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ओपी राजभर का सपा पर तीखा प्रहार: 'अपने नेताओं के अपराध पर क्यों रहती है चुप?'

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ओपी राजभर का सपा पर तीखा प्रहार: 'अपने नेताओं के अपराध पर क्यों रहती है चुप?'

सारांश

ओपी राजभर ने सपा की एनकाउंटर-राजनीति को उसी के आईने में दिखाया — कौशाम्बी, मऊ, बाराबंकी, देवरिया और गाजियाबाद के कथित मामलों की फेहरिस्त रखकर पूछा कि जब अपने नेता आरोपी हों, तब सपा की आवाज़ क्यों बंद हो जाती है।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 5 जून 2026 को अंबेडकरनगर में सपा पर चुनिंदा राजनीति का आरोप लगाया।
सपा ने गाजीपुर एनकाउंटर को लेकर पीडीए वर्ग के साथ भेदभाव का आरोप लगाया था, जिस पर राजभर ने पलटवार किया।
राजभर ने कौशाम्बी, मऊ, बाराबंकी, देवरिया और गाजियाबाद के कथित मामलों का हवाला दिया जिनमें सपा नेताओं पर आरोप हैं।
सूर्या चौहान हत्याकांड (गाजियाबाद) पर भी सपा की चुप्पी पर सवाल उठाया।
'कॉकरोच जनता पार्टी' के जंतर-मंतर प्रदर्शन को राजभर ने निरर्थक बताया, कहा — चुनाव आयोग में ऐसा कोई चिन्ह पंजीकृत नहीं।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 5 जून 2026 को अंबेडकरनगर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के शुभारंभ के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा एनकाउंटर को लेकर चुनिंदा राजनीति करती है — जब उसके अपने नेता अपराध में शामिल होते हैं, तब पार्टी चुप्पी साध लेती है।

गाजीपुर एनकाउंटर विवाद की पृष्ठभूमि

हाल के गाजीपुर एनकाउंटर को लेकर सपा का कहना रहा है कि पीडीए वर्ग के लोगों का एनकाउंटर अधिक होता है, जबकि सवर्णों का कम। इसी बयान पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि विपक्ष तब सवाल उठाता है जब सरकार पर आरोप लगाने हों, लेकिन जब उनकी ही पार्टी के नेताओं पर गंभीर आपराधिक मामले होते हैं, तब वे मौन रहते हैं।

राजभर के सीधे आरोप

राजभर ने कई कथित घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'सपा के नेता जब कौशाम्बी में समाजवादी पार्टी के चार नेता पाल की बेटी के साथ रेप करते हैं, तब उस पर सवाल नहीं उठाते हैं। उस बेटी की हत्या हो जाती है, तब उस पर एनकाउंटर की बात नहीं करते हैं। मऊ में समाजवादी पार्टी के चार नेता एक राजभर की हत्या करते हैं तो उस पर एनकाउंटर का सवाल नहीं उठा रहे हैं। बाराबंकी में दो समाजवादी पार्टी के नेता मिलकर एक राजभर की हत्या करते हैं, उस पर सवाल नहीं करते हैं। देवरिया में राजकुमार चौहान की हत्या सपा का नेता करता है, उस पर सवाल नहीं उठाते हैं। अभी गाजियाबाद में सूर्या चौहान हत्याकांड पर ये नहीं बोल रहे हैं, क्योंकि जहां इनके वोटर और लोग शामिल होते हैं, वहां सपा नहीं बोलती है।'

कानून व्यवस्था पर राजभर का पक्ष

राजभर ने स्पष्ट किया कि जब कोई अपराधी कानून अपने हाथ में लेता है, तो सरकार का दायित्व है कि वह विधिसम्मत कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है और किसी भी अपराधी के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में कई एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।

'कॉकरोच जनता पार्टी' पर तंज

जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन और 'कॉकरोच जनता पार्टी' के राजनीतिक प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग के पास इस नाम का कोई चुनाव चिन्ह पंजीकृत नहीं है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसी पार्टियाँ केवल हवाई दावों पर टिकी होती हैं और उनका जमीनी प्रभाव शून्य है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जनता का भरोसा है, इसलिए ऐसे प्रदर्शनों का कोई असर नहीं पड़ेगा।

आगे क्या

राजभर के इन बयानों के बाद सपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पीडीए बनाम सवर्ण एनकाउंटर का यह विमर्श आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजभर उसे उसी की पार्टी के नेताओं के कथित अपराधों से काटने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन गौरतलब है कि राजभर के आरोप 'कथित' मामलों पर आधारित हैं जिनकी स्वतंत्र पुष्टि ज़रूरी है। मुख्यधारा की कवरेज इस बहस के जातीय समीकरण को पर्याप्त गहराई से नहीं खंगालती — जबकि असली सवाल यह है कि क्या यूपी पुलिस के एनकाउंटर में वाकई जातिगत पैटर्न है, और इसका जवाब केवल आँकड़ों से आएगा, आरोप-प्रत्यारोप से नहीं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा एनकाउंटर को लेकर चुनिंदा राजनीति करती है — जब उसके अपने नेताओं पर हत्या या बलात्कार जैसे गंभीर आरोप होते हैं, तब पार्टी चुप रहती है। उन्होंने कौशाम्बी, मऊ, बाराबंकी, देवरिया और गाजियाबाद के कथित मामलों का हवाला दिया।
गाजीपुर एनकाउंटर विवाद क्या है?
सपा का कहना है कि उत्तर प्रदेश में पीडीए वर्ग के लोगों का एनकाउंटर अधिक होता है, जबकि सवर्णों का कम — यह जातिगत भेदभाव का आरोप है। राजभर ने इसी बयान पर पलटवार करते हुए सपा नेताओं के कथित अपराधों की सूची सामने रखी।
सूर्या चौहान हत्याकांड क्या है जिसका राजभर ने ज़िक्र किया?
राजभर के अनुसार गाजियाबाद में सूर्या चौहान की हत्या में सपा से जुड़े लोगों की भूमिका कथित तौर पर है, जिस पर सपा ने कोई बयान नहीं दिया। इस मामले की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान क्या है?
यह केंद्र सरकार का पर्यावरण जागरूकता अभियान है जिसके तहत नागरिकों को अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। राजभर ने 5 जून 2026 को अंबेडकरनगर में इस अभियान की स्थानीय शुरुआत की।
राजभर ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर क्या कहा?
राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग में इस नाम का कोई दल या चुनाव चिन्ह पंजीकृत नहीं है। उनके अनुसार ऐसे संगठनों का कोई वास्तविक राजनीतिक प्रभाव नहीं होता और उनके प्रदर्शनों का जनमत पर असर नगण्य है।
राष्ट्र प्रेस
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