15 जुलाई 2026
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चीन की खनिज पकड़ पर अमेरिकी कांग्रेस में अलार्म, ट्रंप के टैरिफ से गठबंधन कमज़ोर होने की चेतावनी

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चीन की खनिज पकड़ पर अमेरिकी कांग्रेस में अलार्म, ट्रंप के टैरिफ से गठबंधन कमज़ोर होने की चेतावनी

सारांश

अमेरिकी कांग्रेस की सुनवाई में खुलासा — चीन 13 अहम खनिजों पर अमेरिका को पूरी तरह निर्भर रखता है और टंगस्टन की 80% वैश्विक आपूर्ति नियंत्रित करता है। विशेषज्ञों की चेतावनी: ट्रंप के टैरिफ बीजिंग को नहीं, बल्कि अमेरिकी सहयोगियों को चोट पहुँचा रहे हैं।

मुख्य बातें

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की उपसमिति ने 15 जुलाई 2026 को वाशिंगटन में 'पैक्स सिलिका' पहल की समीक्षा के लिए सुनवाई की।
अमेरिका 13 अहम खनिजों के लिए पूरी तरह और 20 अन्य खनिजों के लिए 50% से अधिक आयात पर निर्भर है।
चीन वैश्विक टंगस्टन आपूर्ति के लगभग 80% और वैश्विक कोबाल्ट प्रोसेसिंग के बड़े हिस्से को नियंत्रित करता है।
2025 में चीन के रेयर-अर्थ निर्यात प्रतिबंध से शिकागो में फोर्ड का असेंबली प्लांट एक सप्ताह बंद रहा।
विशेषज्ञ क्लार्क पैकार्ड ने चेतावनी दी कि व्यापक टैरिफ से सहयोगी देशों के साथ संबंध तनावपूर्ण हो रहे हैं और बीजिंग को लाभ मिल रहा है।

अमेरिकी सांसदों और रक्षा-आर्थिक विशेषज्ञों ने 15 जुलाई 2026 को वाशिंगटन में चेतावनी दी कि चीन का अहम खनिजों, उन्नत विनिर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता नियंत्रण अमेरिकी आर्थिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। इसके साथ ही विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि वाशिंगटन की व्यापक टैरिफ नीति उन्हीं सहयोगी देशों के साथ संबंध बिगाड़ रही है, जिनकी बीजिंग को चुनौती देने के लिए सबसे अधिक ज़रूरत है।

सुनवाई में क्या हुआ

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की उपसमिति ने आर्थिक सुरक्षा और विदेशों में अमेरिकी निवेश पर केंद्रित सुनवाई में 'पैक्स सिलिका' पहल की समीक्षा की। इस पहल का उद्देश्य अमेरिकी सहयोगियों और साझेदारों के साथ भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है।

उपसमिति के अध्यक्ष कोरी मिल्स ने कहा कि जो देश उन्नत विनिर्माण, अहम खनिजों, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर नियंत्रण रखेगा, वही आने वाले दशकों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और शक्ति-संतुलन को परिभाषित करेगा।

खनिज निर्भरता की गहराई

यूएस स्ट्रैटेजिक मेटल्स के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी माइकल होलोमन ने कहा कि अमेरिका चीन से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आने वाले कच्चे माल के बिना फाइटर जेट, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक-वाहन बैटरी या स्मार्टफोन नहीं बना सकता। उन्होंने कहा, "यह पसंद का मामला नहीं है। यह निर्भरता का मामला है, जो एक ऐसी रणनीतिक कमज़ोरी बन गई है जो हर साल हमारे कदम न उठाने पर और गहरी होती जा रही है।"

होलोमन ने बताया कि दुनिया का लगभग 75 प्रतिशत कोबाल्ट कांगो में निकाला जाता है, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा चीन में प्रोसेस होता है। अमेरिका 13 अहम खनिजों के लिए पूरी तरह और अन्य 20 खनिजों के लिए 50 प्रतिशत से अधिक आयात पर निर्भर है। उन्होंने कहा, "मैंने खनिजों की इस 'कोल्ड वॉर' को हमारी भागीदारी के बिना सुलगते देखा है। चीन ने हमें हर जगह हराया है — इसलिए नहीं कि हम कुछ नहीं कर सकते थे, बल्कि इसलिए कि हमने उस लड़ाई में हिस्सा ही नहीं लिया।"

टंगस्टन और रेयर-अर्थ संकट

कैटो इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता क्लार्क पैकार्ड ने टंगस्टन का उदाहरण देते हुए कहा कि यह खनिज मिसाइलों, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस कंपोनेंट और आर्मर-पियर्सिंग गोला-बारूद में इस्तेमाल होता है, और चीन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से को नियंत्रित करता है।

पैकार्ड ने बताया कि 2025 में बीजिंग द्वारा सात रेयर-अर्थ तत्वों और मैग्नेट के निर्यात पर लगभग पूर्ण प्रतिबंध लगाने से अमेरिकी सेमीकंडक्टर और रक्षा आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई थी। शिकागो में फोर्ड का एक असेंबली प्लांट रेयर-अर्थ मैग्नेट की कमी के कारण एक सप्ताह के लिए बंद करना पड़ा था।

टैरिफ नीति पर विशेषज्ञों की आपत्ति

पैकार्ड ने चेतावनी दी कि अमेरिका के व्यापक टैरिफ से बीजिंग के विरुद्ध गठबंधन बनाने की कोशिशों को नुकसान पहुँच रहा है। उन्होंने कहा, "यह बीजिंग के लिए एक तोहफा है, जो खुद को अधिक भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के तौर पर पेश करके खुश है। हमें दोस्तों और सहयोगियों के लिए दरवाज़े खोलने चाहिए, न कि टैरिफ की दीवारों के पीछे छिपना चाहिए।"

एक्रो ब्रिज में अंतरराष्ट्रीय कारोबार के अध्यक्ष पॉल सुलिवन ने कहा कि चीनी कंपनियाँ अक्सर सब्सिडी वाले वित्त, बंडल परियोजनाओं और कूटनीतिक समर्थन के साथ विदेशी बाज़ारों में उतरती हैं, जिनका मुकाबला निजी अमेरिकी कंपनियाँ अकेले नहीं कर सकतीं।

आगे की राह

यह सुनवाई ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी सरकारें मित्र देशों में वैकल्पिक खनिज आपूर्तिकर्ता और प्रोसेसिंग सुविधाएँ तलाशने में तेज़ी ला रही हैं। गौरतलब है कि डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और क्लीन-एनर्जी तकनीक के लिए ज़रूरी खनिजों की माइनिंग और प्रोसेसिंग में चीन की स्थिति पिछले एक दशक में और मज़बूत हुई है। 'पैक्स सिलिका' जैसी पहलों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका अपनी टैरिफ नीति और गठबंधन-निर्माण की रणनीति के बीच संतुलन कैसे साधता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रतिस्पर्धी मानता रहेगा। गौरतलब है कि चीन ने यह खनिज-वर्चस्व रातोंरात नहीं, बल्कि दो दशकों की सुनियोजित रणनीति से हासिल किया — जबकि अमेरिका बाज़ार-आधारित समाधानों पर भरोसा करता रहा। अब जब संकट सामने है, तो केवल टैरिफ की दीवारें खड़ी करने से न आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित होगी, न गठबंधन मज़बूत।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका अहम खनिजों के लिए चीन पर कितना निर्भर है?
अमेरिका 13 अहम खनिजों के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है और 20 अन्य खनिजों के लिए 50 प्रतिशत से अधिक आयात करता है। इनमें से अधिकांश की प्रोसेसिंग चीन में होती है, जिससे अमेरिकी रक्षा और तकनीकी उद्योग सीधे प्रभावित होते हैं।
'पैक्स सिलिका' पहल क्या है?
'पैक्स सिलिका' एक अमेरिकी पहल है जिसका उद्देश्य सहयोगी और साझेदार देशों के साथ मिलकर भरोसेमंद खनिज आपूर्ति श्रृंखला बनाना है। इसकी समीक्षा 15 जुलाई 2026 को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की उपसमिति की सुनवाई में की गई।
चीन के 2025 के रेयर-अर्थ निर्यात प्रतिबंध का क्या असर हुआ?
2025 में चीन ने सात रेयर-अर्थ तत्वों और मैग्नेट के निर्यात पर लगभग पूर्ण प्रतिबंध लगाया, जिससे अमेरिकी सेमीकंडक्टर और रक्षा आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई। शिकागो में फोर्ड का असेंबली प्लांट रेयर-अर्थ मैग्नेट की कमी के कारण एक सप्ताह बंद रहा।
विशेषज्ञ ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना क्यों कर रहे हैं?
कैटो इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता क्लार्क पैकार्ड के अनुसार, व्यापक टैरिफ से अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स की लागत बढ़ी है और सहयोगी देशों के साथ संबंध तनावपूर्ण हुए हैं। इससे चीन को खुद को अधिक भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के रूप में पेश करने का अवसर मिल रहा है।
चीन वैश्विक खनिज आपूर्ति में किस हद तक हावी है?
चीन वैश्विक टंगस्टन आपूर्ति के लगभग 80 प्रतिशत को नियंत्रित करता है और कांगो में निकाले जाने वाले 75 प्रतिशत कोबाल्ट की प्रोसेसिंग भी चीन में होती है। डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और क्लीन-एनर्जी तकनीक सभी इन्हीं खनिजों पर निर्भर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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