अमेरिकी सीनेट में 'स्टॉप ट्रांसनेशनल रिप्रेशन एक्ट' पेश, विदेशी दमन पर 10 साल जेल का प्रावधान
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सीनेट में 25 जुलाई 2026 को एक ऐतिहासिक द्विदलीय विधेयक पेश किया गया, जो पहली बार सीमापार दमन (ट्रांसनेशनल रिप्रेशन) को संघीय कानून में परिभाषित करेगा और ऐसे अपराधों के लिए अधिकतम 10 वर्ष की अतिरिक्त कैद तथा 1 लाख अमेरिकी डॉलर तक के जुर्माने का प्रावधान करेगा। 'स्टॉप ट्रांसनेशनल रिप्रेशन एक्ट' नामक यह विधेयक कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट सीनेटर एडम शिफ और यूटा के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कर्टिस ने संयुक्त रूप से पेश किया है।
विधेयक की मुख्य विशेषताएँ
यह विधेयक अमेरिकी कानून में पहली बार ट्रांसनेशनल रिप्रेशन की स्पष्ट संघीय आपराधिक परिभाषा स्थापित करेगा। इसके अंतर्गत किसी विदेशी सरकार, उसके एजेंटों या प्रॉक्सी द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से बाहर जाकर किसी व्यक्ति को परेशान करना, धमकाना, दबाव डालना, अपहरण करना या हत्या करना — सभी अपराध की श्रेणी में आएंगे।
विधेयक में यह भी शामिल है कि यदि कोई विदेशी सरकार या उसका एजेंट किसी को अमेरिकी संविधान द्वारा संरक्षित अधिकारों — विशेष रूप से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता — का प्रयोग करने से रोकने की कोशिश करे, तो वह भी इस कानून के दायरे में आएगा। ऐसे मामलों में अभियोजन की निगरानी न्याय विभाग के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के अधीन होगी, जबकि आपराधिक जाँच की ज़िम्मेदारी एफबीआई की होगी।
किन देशों और घटनाओं का संदर्भ दिया गया
सीनेटरों ने विधेयक पेश करते हुए कई हालिया मामलों का उल्लेख किया। इनमें न्यूयॉर्क में एक सिख कार्यकर्ता और अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश भी शामिल है, जिसे एफबीआई ने पिछले वर्ष विफल कर दिया था। सार्वजनिक अदालत दस्तावेजों के अनुसार, कथित तौर पर इस कार्यकर्ता की पहचान एक भारतीय सरकारी कर्मचारी द्वारा की गई थी।
सीनेटरों ने चीन के हाल ही में लागू 'एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस प्रमोशन' कानून का भी जिक्र किया, जो उनके अनुसार बीजिंग को अपनी सीमाओं के बाहर भी व्यक्तियों को निशाना बनाने का कानूनी आधार दे सकता है। इसके अतिरिक्त, ईरान पर आरोप लगाया गया कि उसने अपने समर्थक समूहों के माध्यम से अमेरिका में रहने वाले तेहरान सरकार के आलोचक पत्रकारों का अपहरण करने या उनकी हत्या करने की कोशिश की।
सीनेटरों की प्रतिक्रिया
सीनेटर एडम शिफ ने कहा, 'सीमापार दमन के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह बेहद आवश्यक है कि हम उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें जो अमेरिका की धरती पर असंतुष्टों और आलोचकों को डराने-धमकाने और उन पर हमला करने की कोशिश करते हैं। अमेरिका में रहने वाले हर व्यक्ति के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए इस विधेयक में आवश्यक स्पष्टता और कठोर कानूनी प्रावधान हैं।'
सीनेटर जॉन कर्टिस ने कहा, 'किसी भी विदेशी सरकार को अमेरिका में रहने वाले लोगों को धमकाने या चुप कराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। चाहे वह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी हो, ईरानी शासन हो या कोई अन्य सत्तावादी सरकार — ट्रांसनेशनल रिप्रेशन हमारी संप्रभुता और हमारी स्वतंत्रता, दोनों पर हमला है।'
निगरानी और जवाबदेही का ढाँचा
विधेयक के तहत संघीय एजेंसियों को सीमापार दमन के मामलों से निपटने के लिए उपलब्ध कानूनी अधिकारों की समीक्षा करने का निर्देश दिया जाएगा। इसके साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से होने वाले ट्रांसनेशनल रिप्रेशन का मुकाबला करने के लिए सरकार-स्तरीय समग्र रणनीति तैयार करना अनिवार्य होगा। सीमापार दमन की घटनाओं पर कांग्रेस को प्रतिवर्ष रिपोर्ट और ब्रीफिंग देना भी अनिवार्य किया जाएगा।
आगे क्या होगा
यह विधेयक ऐसे समय पेश हुआ है जब हाल के वर्षों में विदेशी सरकारों द्वारा अमेरिका में रहने वाले असंतुष्टों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने की कथित साजिशों के कई मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि यह पहला ऐसा प्रयास है जो रिपब्लिकन और डेमोक्रेट — दोनों दलों के समर्थन से आगे बढ़ रहा है, जो इसे सीनेट में पारित होने की संभावना को मज़बूत बनाता है। विधेयक के कानून बनने की स्थिति में यह अमेरिका में रहने वाले अप्रवासी समुदायों, पत्रकारों और असंतुष्टों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी सुरक्षा कवच बनेगा।