सपा कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी पर पुलिस कार्रवाई करेगी, फूल नहीं बरसाएगी: ओम प्रकाश राजभर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 25 जुलाई को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन, पेपर लीक रोधी कानून, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के अधिकारियों की बर्खास्तगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देर रात जारी वीडियो सहित कई अहम मुद्दों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। राजभर ने स्पष्ट किया कि जब सपा कार्यकर्ता गुंडागर्दी पर उतरते हैं, तो पुलिस कार्रवाई करना उसका दायित्व है।
सपा कार्यकर्ताओं की हरकत पर राजभर का रुख
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा था कि पिस्तौल निकालने वाले यह भूल गए कि यदि उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो पुलिस की नौकरी उनके हाथ न आती। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं। इस पोस्ट पर राजभर ने कहा, 'जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता गुंडागर्दी पर उतर आते हैं, तो पुलिस और क्या करे? अखिलेश यादव ने जो ट्वीट किया या कहा, उसका पूरा वीडियो देखिए। पुलिस का काम ऐसी गुंडागर्दी को रोकना है।'
विरोध-प्रदर्शन को बताया चुनावी स्टंट
राज्य में कई स्थानों पर हो रहे प्रदर्शनों को राजभर ने असली आंदोलन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'यह कोई वास्तविक विरोध-प्रदर्शन नहीं है। वे आने वाले चुनावों से पहले जनता को प्रभावित करने और वोट बटोरने के लिए ऐसा कर रहे हैं।' राजभर ने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में पेपर लीक होते थे, परीक्षाओं में नकल करवाई जाती थी और सरकारी नौकरियाँ तक बेची जाती थीं।
अलीगंज इमारत ध्वस्तीकरण विवाद
आग लगने के बाद अलीगंज की इमारत को गिराए जाने के आदेश पर राजभर ने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर वापस ले लिया गया था। उन्होंने कहा, 'यदि अखिलेश यादव ने वह आदेश वापस नहीं लिया होता, तो 15 लोगों की मौत नहीं होती। ध्वस्तीकरण का आदेश सही था।'
PM मोदी के वीडियो और पेपर लीक कानून पर समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देर रात जारी वीडियो की सराहना करते हुए राजभर ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने हमेशा देश के हित में काम किया है — चाहे युवा हों, किसान हों, बेरोजगार हों या आम जनता। यह वीडियो एक अच्छी पहल है और देश की जनता को समर्पित है।' पेपर लीक रोकने के लिए पारित कानून को उन्होंने सरकार का सकारात्मक कदम बताया और कहा कि छात्रों की माँग और सरकार का इरादा दोनों एक ही दिशा में हैं।
NTA अधिकारियों की बर्खास्तगी पर राजभर
NTA के 47 अधिकारियों को हटाए जाने पर मंत्री ने कहा, 'जिसने गलती की होगी, उन पर कार्रवाई होगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन चल रहा है और सरकार पर जवाबदेही का दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि NTA पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की जिम्मेदारी है और अधिकारियों की बर्खास्तगी को सरकार की जवाबदेही की दिशा में कदम माना जा रहा है।