चीन-अमेरिका टैरिफ वार्ता: व्यापार टीमें $30 अरब से अधिक के पारस्परिक शुल्क-कटौती ढाँचे पर करेंगी काम
सारांश
मुख्य बातें
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता हे यातुंग ने 28 मई 2025 को नियमित प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि चीन और अमेरिका की व्यापार वार्ता टीमें टैरिफ मुद्दे के ठोस प्रबंधन पर घनिष्ठ संपर्क बनाए रखते हुए विचार करेंगी और उसके कार्यान्वयन को यथाशीघ्र आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन में यह प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
टैरिफ वार्ता की मौजूदा स्थिति
हे यातुंग के अनुसार, टैरिफ चीन-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है। दोनों पक्षों की टीमें इस विषय पर गहराई से संवाद कर प्रबंधन की दिशा तय करेंगी। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव महीनों से बना हुआ है और वैश्विक बाज़ारों पर इसका व्यापक असर पड़ रहा है।
$30 अरब का पारस्परिक टैरिफ-कटौती ढाँचा
प्रवक्ता ने बताया कि दोनों पक्ष सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमत हो गए हैं कि व्यापार परिषद के तहत समान पैमाने वाले उत्पादों पर पारस्परिक टैरिफ घटाव ढाँचे के प्रबंधन पर विचार किया जाएगा। यह पैमाना अलग-अलग तौर पर $30 अरब अमेरिकी डॉलर या उससे अधिक होगा। गौरतलब है कि यह सैद्धांतिक सहमति अभी अंतिम समझौते में नहीं बदली है।
अमेरिका से अपेक्षाएँ
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि अमेरिका अपने वादे का पालन करेगा और द्विपक्षीय आर्थिक व व्यापारिक सहयोग के विस्तार के लिए सकारात्मक परिस्थितियाँ तैयार करेगा। आलोचकों का कहना है कि अमेरिकी पक्ष की ओर से ठोस प्रतिबद्धता अभी भी अस्पष्ट बनी हुई है।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब चीन-अमेरिका व्यापार विवाद वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को प्रभावित कर रहा है और भारत सहित अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाएँ इसके परिणामों पर बारीकी से नज़र रख रही हैं। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन का उल्लेख संकेत देता है कि वार्ता उच्चतम राजनीतिक स्तर पर समर्थित है। आने वाले हफ्तों में कार्यान्वयन की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है।