पेपर लीक पर सख्त कानून आएगा, PM मोदी पर देश को पूरा भरोसा: ओमप्रकाश राजभर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने 24 जुलाई को लखनऊ में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश की जनता का पूरा भरोसा कायम है और केंद्रीय कैबिनेट पेपर लीक मामलों पर एक कड़ा कानून लाने की तैयारी में है। नीट पेपर लीक विवाद के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने इसे सरकार की सकारात्मक पहल बताया।
मंत्री राजभर का बयान
ओमप्रकाश राजभर ने कहा, 'निश्चित है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरे देश की जनता ने विश्वास किया है और कर रही है। नीट पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट एक कड़ा कानून लाने की तैयारी में है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि मौजूदा कानूनी ढाँचे को और मज़बूत करने के लिए एक और भी सख्त कानून लाया जाएगा। राजभर ने यह भी कहा कि छात्र शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए गए हैं, न कि भूख हड़ताल पर बैठने के लिए।
अखिलेश यादव के कार्यकाल पर निशाना
राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल में परीक्षा के पेपर कई दिन पहले ही बिक जाते थे, बड़े पैमाने पर नकल होती थी और सरकारी नौकरियाँ तय दरों पर मिलती थीं। राजभर के अनुसार, उस दौर में 'योग्य छात्र फेल होते थे और अयोग्य पास।' यह आरोप सपा की ओर से लगाए जा रहे सवालों के जवाब में आए हैं।
अयोध्या राम मंदिर विवाद पर पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में 'चढ़ावा-चंदा-दान चोरी' के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गैरज़िम्मेदाराना रवैये का आरोप लगाया था। इस पर मंत्री राजभर ने कहा कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है, गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं, एसआईटी जाँच जारी है और सर्वोच्च न्यायालय का भी दखल है। उन्होंने कहा, 'अगर अखिलेश यादव को सुप्रीम कोर्ट पर भी भरोसा नहीं है, तो फिर और कुछ कहने को नहीं बचता।'
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामले ने पूरे देश में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को जन्म दिया है और विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि पेपर लीक की घटनाएँ हाल के वर्षों में कई राज्यों में सामने आई हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा और नए कानून की तैयारी इसी दबाव के बीच सरकार की प्रतिक्रिया मानी जा रही है।
आगे क्या
केंद्रीय कैबिनेट द्वारा पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन राजभर के बयान से संकेत मिलता है कि यह प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। नीट विवाद और परीक्षा सुधार का मुद्दा आने वाले हफ्तों में संसद में भी गूँजने की संभावना है।