चीन का 'ट्रांसनेशनल दमन': अमेरिकी कांग्रेस सुनवाई में सख्त कानून की मांग, 319 मामले दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण सुनवाई में 5 जून 2025 को यह सवाल फिर से उठाया गया कि चीन किस प्रकार अपनी भौगोलिक सीमाओं से बाहर जाकर असहमत आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रहा है। सांसदों, राज्य अधिकारियों और लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं ने एकमत से कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) अब डराने-धमकाने, निगरानी और मनोवैज्ञानिक दबाव की एक वैश्विक रणनीति अपना रही है, जो अमेरिकी धरती पर भी सक्रिय है। यह सुनवाई तियानमेन स्क्वायर नरसंहार की 37वीं बरसी के दिन आयोजित की गई थी।
सुनवाई का संदर्भ और मंच
यह सुनवाई कांग्रेसनल एग्जीक्यूटिव कमीशन ऑन चाइना (CECC) में आयोजित हुई। सह-अध्यक्ष सांसद क्रिस स्मिथ ने सुनवाई की शुरुआत करते हुए कहा कि CCP अब कई तरह के परिष्कृत तरीकों का उपयोग कर रही है — जिनमें चीन में रह रहे परिजनों को हिरासत में लेना, व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करना (डॉक्सिंग), स्पाइवेयर का इस्तेमाल, डीपफेक वीडियो, हांगकांग से जुड़े इनाम (बाउंटी) और अमेरिका में अवैध पुलिस स्टेशन संचालित करना शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह सुनवाई ऐसे समय में हुई जब अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है और विदेशी हस्तक्षेप को लेकर अमेरिकी संसद में बहस तेज़ हो रही है।
मुख्य घटनाक्रम: 319 मामले और कानून की मांग
सह-अध्यक्ष सांसद जिम मैकगवर्न ने कहा कि चीन दुनिया में ट्रांसनेशनल दमन करने वाला सबसे बड़ा देश है। उन्होंने फ्रीडम हाउस के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2014 से अब तक ऐसे 319 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
मैकगवर्न ने मांग की कि अमेरिकी कांग्रेस को 'ट्रांसनेशनल रिप्रेशन पॉलिसी एक्ट' पारित करना चाहिए, ताकि इस समस्या की कानूनी परिभाषा तय हो सके और सरकार की प्रतिक्रिया को एक ठोस कानूनी ढाँचा मिल सके। यह ऐसे समय में आया है जब संघीय, राज्य और स्थानीय एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी को लेकर कई बार चिंता जताई जा चुकी है।
आर्थर लियू की गवाही: अमेरिका में भी नहीं मिली राहत
सुनवाई में सबसे प्रभावशाली गवाही आर्थर लियू की रही, जो 1989 के तियानमेन आंदोलन के बाद चीन छोड़कर कैलिफोर्निया, अमेरिका में बस गए थे। लियू ने बताया कि उन्हें लगा था कि अमेरिका आने के बाद राजनीतिक उत्पीड़न समाप्त हो गया, लेकिन 2021 में एफबीआई (FBI) ने उन्हें सूचित किया कि एक चीनी एजेंट उनके बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहा है।
लियू के अनुसार, एजेंट ने उनकी बेटी — ओलंपिक फिगर स्केटर एलिसा लियू — के बारे में भी जानकारी जुटाने की कोशिश की, ताकि 2022 बीजिंग विंटर ओलंपिक्स से पहले उन पर दबाव बनाया जा सके। लियू ने कहा, 'एफबीआई ने मुझसे सावधान और सतर्क रहने को कहा।'
उन्होंने यह भी बताया कि एजेंटों ने आगाह किया था कि संदिग्ध जासूस उनकी गतिविधियों पर नज़र रख सकता है, उनकी गाड़ी में जीपीएस ट्रैकर लगा सकता है और उनके पासपोर्ट की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकता है। लियू ने कहा, 'मुझे अपनी बेटी एलिसा की सुरक्षा को लेकर बहुत डर लग रहा था, जब वह अमेरिका की तरफ से चीन में प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही थी।'
विशेषज्ञ और सांसद क्या कहते हैं
सांसदों का कहना है कि चीन के ये तरीके अब घरेलू दमन से आगे बढ़कर एक सुनियोजित वैश्विक रणनीति बन चुके हैं। उनके अनुसार, अमेरिका में अवैध पुलिस स्टेशनों का संचालन और स्पाइवेयर का उपयोग इस बात के प्रमाण हैं कि यह दमन अब केवल चीनी नागरिकों तक सीमित नहीं है।
फ्रीडम हाउस के आंकड़ों के अनुसार, चीन ट्रांसनेशनल दमन के मामले में वैश्विक स्तर पर सबसे आगे है और इसके तरीके साल-दर-साल और परिष्कृत होते जा रहे हैं।
आगे क्या होगा
सांसदों ने माँग की है कि संघीय, राज्य और स्थानीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नए कानून लाए जाएँ। 'ट्रांसनेशनल रिप्रेशन पॉलिसी एक्ट' का प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस में आगे बढ़ने की उम्मीद है, हालाँकि इसके पारित होने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। यह सुनवाई अमेरिका-चीन संबंधों में एक नई परत जोड़ती है और आने वाले महीनों में इस मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करेगी।