25 जुलाई 2026
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पेपर लीक बिल पर संजय निषाद: विपक्ष सड़क छोड़ संसद में करे बहस, लोकतंत्र कानून से चलता है

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पेपर लीक बिल पर संजय निषाद: विपक्ष सड़क छोड़ संसद में करे बहस, लोकतंत्र कानून से चलता है

सारांश

UP कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने पेपर लीक रोधी ड्राफ्ट बिल का स्वागत करते हुए विपक्ष पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में बहस से इसलिए बच रहा है क्योंकि चर्चा होने पर शिक्षा माफिया से उसके कथित संबंध उजागर हो जाएँगे।

मुख्य बातें

UP कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 25 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट के पेपर लीक रोधी ड्राफ्ट बिल का स्वागत किया।
निषाद ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह संसद में बहस से बच रहा है ताकि शिक्षा माफिया और परीक्षा केंद्र माफिया से उसके कथित संबंध उजागर न हों।
कांग्रेस , सपा और बसपा के शासनकाल में परीक्षा व्यवस्था में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
मंत्री ने सोनम वांगचुक को बुद्धिजीवी बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा माँगें स्वीकार होने के बाद विवाद समाप्त माना जाना चाहिए।
विपक्षी नेताओं से अपील — गाँवों और युवाओं के बीच जाकर समस्याएँ समझें, सड़क पर राजनीति नहीं।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 25 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा पेपर लीक रोकने हेतु ड्राफ्ट विधेयक को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया और विपक्ष से सड़क पर प्रदर्शन छोड़कर संसद में चर्चा करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र कानूनों के आधार पर चलता है और यह सख्त विधेयक प्रतिभाशाली छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

विपक्ष पर सीधा निशाना

मंत्री संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर संसद के भीतर इस मुद्दे पर बहस से बच रहा है। उनके अनुसार, यदि संसद में चर्चा हो तो पेपर लीक, शिक्षा माफिया, परीक्षा केंद्र माफिया और भू-माफिया से जुड़े लोगों की भूमिका सार्वजनिक हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसदीय बहस के बजाय बाहर विरोध-प्रदर्शन कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।

पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप

निषाद ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन दौरों में परीक्षा व्यवस्था में व्यापक अनियमितताएँ होती थीं। उन्होंने कहा कि उस समय नकल और परीक्षा केंद्रों के आवंटन में भ्रष्टाचार आम बात थी और कुछ शिक्षा माफियाओं के नियंत्रण में बड़ी संख्या में स्कूल थे, जहाँ पैसे लेकर परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे तत्वों को बाद में मंत्री और विधायक तक बनाया गया।

राष्ट्रवाद और सरकार की प्राथमिकताएँ

राष्ट्रवाद के सवाल पर मंत्री ने कहा कि देश को अवसरवादियों की नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी सोच रखने वाले लोगों की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों और समुदायों ने देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया, उन्हें उचित सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए। राष्ट्रवाद से जुड़े प्रतीकों और गीतों का सम्मान होना चाहिए और इसके लिए कानून का पालन भी आवश्यक है।

निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों के अभिभावक की तरह काम कर रहे हैं और केंद्र सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के साथ-साथ राष्ट्र की सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें छात्रों को गुमराह कर अपने राजनीतिक हित साधने का प्रयास कर रही हैं।

सोनम वांगचुक आंदोलन पर प्रतिक्रिया

पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए निषाद ने उन्हें एक बुद्धिजीवी व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि बुद्धिजीवी समाज के मुद्दों के लिए संघर्ष करते हैं और यदि सरकार ने उनकी माँगें स्वीकार कर ली हैं, तो विवाद समाप्त माना जाना चाहिए।

आगे की राह

मंत्री ने विपक्षी नेताओं से अपील की कि वे गाँवों और युवाओं के बीच जाकर उनकी समस्याएँ समझें और उनके समाधान के लिए काम करें। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में हर समस्या का समाधान संवाद और चर्चा से ही संभव है और किसी भी मुद्दे पर बहस का उचित मंच संसद ही है। पेपर लीक विरोधी विधेयक के संसद में पेश होने के बाद इस पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख निर्णायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ध्यान देने योग्य है कि NEET और अन्य परीक्षा विवाद हाल के वर्षों में — अर्थात मौजूदा सरकार के कार्यकाल में — सामने आए हैं, जो केवल पूर्ववर्ती सरकारों पर दोष मढ़ने की सीमा को रेखांकित करता है। विपक्ष को संसद में बुलाने की अपील तब अधिक विश्वसनीय होती, जब सरकार स्वयं सत्र में इस पर खुली और विस्तृत चर्चा का प्रस्ताव रखती। ड्राफ्ट बिल का स्वागत ज़रूरी है, लेकिन असली कसौटी उसके क्रियान्वयन और स्वतंत्र जाँच तंत्र में होगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने पेपर लीक बिल पर क्या कहा?
UP कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह सख्त कानून प्रतिभाशाली छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निषाद ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
निषाद ने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में पेपर लीक मुद्दे पर बहस से जानबूझकर बच रहा है, क्योंकि चर्चा होने पर शिक्षा माफिया, परीक्षा केंद्र माफिया और भू-माफिया से उसके कथित संबंध उजागर हो जाएँगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष सड़क पर प्रदर्शन कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निषाद ने क्या आरोप लगाए?
निषाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल में परीक्षा व्यवस्था में व्यापक अनियमितताएँ होती थीं और पैसे लेकर परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे तत्वों को बाद में मंत्री और विधायक तक बनाया गया।
सोनम वांगचुक के आंदोलन पर निषाद का क्या रुख है?
निषाद ने सोनम वांगचुक को एक बुद्धिजीवी व्यक्ति बताया और कहा कि बुद्धिजीवी समाज के मुद्दों के लिए संघर्ष करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी माँगें स्वीकार कर ली हैं, तो विवाद समाप्त माना जाना चाहिए।
निषाद के अनुसार लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान कैसे होना चाहिए?
निषाद ने कहा कि लोकतंत्र में हर समस्या का समाधान संवाद और चर्चा से ही संभव है और किसी भी मुद्दे पर बहस का उचित मंच संसद है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से गाँवों और युवाओं के बीच जाकर उनकी समस्याएँ समझने और समाधान के लिए काम करने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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