पुतिन की चीन यात्रा, ट्रंप दौरे पर बीजिंग का बयान — विदेश मंत्रालय प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीन बड़े मुद्दे
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने 18 मई 2026 को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आगामी चीन यात्रा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चीन यात्रा के परिणामों और ताइवान से जुड़े विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन विवाद पर चीन का आधिकारिक पक्ष रखा। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हुई जब वैश्विक कूटनीति में बीजिंग की केंद्रीय भूमिका पर दुनिया की नज़रें टिकी हैं।
पुतिन की चीन यात्रा: 25वाँ दौरा, नई ऊँचाई
क्वो च्याखुन ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आगामी चीन यात्रा उनकी 25वीं चीन यात्रा होगी। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष द्विपक्षीय संबंधों, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और साझा अंतरराष्ट्रीय-क्षेत्रीय चिंताओं पर विचार-विमर्श करेंगे।
गौरतलब है कि इस वर्ष तीन महत्वपूर्ण वर्षगाँठें एक साथ आ रही हैं — चीन-रूस रणनीतिक सहयोग साझेदारी की 30वीं वर्षगाँठ, सद्भावना और मैत्रीपूर्ण सहयोग संधि पर हस्ताक्षर की 25वीं वर्षगाँठ, और 'चीन-रूस शिक्षा वर्ष' की शुरुआत। प्रवक्ता के अनुसार दोनों पक्ष इस अवसर पर संबंधों को और गहरे एवं उच्च स्तर पर ले जाने की मंशा रखते हैं।
ट्रंप की चीन यात्रा: 'रचनात्मक रणनीतिक स्थिरता' की नई परिभाषा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के परिणामों पर क्वो च्याखुन ने कहा कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने 'चीन-अमेरिका रचनात्मक रणनीतिक स्थिरता संबंध' को द्विपक्षीय संबंधों की नई स्थिति के रूप में परिभाषित करने पर सहमति जताई। कूटनीति और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, संवाद और सहयोग के अगले चरण की रूपरेखा भी तय की गई।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि चीन दोनों नेताओं के बीच हासिल की गई महत्वपूर्ण सहमति को पूरी तरह और सटीक रूप से लागू करने के लिए अमेरिका के साथ काम करने को तैयार है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन-अमेरिका व्यापार तनाव की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क बढ़ा है।
ताइवान और विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन: बीजिंग का कड़ा रुख
विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन के दौरान ताइवान द्वारा संबंधित गतिविधियाँ आयोजित करने के इरादे पर क्वो च्याखुन ने चीन का पारंपरिक रुख दोहराया — दुनिया में केवल एक ही चीन है, ताइवान चीन के भूभाग का अभिन्न अंग है, और चीन लोक गणराज्य की सरकार ही संपूर्ण चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र कानूनी सरकार है।
प्रवक्ता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों को ताइवान से जुड़े मुद्दों को एक-चीन सिद्धांत के अनुसार ही निपटाना चाहिए। यह बयान WHO की वार्षिक बैठक से ठीक पहले आया, जो कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
आगे क्या
पुतिन की आगामी यात्रा की तारीखों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। चीन-अमेरिका सहमति के क्रियान्वयन और WHO में ताइवान की भागीदारी पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र बनी रहेगी।