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जीपीएस पर हमला अमेरिकी अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकता है — हाउस सबकमेटी की गंभीर चेतावनी

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जीपीएस पर हमला अमेरिकी अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकता है — हाउस सबकमेटी की गंभीर चेतावनी

सारांश

अमेरिकी संसद की सुनवाई में खुलासा — जीपीएस सिर्फ नक्शा नहीं, बल्कि बैंकिंग, बिजली और 911 सेवाओं की रीढ़ है। चीन-रूस के पास जमीनी बैकअप है, अमेरिका के पास नहीं। विशेषज्ञों ने इसे 'एकल विफलता बिंदु' बताया — और यही सबसे बड़ी चिंता है।

मुख्य बातें

हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स सबकमेटी ने 7 जून 2026 को जीपीएस सुरक्षा पर सुनवाई की, जिसमें चीन और रूस से बढ़ते खतरों पर चर्चा हुई।
सबकमेटी चेयरमैन रिचर्ड हडसन ने कहा कि जीपीएस जाम या स्पूफ होने पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर 'विनाशकारी असर' पड़ सकता है।
जीपीएस नेटवर्क में वर्तमान में 32 सैटेलाइट हैं और इसकी उपलब्धता 99.99% है, लेकिन स्थानीय जामिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं।
नेक्स्टनैव की CEO मरियम सोरोंड ने बताया कि चीन और रूस के पास जमीनी बैकअप सिस्टम हैं, जबकि अमेरिका के पास नहीं।
जीपीएस पर निर्भरता से प्रतिदिन 1 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम होने का अनुमान है।
लॉमेकर्स ने किसी भी नए बैकअप सिस्टम के व्यापक परीक्षण और उपभोक्ताओं पर बोझ न डालने की शर्त रखी।

अमेरिकी संसद की हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स सबकमेटी ने 7 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण सुनवाई में आगाह किया कि ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) पर किसी विरोधी देश का सफल हमला अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। सुनवाई में चीन और रूस से बढ़ते साइबर और इलेक्ट्रॉनिक खतरों पर विस्तृत चर्चा हुई तथा जीपीएस के विकल्प के रूप में काम कर सकने वाली तकनीकों का मूल्यांकन किया गया।

सुनवाई में क्या उभरा

सबकमेटी के चेयरमैन रिचर्ड हडसन ने स्पष्ट किया कि जीपीएस अब केवल नेविगेशन ऐप्स तक सीमित नहीं है — यह संचार, ऊर्जा आपूर्ति, वित्तीय लेनदेन और आपातकालीन सेवाओं की आधारशिला बन चुका है। उन्होंने कहा, 'यदि किसी विरोधी देश द्वारा जीपीएस को जाम या स्पूफ कर दिया जाता है और सिस्टम बड़े स्तर पर विफल हो जाता है, तो इसका हमारी अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी असर पड़ सकता है।'

हडसन ने कथित रूसी जामिंग की एक हालिया घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें एक ब्रिटिश सैन्य विमान का जीपीएस सिग्नल खो गया था। उन्होंने कहा कि रूस और चीन ऐसी क्षमताएं विकसित कर रहे हैं जो सैटेलाइट-आधारित सेवाओं के लिए सीधा खतरा हैं।

आम नागरिकों पर असर

सबकमेटी की वरिष्ठ सदस्य डोरिस मात्सुई ने कहा कि अधिकांश अमेरिकी नागरिक यह नहीं समझते कि वे जीपीएस पर कितने निर्भर हो चुके हैं। उनके अनुसार, 'जीपीएस आपके इंटरनेट को चलाने, डिजिटल भुगतान को सुचारू रखने और बैंक खातों को धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में मदद करता है। यह 911 पर कॉल करने पर आप तक पहुंचने में आपातकालीन सेवाओं की भी मदद करता है।'

मात्सुई ने चेतावनी दी कि जीपीएस में बड़ी रुकावट आने पर संचार नेटवर्क, विमानन, ऊर्जा क्षेत्र, कृषि और सप्लाई चेन — सभी एक साथ प्रभावित हो सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय

जीपीएस इनोवेशन अलायंस की कार्यकारी निदेशक लिसा डायर ने जीपीएस को 'अमेरिका के सबसे बड़े नवाचारों में से एक' बताया। उन्होंने कहा कि 1995 में शुरू होने के बाद से जीपीएस नेटवर्क में कभी भी पूरे सिस्टम स्तर पर कोई बड़ी रुकावट नहीं आई है। वर्तमान में इस नेटवर्क में 32 सैटेलाइट हैं और इसकी उपलब्धता 99.99 प्रतिशत है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि स्थानीय स्तर पर जामिंग और स्पूफिंग की घटनाएं विमानन और समुद्री सेवाओं को प्रभावित कर रही हैं।

नेक्स्टनैव की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मरियम सोरोंड ने कहा कि अमेरिका अभी भी कमज़ोर स्थिति में है क्योंकि उसके पास जीपीएस का कोई जमीनी बैकअप नेटवर्क नहीं है। उन्होंने कहा, 'चीन और रूस ने जीपीएस के लिए जमीन-आधारित बैकअप सिस्टम तैयार कर लिए हैं, लेकिन अमेरिका ने ऐसा नहीं किया है।' सोरोंड ने जीपीएस को 'राष्ट्रीय धरोहर' के साथ-साथ 'एकल विफलता बिंदु' भी बताया — यानी यह एक ऐसी कड़ी है जिसके टूटने पर पूरी व्यवस्था चरमरा सकती है।

वैकल्पिक तकनीकों पर बहस

नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्रॉडकास्टर्स के सैम मैथेनी ने ब्रॉडकास्ट पोजिशनिंग सिस्टम का प्रस्ताव रखा, जो मौजूदा प्रसारण टावरों और लाइसेंस प्राप्त स्पेक्ट्रम का उपयोग करता है। उनके अनुसार यह प्रणाली जीपीएस पर अत्यधिक निर्भरता से पैदा होने वाले प्रतिदिन 1 अरब डॉलर से अधिक के आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम को कम कर सकती है।

गौरतलब है कि सुनवाई में 900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड से जुड़े प्रस्तावों पर मतभेद भी सामने आए। उपभोक्ता संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों ने आगाह किया कि इसमें बदलाव से बिजली, सार्वजनिक सुरक्षा, खुदरा कारोबार, परिवहन और कृषि क्षेत्रों में उपयोग होने वाली मौजूदा सेवाएं बाधित हो सकती हैं।

आगे क्या होगा

हाउस कमेटी के चेयरमैन ब्रेट गुथरी ने कहा कि विरोधी देश पहले से ही संघर्ष क्षेत्रों में जीपीएस को जाम और स्पूफ कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा बढ़ रहा है। लॉमेकर्स ने एकमत होकर कहा कि किसी भी नए बैकअप सिस्टम का व्यापक परीक्षण होना चाहिए और वह उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना मौजूदा सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे। विशेषज्ञों ने पोजिशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग सेवाओं के लिए अधिक मज़बूत और बहुस्तरीय व्यवस्था विकसित करने की सिफारिश की है — यह बहस अब कांग्रेस की प्राथमिकता सूची में आ गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि चीन और रूस ने चुपचाप अपने जमीनी बैकअप सिस्टम तैयार कर लिए। विडंबना यह है कि जो तकनीक अमेरिकी सेना ने विकसित की, उसकी सुरक्षा में अब वही पिछड़ रहा है। 900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम पर मतभेद बताते हैं कि व्यावसायिक हित राष्ट्रीय सुरक्षा की ज़रूरतों से टकरा रहे हैं। असली सवाल यह नहीं कि बैकअप सिस्टम बनाया जाए या नहीं — सवाल यह है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति कब तक कॉर्पोरेट लॉबिंग के सामने झुकती रहेगी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीपीएस पर हमले से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को क्या खतरा है?
विशेषज्ञों के अनुसार जीपीएस बाधित होने पर संचार नेटवर्क, विमानन, बैंकिंग, ऊर्जा आपूर्ति, कृषि और आपातकालीन सेवाएं एक साथ प्रभावित हो सकती हैं। जीपीएस पर निर्भरता से प्रतिदिन 1 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम आंका गया है।
चीन और रूस जीपीएस के लिए क्या खतरा हैं?
हाउस सबकमेटी की सुनवाई में बताया गया कि चीन और रूस जीपीएस सिग्नल को जाम और स्पूफ करने की क्षमता विकसित कर चुके हैं। कथित रूसी जामिंग के कारण एक ब्रिटिश सैन्य विमान का जीपीएस सिग्नल खो जाने की घटना का भी उल्लेख किया गया।
अमेरिका के पास जीपीएस का बैकअप सिस्टम क्यों नहीं है?
नेक्स्टनैव की CEO मरियम सोरोंड के अनुसार चीन और रूस ने जमीनी बैकअप सिस्टम तैयार कर लिए हैं, लेकिन अमेरिका ने अब तक ऐसा नहीं किया। 900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम पर उद्योग और उपभोक्ता संगठनों के बीच मतभेद इस दिशा में प्रगति को धीमा कर रहे हैं।
जीपीएस नेटवर्क कितना भरोसेमंद है?
जीपीएस इनोवेशन अलायंस की कार्यकारी निदेशक लिसा डायर के अनुसार 1995 से अब तक जीपीएस में कभी पूरे सिस्टम स्तर पर कोई बड़ी रुकावट नहीं आई है। नेटवर्क में 32 सैटेलाइट हैं और उपलब्धता 99.99 प्रतिशत है, हालांकि स्थानीय जामिंग और स्पूफिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं।
जीपीएस के विकल्प के रूप में कौन-सी तकनीकें प्रस्तावित हैं?
नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्रॉडकास्टर्स के सैम मैथेनी ने ब्रॉडकास्ट पोजिशनिंग सिस्टम का प्रस्ताव रखा, जो मौजूदा प्रसारण टावरों और लाइसेंस प्राप्त स्पेक्ट्रम का उपयोग करता है। विशेषज्ञों ने पोजिशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग सेवाओं के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था विकसित करने की सिफारिश की है।
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