार द्वारा ज़ब्त की जाएंगी। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोपियों के विरुद्ध पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े मामलों में भी संबंधित कदम उठाए गए हैं। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है।
कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि माफिया और अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में अब कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के लिए केवल दो ही ठिकाने हैं — जेल या जहन्नुम। उन्होंने दावा किया कि भू-माफिया पर प्रभावी कार्रवाई की गई है और सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं।
विपक्ष पर हमला और रोज़गार का दावा
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच निकली अधिकांश भर्तियाँ विवादों में घिरी रहीं और योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में पारदर्शी प्रक्रिया के ज़रिए 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी हैं।
फतेहपुर में ₹489 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
यह कार्यक्रम ₹489 करोड़ से अधिक लागत की 125 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के अवसर पर आयोजित था। मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहपुर, जो कभी आकांक्षी जिलों में शामिल था, अब मेडिकल कॉलेज, सड़क, पुल, अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और कंपोजिट विद्यालयों के माध्यम से विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनता से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का समर्थन करने की भी अपील की।
आगे क्या होगा
प्रस्तावित पेपर लीक विरोधी कानून का संसद में पेश किए जाने का इंतज़ार है, हालाँकि इसकी समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2024 विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन और राजनीतिक बहस जारी है। नई शिक्षा नीति और परीक्षा सुधारों के साथ मिलकर यह कानून भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को पुनर्स्थापित करने की दिशा में सरकार का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।