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ओम प्रकाश राजभर का SP पर बड़ा हमला: '23 हत्याओं के 95% आरोपी सपा नेता'

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ओम प्रकाश राजभर का SP पर बड़ा हमला: '23 हत्याओं के 95% आरोपी सपा नेता'

सारांश

उत्तर प्रदेश मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा पर सीधा हमला बोला — राजभर समुदाय की 23 हत्याओं के पोस्टर को 'सियासी पाखंड' बताते हुए कहा कि 95% आरोपी सपा के अपने नेता हैं। बाराबंकी, मऊ और आज़मगढ़ की घटनाओं का हवाला देकर उन्होंने सपा से जवाब माँगा।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 7 जून 2026 को कन्नौज में सपा पर राजभर समुदाय के 23 लोगों की हत्या के मामले में निशाना साधा।
राजभर के अनुसार इन मामलों में 95 प्रतिशत आरोपी सपा नेता हैं — अधिकांश मुस्लिम या यादव।
बाराबंकी में आइसक्रीम विक्रेता की उंगली काटने और मऊ में सपा के चार नेताओं द्वारा गोली मारने का आरोप।
आज़मगढ़ में एटीएस छापों पर सवाल — राजभर ने पूछा, 'संरक्षण कौन दे रहा है?' स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर टिप्पणी — राजभर ने कहा वे सपा नेता की तरह बयान दे रहे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 7 जून 2026 को कन्नौज में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राजभर समुदाय के 23 लोगों की हत्या के मामलों में 95 प्रतिशत आरोपी स्वयं सपा के नेता हैं। उन्होंने सपा पर पोस्टर के ज़रिए समाज को गुमराह करने का आरोप लगाया।

पोस्टर विवाद: राजभर का पलटवार

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने दफ्तर में राजभर समुदाय के 23 लोगों की हत्या का पोस्टर लगाया है। उनके अनुसार, 'पोस्टर लगाने वालों को यह भी बताना चाहिए कि उन हत्याओं के लिए कौन ज़िम्मेदार था।' उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में 95 प्रतिशत आरोपी या तो मुस्लिम हैं या यादव, और अधिकांश सपा से जुड़े हैं। राजभर का कहना है कि सपा पूरे समाज को दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है, जबकि अपने नेताओं की जवाबदेही से बच रही है।

बाराबंकी और मऊ की घटनाओं का हवाला

राजभर ने कई कथित घटनाओं का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि बाराबंकी में राजभर समुदाय का एक व्यक्ति आइसक्रीम बेच रहा था, जब सपा से जुड़े लोगों ने आइसक्रीम खाई और पैसे माँगने पर उसकी उंगली काट दी। इसके अलावा, मऊ में कथित तौर पर सपा के चार नेताओं ने मिलकर राजभर समुदाय के एक व्यक्ति को गोली मार दी, और मऊ के मधुबन में सपा के पाँच नेताओं पर हत्या का आरोप है। उन्होंने देवरिया और कुशीनगर में भी सपा कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया।

आज़मगढ़ और एटीएस पर सवाल

राजभर ने आज़मगढ़ को सपा का 'गढ़' बताते हुए सवाल उठाया कि एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) जहाँ भी तलाशी लेती है, संदिग्ध वहीं मिलते हैं। उन्होंने पूछा, 'अगर यह समाजवादी पार्टी का गढ़ है, तो उन्हें संरक्षण कौन दे रहा है?' राजभर ने सपा से इस पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने की माँग की।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर टिप्पणी

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बारे में राजभर ने कहा कि वे 'समाजवादी पार्टी के नेता की तरह काम कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि संत-साधु आम तौर पर मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के विरुद्ध बयान नहीं देते, और यदि वे कोई अभियान चलाना चाहते हैं तो स्वतंत्र हैं, लेकिन उन्हें अपनी भूमिका का ध्यान रखना चाहिए। यह विवाद उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजभर समुदाय को लेकर सियासी खींचतान का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और पोस्टर विवाद इसी टकराव का नया मोर्चा है। लेकिन '95 प्रतिशत आरोपी सपा नेता' जैसे दावे बिना न्यायिक सत्यापन के राजनीतिक आरोप ही रहते हैं। असली सवाल यह है कि इन 23 मामलों में अदालतों में क्या हुआ — वह तथ्य न राजभर बता रहे हैं, न सपा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि राजभर समुदाय की 23 हत्याओं के 95 प्रतिशत मामलों में आरोपी स्वयं सपा के नेता हैं। उन्होंने कहा कि सपा पोस्टर के ज़रिए पूरे समाज को दोषी ठहरा रही है, जबकि अपने नेताओं की जवाबदेही से बच रही है।
बाराबंकी और मऊ में राजभर समुदाय के साथ क्या हुआ?
राजभर के अनुसार बाराबंकी में एक आइसक्रीम विक्रेता की उंगली काट दी गई, जब उसने सपा कार्यकर्ताओं से पैसे माँगे। मऊ में कथित तौर पर सपा के चार नेताओं ने राजभर समुदाय के व्यक्ति को गोली मारी, और मधुबन में पाँच सपा नेताओं पर हत्या का आरोप है।
आज़मगढ़ और एटीएस को लेकर राजभर ने क्या सवाल उठाया?
राजभर ने कहा कि आज़मगढ़ सपा का गढ़ है, फिर भी एटीएस जहाँ भी तलाशी लेती है, संदिग्ध वहीं मिलते हैं। उन्होंने सपा से पूछा कि इन संदिग्धों को संरक्षण कौन दे रहा है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बारे में राजभर ने क्या कहा?
राजभर ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सपा नेता की तरह बयान दे रहे हैं। उनका कहना था कि संत-साधु आम तौर पर मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के विरुद्ध बयान नहीं देते, और व्यक्ति को अपने कार्यक्षेत्र पर ध्यान देना चाहिए।
यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्यों अहम है?
राजभर समुदाय उत्तर प्रदेश में एक महत्वपूर्ण पिछड़ा वर्ग है, जिस पर सपा और भाजपा-गठबंधन दोनों की नज़र है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह आरोप-प्रत्यारोप इस समुदाय की सियासी दावेदारी की लड़ाई का हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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