यूपी विधानसभा हंगामा: राजभर का सपा पर हमला — 'सदन की गरिमा तोड़ना इनका पुराना कल्चर'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 6 अगस्त को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि सपा विधायक जानबूझकर उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर पर 'चोर' लिखकर प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है।
सदन में हंगामे पर राजभर का तीखा बयान
राजभर ने कहा, 'विपक्ष ने लोकतंत्र की हत्या की। सदन चर्चा के लिए बना है और आप चर्चा से भाग रहे हो।' उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब नेता खुद सदन न चलाने का निर्देश दें, तो विधायक उसी राह पर चलते हैं। राजभर ने यह भी उल्लेख किया कि विधानसभा अध्यक्ष ने स्वयं मुख्यमंत्री की तस्वीर पर नारेबाजी को सदन की गरिमा के विरुद्ध करार दिया।
ऐतिहासिक संदर्भ: सपा-बसपा टकराव की याद
राजभर ने यह भी याद दिलाया कि यही वह सदन है जहाँ एक समय समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायकों के साथ मारपीट की थी और उन्हें सड़क पर दौड़ाया था। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि आज 'लात खाने वाले और लात मारने वाले दोनों एकजुट हैं।' आलोचकों का कहना है कि यह बयान सपा-बसपा के वर्तमान राजनीतिक समीकरणों पर सीधी चोट है।
पीडीए नारे पर पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर राजभर ने कहा कि जब से उन्होंने इसका वैकल्पिक 'फुल फॉर्म' सार्वजनिक करना शुरू किया — 'पीट दे देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' — तब से सपा रोज़ अपनी परिभाषा बदल रही है। उन्होंने इसे सपा की राजनीतिक अस्थिरता का प्रमाण बताया।
घुमंतू समाज संवाद और मदरसा वेतन विधेयक
मंत्री राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घुमंतू-विमुक्त जातियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद पहल को 'सराहनीय कदम' बताया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों द्वारा 'क्रिमिनल कास्ट' करार दी गई इन जातियों को विकास की मुख्यधारा में लाना सरकार की प्राथमिकता है। मदरसा वेतन विधेयक वापस लिए जाने पर उन्होंने कहा कि पिछली सपा सरकार में 'अनर्गल लोगों को पोस्टिंग देकर बिना वजह पैसे दिए जाते थे' और नई सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है।
संभल हिंसा रिपोर्ट और भागवत के कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया
संभल हिंसा को लेकर पेश रिपोर्ट पर राजभर ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में 1,000 दंगे हुए थे। उन्होंने कहा कि दोबारा जाँच कराने पर भी सपा नेता दोषी ही पाए जाएँगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन जी संवाद' कार्यक्रम पर राजभर ने कहा कि भागवत के वक्तव्य राष्ट्रहित और युवाओं के हित में होते हैं और उनकी बात में 'दम होता है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विधानसभा सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव अपने चरम पर है।