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चीन की वाई-फाई रणनीति पर अमेरिकी सांसद सतर्क, 19 लॉ मेकर्स ने ट्रंप प्रशासन से WRC-27 योजना माँगी

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चीन की वाई-फाई रणनीति पर अमेरिकी सांसद सतर्क, 19 लॉ मेकर्स ने ट्रंप प्रशासन से WRC-27 योजना माँगी

सारांश

चीन 2027 के वैश्विक रेडियो सम्मेलन का उपयोग 6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम नियमों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए कर सकता है — यह आशंका अब अमेरिकी संसद तक पहुँच गई है। 19 द्विदलीय सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से 22 अगस्त तक जवाब माँगा है। दाँव पर है वाई-फाई, 6जी और वैश्विक कनेक्टिविटी में अमेरिका की बढ़त।

मुख्य बातें

19 द्विदलीय अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप प्रशासन को संयुक्त पत्र भेजकर WRC-27 के लिए विस्तृत रणनीति माँगी।
पत्र विदेश विभाग , NTIA और FCC को संबोधित; जवाब की समयसीमा 22 अगस्त ।
विवाद का केंद्र 6 गीगाहर्ट्ज बैंड — अमेरिका में करीब 90% स्मार्टफोन डेटा वाई-फाई से उपयोग होता है।
सांसदों का आरोप — चीन और समर्थक देश ऊपरी 6 GHz में केवल लाइसेंस-आधारित मॉडल को बढ़ावा दे रहे हैं।
मेक्सिको और ब्राजील के साथ गठबंधन वार्ता की स्थिति पर भी स्पष्टता माँगी गई।
द इंटरनेट एंड टेलीविजन एसोसिएशन ने सांसदों की पहल का स्वागत किया।

अमेरिकी कांग्रेस के 19 द्विदलीय सांसदों ने ट्रंप प्रशासन को एक संयुक्त पत्र भेजकर 2027 में शंघाई में आयोजित होने वाले वर्ल्ड रेडियोकम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस (WRC-27) के लिए अमेरिका की ठोस रणनीति की माँग की है। सांसदों की आशंका है कि चीन इस वैश्विक मंच का उपयोग 6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम समेत वैश्विक रेडियो नियमों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए कर सकता है, जिसका सीधा असर वाई-फाई, 6जी नेटवर्क और अगली पीढ़ी की संचार तकनीकों के भविष्य पर पड़ेगा।

पत्र की पहल और प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता

इस पहल का नेतृत्व प्रतिनिधि एप्रिल मैक्लेन डिलेनी और जे. ओबरनोल्टे ने किया। पत्र आर्थिक मामलों के अवर विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग, नेशनल टेलीकम्युनिकेशंस एंड इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (NTIA) की प्रमुख एरियल रोथ और फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) के चेयरमैन ब्रेंडन कैर को संबोधित है। इस पर राजा कृष्णमूर्ति, डॉन बेकन, कैथी कास्टर, डेबी डिंगेल, सारा एलफ्रेथ, जोश गॉटहाइमर, क्रिसी हूलाहन और डैरिन ला हूड सहित कई अन्य सांसदों ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

सांसदों ने 22 अगस्त तक लिखित जवाब देने की समयसीमा निर्धारित की है। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर दूरसंचार मानकों पर अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है।

6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम — विवाद का केंद्र

सांसदों ने 6 गीगाहर्ट्ज बैंड को इस पूरे विवाद का सबसे अहम मुद्दा बताया है। उनका तर्क है कि इस बैंड तक बिना लाइसेंस पहुँच बनाए रखना वाई-फाई की क्षमता विस्तार, तकनीकी नवाचार और अमेरिका की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त के लिए अनिवार्य है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि अमेरिका में करीब 90 प्रतिशत स्मार्टफोन डेटा वाई-फाई के माध्यम से उपयोग होता है — हालाँकि यह आँकड़ा ऑपरेटर के अनुसार भिन्न हो सकता है। बढ़ती डेटा माँग को देखते हुए पर्याप्त अनलाइसेंस्ड स्पेक्ट्रम की उपलब्धता सुनिश्चित करना ज़रूरी है।

सांसदों ने आरोप लगाया कि चीन और उसके समर्थक देश ऊपरी 6 गीगाहर्ट्ज बैंड में केवल लाइसेंस-आधारित मॉडल को बढ़ावा दे रहे हैं। यदि यह मॉडल वैश्विक स्तर पर स्वीकृत हुआ, तो अनलाइसेंस्ड वाई-फाई के विस्तार को झटका लगेगा और कनेक्टिविटी क्षेत्र में अमेरिका का प्रभाव कमज़ोर पड़ सकता है।

अमेरिकी नेतृत्व की माँग

प्रतिनिधि एप्रिल मैक्लेन डिलेनी ने कहा, "जब चीन समेत अन्य देश वैश्विक स्पेक्ट्रम नीति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, तब अमेरिका को पीछे नहीं, बल्कि नेतृत्व करना चाहिए।" उन्होंने संघीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोगी देशों के साथ करीबी साझेदारी को अमेरिकी नवाचार और आर्थिक प्रतिस्पर्धा के लिए अनिवार्य बताया।

सांसदों ने प्रशासन से यह भी पूछा है कि सम्मेलन की तैयारियाँ वरिष्ठ स्तर पर किस प्रकार समन्वित की जा रही हैं, और WRC-27 के लिए अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति की स्थिति क्या है।

सहयोगी देशों का गठबंधन और मेक्सिको-ब्राजील की भूमिका

पत्र में समान सोच वाले देशों का गठबंधन बनाने की योजना के बारे में भी जानकारी माँगी गई है। विशेष रूप से मेक्सिको और ब्राजील के साथ बातचीत की स्थिति पर स्पष्टता माँगी गई है, क्योंकि सांसदों के अनुसार इन दोनों देशों ने पूर्व में 6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के कुछ मामलों में चीन का समर्थन किया था।

गौरतलब है कि वर्ल्ड रेडियोकम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) द्वारा किया जाता है और इसमें लिए गए फैसले वैश्विक स्तर पर दशकों तक प्रभावी रहते हैं।

उद्योग जगत की प्रतिक्रिया और आगे की राह

द इंटरनेट एंड टेलीविजन एसोसिएशन ने सांसदों की इस पहल का स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि पूरे 6 गीगाहर्ट्ज बैंड तक निरंतर अनलाइसेंस्ड पहुँच अगली पीढ़ी के वाई-फाई, उपभोक्ताओं और कारोबारों के व्यापक हित में है।

अब सभी की नज़रें 22 अगस्त की समयसीमा पर टिकी हैं — जब ट्रंप प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि वह WRC-27 में अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए किस रणनीति के साथ उतरेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो इसका असर सिर्फ अमेरिकी उपभोक्ताओं पर नहीं, बल्कि उन विकासशील देशों पर भी पड़ेगा जो सस्ते अनलाइसेंस्ड वाई-फाई पर निर्भर हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्ल्ड रेडियोकम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस 2027 क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
वर्ल्ड रेडियोकम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस (WRC-27) इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) द्वारा आयोजित एक वैश्विक सम्मेलन है, जो 2027 में शंघाई में होगा। इसमें लिए गए फैसले 6जी नेटवर्क, सैटेलाइट सिस्टम और वाई-फाई जैसी तकनीकों के अंतरराष्ट्रीय नियम तय करते हैं, जो दशकों तक प्रभावी रहते हैं।
अमेरिकी सांसदों को चीन की वाई-फाई रणनीति से क्या खतरा दिख रहा है?
सांसदों की आशंका है कि चीन और उसके समर्थक देश ऊपरी 6 गीगाहर्ट्ज बैंड में केवल लाइसेंस-आधारित मॉडल को वैश्विक मानक बनाने की कोशिश करेंगे। यदि ऐसा हुआ, तो अनलाइसेंस्ड वाई-फाई का वैश्विक विस्तार रुकेगा और कनेक्टिविटी क्षेत्र में अमेरिका का प्रभाव कमज़ोर पड़ सकता है।
19 अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से क्या माँगा है?
सांसदों ने विदेश विभाग, NTIA और FCC को पत्र भेजकर WRC-27 की वरिष्ठ स्तरीय तैयारियों, स्टाफ और संसाधनों की स्थिति, अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति और सहयोगी देशों के साथ गठबंधन की योजना की जानकारी माँगी है। जवाब की समयसीमा 22 अगस्त रखी गई है।
6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड इतना अहम क्यों है?
6 गीगाहर्ट्ज बैंड अगली पीढ़ी के वाई-फाई की रीढ़ है। अमेरिका में करीब 90 प्रतिशत स्मार्टफोन डेटा वाई-फाई के ज़रिए उपयोग होता है और बढ़ती माँग के लिए पर्याप्त अनलाइसेंस्ड स्पेक्ट्रम ज़रूरी है। इस बैंड पर लाइसेंस-आधारित नियंत्रण से वाई-फाई विस्तार और तकनीकी नवाचार दोनों प्रभावित होंगे।
मेक्सिको और ब्राजील इस विवाद में क्यों महत्वपूर्ण हैं?
सांसदों के अनुसार मेक्सिको और ब्राजील ने पूर्व में 6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के कुछ मामलों में चीन का समर्थन किया था। इसलिए पत्र में प्रशासन से इन दोनों देशों के साथ बातचीत की स्थिति की जानकारी माँगी गई है, ताकि WRC-27 में अमेरिका के पक्ष में व्यापक गठबंधन बनाया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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