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चीन का 'ट्रांसनेशनल दमन': अमेरिकी कांग्रेस सुनवाई में सख्त कानून की मांग, 319 मामले दर्ज

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चीन का 'ट्रांसनेशनल दमन': अमेरिकी कांग्रेस सुनवाई में सख्त कानून की मांग, 319 मामले दर्ज

सारांश

तियानमेन की 37वीं बरसी पर अमेरिकी कांग्रेस में चीन के वैश्विक दमन तंत्र की पड़ताल हुई। 2014 से 319 दर्ज मामलों और एक ओलंपिक एथलीट के पिता की FBI-समर्थित गवाही ने साफ किया — CCP की पहुँच अमेरिकी धरती तक है।

मुख्य बातें

5 जून 2025 को CECC में आयोजित सुनवाई में चीन के ट्रांसनेशनल दमन पर सख्त कानून की माँग उठी।
फ्रीडम हाउस के आंकड़ों के अनुसार 2014 से अब तक 319 मामले दर्ज हो चुके हैं।
सांसद जिम मैकगवर्न ने 'ट्रांसनेशनल रिप्रेशन पॉलिसी एक्ट' पारित करने की माँग की।
लोकतंत्र कार्यकर्ता आर्थर लियू ने बताया कि 2021 में FBI ने उन्हें चीनी एजेंट की निगरानी के बारे में आगाह किया था।
उनकी बेटी ओलंपिक स्केटर एलिसा लियू को 2022 बीजिंग विंटर ओलंपिक्स से पहले दबाव बनाने के लिए निशाना बनाया गया, कथित तौर पर।
CCP के तरीकों में डॉक्सिंग, स्पाइवेयर, डीपफेक और अमेरिका में अवैध पुलिस स्टेशन शामिल बताए गए।

अमेरिकी कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण सुनवाई में 5 जून 2025 को यह सवाल फिर से उठाया गया कि चीन किस प्रकार अपनी भौगोलिक सीमाओं से बाहर जाकर असहमत आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रहा है। सांसदों, राज्य अधिकारियों और लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं ने एकमत से कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) अब डराने-धमकाने, निगरानी और मनोवैज्ञानिक दबाव की एक वैश्विक रणनीति अपना रही है, जो अमेरिकी धरती पर भी सक्रिय है। यह सुनवाई तियानमेन स्क्वायर नरसंहार की 37वीं बरसी के दिन आयोजित की गई थी।

सुनवाई का संदर्भ और मंच

यह सुनवाई कांग्रेसनल एग्जीक्यूटिव कमीशन ऑन चाइना (CECC) में आयोजित हुई। सह-अध्यक्ष सांसद क्रिस स्मिथ ने सुनवाई की शुरुआत करते हुए कहा कि CCP अब कई तरह के परिष्कृत तरीकों का उपयोग कर रही है — जिनमें चीन में रह रहे परिजनों को हिरासत में लेना, व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करना (डॉक्सिंग), स्पाइवेयर का इस्तेमाल, डीपफेक वीडियो, हांगकांग से जुड़े इनाम (बाउंटी) और अमेरिका में अवैध पुलिस स्टेशन संचालित करना शामिल हैं।

गौरतलब है कि यह सुनवाई ऐसे समय में हुई जब अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है और विदेशी हस्तक्षेप को लेकर अमेरिकी संसद में बहस तेज़ हो रही है।

मुख्य घटनाक्रम: 319 मामले और कानून की मांग

सह-अध्यक्ष सांसद जिम मैकगवर्न ने कहा कि चीन दुनिया में ट्रांसनेशनल दमन करने वाला सबसे बड़ा देश है। उन्होंने फ्रीडम हाउस के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2014 से अब तक ऐसे 319 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

मैकगवर्न ने मांग की कि अमेरिकी कांग्रेस को 'ट्रांसनेशनल रिप्रेशन पॉलिसी एक्ट' पारित करना चाहिए, ताकि इस समस्या की कानूनी परिभाषा तय हो सके और सरकार की प्रतिक्रिया को एक ठोस कानूनी ढाँचा मिल सके। यह ऐसे समय में आया है जब संघीय, राज्य और स्थानीय एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी को लेकर कई बार चिंता जताई जा चुकी है।

आर्थर लियू की गवाही: अमेरिका में भी नहीं मिली राहत

सुनवाई में सबसे प्रभावशाली गवाही आर्थर लियू की रही, जो 1989 के तियानमेन आंदोलन के बाद चीन छोड़कर कैलिफोर्निया, अमेरिका में बस गए थे। लियू ने बताया कि उन्हें लगा था कि अमेरिका आने के बाद राजनीतिक उत्पीड़न समाप्त हो गया, लेकिन 2021 में एफबीआई (FBI) ने उन्हें सूचित किया कि एक चीनी एजेंट उनके बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहा है।

लियू के अनुसार, एजेंट ने उनकी बेटी — ओलंपिक फिगर स्केटर एलिसा लियू — के बारे में भी जानकारी जुटाने की कोशिश की, ताकि 2022 बीजिंग विंटर ओलंपिक्स से पहले उन पर दबाव बनाया जा सके। लियू ने कहा, 'एफबीआई ने मुझसे सावधान और सतर्क रहने को कहा।'

उन्होंने यह भी बताया कि एजेंटों ने आगाह किया था कि संदिग्ध जासूस उनकी गतिविधियों पर नज़र रख सकता है, उनकी गाड़ी में जीपीएस ट्रैकर लगा सकता है और उनके पासपोर्ट की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकता है। लियू ने कहा, 'मुझे अपनी बेटी एलिसा की सुरक्षा को लेकर बहुत डर लग रहा था, जब वह अमेरिका की तरफ से चीन में प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही थी।'

विशेषज्ञ और सांसद क्या कहते हैं

सांसदों का कहना है कि चीन के ये तरीके अब घरेलू दमन से आगे बढ़कर एक सुनियोजित वैश्विक रणनीति बन चुके हैं। उनके अनुसार, अमेरिका में अवैध पुलिस स्टेशनों का संचालन और स्पाइवेयर का उपयोग इस बात के प्रमाण हैं कि यह दमन अब केवल चीनी नागरिकों तक सीमित नहीं है।

फ्रीडम हाउस के आंकड़ों के अनुसार, चीन ट्रांसनेशनल दमन के मामले में वैश्विक स्तर पर सबसे आगे है और इसके तरीके साल-दर-साल और परिष्कृत होते जा रहे हैं।

आगे क्या होगा

सांसदों ने माँग की है कि संघीय, राज्य और स्थानीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नए कानून लाए जाएँ। 'ट्रांसनेशनल रिप्रेशन पॉलिसी एक्ट' का प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस में आगे बढ़ने की उम्मीद है, हालाँकि इसके पारित होने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। यह सुनवाई अमेरिका-चीन संबंधों में एक नई परत जोड़ती है और आने वाले महीनों में इस मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

राज्य और स्थानीय एजेंसियों के बीच समन्वय का ठोस ढाँचा नहीं बनता, ऐसी सुनवाइयाँ महत्वपूर्ण रिकॉर्ड तो बनाती हैं, पर बदलाव लाने में कम पड़ती हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी कांग्रेस की CECC सुनवाई में चीन पर क्या आरोप लगे?
सुनवाई में आरोप लगाया गया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) अपने आलोचकों को अमेरिका सहित दुनियाभर में डराने-धमकाने, निगरानी और दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है। इसमें अवैध पुलिस स्टेशन, स्पाइवेयर, डीपफेक और परिजनों को हिरासत में लेना जैसे तरीके शामिल बताए गए।
'ट्रांसनेशनल रिप्रेशन पॉलिसी एक्ट' क्या है और इसकी माँग क्यों हो रही है?
यह एक प्रस्तावित अमेरिकी कानून है जो विदेशी सरकारों द्वारा अमेरिकी धरती पर किए जाने वाले दमन को कानूनी रूप से परिभाषित करेगा और सरकारी प्रतिक्रिया को मजबूत बनाएगा। सांसद जिम मैकगवर्न ने इसे पारित करने की माँग इसलिए की क्योंकि फ्रीडम हाउस के अनुसार 2014 से अब तक 319 ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं।
आर्थर लियू कौन हैं और उनकी गवाही क्यों महत्वपूर्ण है?
आर्थर लियू 1989 के तियानमेन आंदोलन के बाद चीन छोड़कर कैलिफोर्निया में बसे लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता हैं। उनकी गवाही इसलिए अहम है क्योंकि FBI ने 2021 में उन्हें बताया था कि एक चीनी एजेंट उनकी और उनकी ओलंपिक स्केटर बेटी एलिसा लियू की जासूसी कर रहा है।
चीन के ट्रांसनेशनल दमन से अमेरिका में कौन प्रभावित हो रहा है?
मुख्य रूप से अमेरिका में रहने वाले चीनी मूल के लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता, पत्रकार, उइगर समुदाय के सदस्य और हांगकांग के असंतुष्ट प्रभावित हो रहे हैं। कथित तौर पर उनके अमेरिका में रह रहे परिजनों और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय बच्चों को भी निशाना बनाया जाता है।
यह सुनवाई तियानमेन बरसी पर ही क्यों रखी गई?
CECC ने यह सुनवाई जानबूझकर तियानमेन स्क्वायर नरसंहार की 37वीं बरसी — 5 जून — पर आयोजित की, ताकि चीन में 1989 से जारी दमन और आज के ट्रांसनेशनल दमन के बीच ऐतिहासिक संबंध को रेखांकित किया जा सके। यह एक प्रतीकात्मक और राजनीतिक संदेश भी था।
राष्ट्र प्रेस
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