6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी विधानसभा हंगामा: राजभर का सपा पर हमला — 'सदन की गरिमा तोड़ना इनका पुराना कल्चर'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी विधानसभा हंगामा: राजभर का सपा पर हमला — 'सदन की गरिमा तोड़ना इनका पुराना कल्चर'

सारांश

यूपी विधानसभा सत्र में सपा के हंगामे पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया — मुख्यमंत्री की तस्वीर पर 'चोर' लिखने को लोकतंत्र की हत्या बताया, पीडीए नारे को 'रोज़ बदलती परिभाषा' कहकर घेरा, और सपा के पुराने सदन-विरोधी रवैये का ऐतिहासिक हवाला दिया।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 6 अगस्त को सपा पर आरोप लगाया कि वह यूपी विधानसभा की कार्यवाही जानबूझकर बाधित कर रही है।
सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर पर 'चोर' लिखकर प्रदर्शन को विधानसभा अध्यक्ष ने भी गरिमा-विरोधी बताया।
राजभर ने सपा के पीडीए नारे का वैकल्पिक 'फुल फॉर्म' देकर अखिलेश यादव पर राजनीतिक अस्थिरता का आरोप लगाया।
सपा शासनकाल में 1,000 दंगों का हवाला देते हुए संभल हिंसा रिपोर्ट पर सपा नेताओं को दोषी ठहराया।
घुमंतू-विमुक्त जातियों के लिए मुख्यमंत्री की संवाद पहल को 'सराहनीय' बताया; मदरसा वेतन विधेयक वापसी को पुरानी 'अनर्गल व्यवस्था' की समाप्ति करार दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 6 अगस्त को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि सपा विधायक जानबूझकर उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर पर 'चोर' लिखकर प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है।

सदन में हंगामे पर राजभर का तीखा बयान

राजभर ने कहा, 'विपक्ष ने लोकतंत्र की हत्या की। सदन चर्चा के लिए बना है और आप चर्चा से भाग रहे हो।' उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब नेता खुद सदन न चलाने का निर्देश दें, तो विधायक उसी राह पर चलते हैं। राजभर ने यह भी उल्लेख किया कि विधानसभा अध्यक्ष ने स्वयं मुख्यमंत्री की तस्वीर पर नारेबाजी को सदन की गरिमा के विरुद्ध करार दिया।

ऐतिहासिक संदर्भ: सपा-बसपा टकराव की याद

राजभर ने यह भी याद दिलाया कि यही वह सदन है जहाँ एक समय समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायकों के साथ मारपीट की थी और उन्हें सड़क पर दौड़ाया था। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि आज 'लात खाने वाले और लात मारने वाले दोनों एकजुट हैं।' आलोचकों का कहना है कि यह बयान सपा-बसपा के वर्तमान राजनीतिक समीकरणों पर सीधी चोट है।

पीडीए नारे पर पलटवार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर राजभर ने कहा कि जब से उन्होंने इसका वैकल्पिक 'फुल फॉर्म' सार्वजनिक करना शुरू किया — 'पीट दे देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' — तब से सपा रोज़ अपनी परिभाषा बदल रही है। उन्होंने इसे सपा की राजनीतिक अस्थिरता का प्रमाण बताया।

घुमंतू समाज संवाद और मदरसा वेतन विधेयक

मंत्री राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घुमंतू-विमुक्त जातियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद पहल को 'सराहनीय कदम' बताया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों द्वारा 'क्रिमिनल कास्ट' करार दी गई इन जातियों को विकास की मुख्यधारा में लाना सरकार की प्राथमिकता है। मदरसा वेतन विधेयक वापस लिए जाने पर उन्होंने कहा कि पिछली सपा सरकार में 'अनर्गल लोगों को पोस्टिंग देकर बिना वजह पैसे दिए जाते थे' और नई सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है।

संभल हिंसा रिपोर्ट और भागवत के कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया

संभल हिंसा को लेकर पेश रिपोर्ट पर राजभर ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में 1,000 दंगे हुए थे। उन्होंने कहा कि दोबारा जाँच कराने पर भी सपा नेता दोषी ही पाए जाएँगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन जी संवाद' कार्यक्रम पर राजभर ने कहा कि भागवत के वक्तव्य राष्ट्रहित और युवाओं के हित में होते हैं और उनकी बात में 'दम होता है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विधानसभा सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव अपने चरम पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर यह भी दर्शाता है कि सत्तापक्ष खुद इस नारे की काट खोजने में लगा है — जो इसकी जनमानस में पकड़ को रेखांकित करता है। संभल और मदरसा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजभर के बयान सत्तारूढ़ गठबंधन की चुनावी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश हैं, लेकिन इन पर स्वतंत्र सत्यापन और जवाबदेही की माँग बनी रहती है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओमप्रकाश राजभर ने यूपी विधानसभा हंगामे पर क्या कहा?
राजभर ने कहा कि सपा जानबूझकर विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने देना चाहती, क्योंकि सदन चलेगा तो सरकार अपनी उपलब्धियाँ जनता के सामने रखेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी की तस्वीर पर 'चोर' लिखने को 'लोकतंत्र की हत्या' बताया।
सपा के पीडीए नारे पर राजभर ने क्या आपत्ति जताई?
राजभर ने दावा किया कि उनके वैकल्पिक 'फुल फॉर्म' — 'पीट दे देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' — सार्वजनिक करने के बाद से सपा रोज़ पीडीए की परिभाषा बदल रही है। उन्होंने इसे सपा की राजनीतिक अस्थिरता का प्रमाण बताया।
विधानसभा में मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला विवाद क्या है?
सपा विधायकों ने सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर पर 'चोर' लिखकर प्रदर्शन किया। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे सदन की गरिमा के विरुद्ध करार दिया और राजभर ने इसे 'सपा का पुराना कल्चर' बताया।
संभल हिंसा रिपोर्ट पर राजभर का क्या कहना है?
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में 1,000 दंगे हुए थे और दोबारा जाँच कराने पर भी सपा नेता दोषी ही पाए जाएँगे। उन्होंने कहा कि जिस सरकार का 'कल्चर' दंगों वाला रहा हो, उसके लोग वही नज़र आते हैं।
घुमंतू-विमुक्त जातियों के संवाद कार्यक्रम पर राजभर ने क्या कहा?
राजभर ने मुख्यमंत्री योगी की घुमंतू-विमुक्त जातियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद पहल को 'सराहनीय कदम' बताया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों द्वारा 'क्रिमिनल कास्ट' घोषित इन जातियों को विकास की मुख्यधारा में लाना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले