सीनेटर बैंक्स का चिंता: अमेरिका में चीनी पायलटों की ट्रेनिंग का बढ़ता खतरा
सारांश
Key Takeaways
- चीनी नागरिकों को अमेरिकी फ्लाइट स्कूलों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- यह स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
- चीन को 2043 तक १,३०,००० पायलटों की आवश्यकता है।
- सीनेटर बैंक्स ने जांच प्रक्रिया को और सख्त करने की अपील की है।
- मिलिटरी–सिविल फ्यूजन नीति सेना और व्यापारिक क्षेत्रों के बीच की सीमाओं को धुंधला करती है।
वॉशिंगटन, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका में एक प्रमुख रिपब्लिकन सीनेटर ने विमानन सुरक्षा से संबंधित एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिकी फ्लाइट स्कूलों में चीनी नागरिकों को ऐसी ट्रेनिंग दी जा रही है जो चीन की सैन्य महत्वाकांक्षाओं को अप्रत्यक्ष रूप से सहायता प्रदान कर सकती है।
सीनेटर जिम बैंक्स ने ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (टीएसए) को एक पत्र में बताया कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने चीन की “मिलिटरी–सिविल फ्यूजन (एमसीएफ)” नीति का उल्लेख किया, जो सेना और वाणिज्यिक क्षेत्रों के बीच की सीमाओं को जानबूझकर धुंधला करती है।
उन्होंने कहा कि इस नीति के कारण कई चीनी कंपनियाँ, चाहे वे सरकारी हों या निजी, उन्नत उद्योगों में वैश्विक बाजार में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करने में सफल रही हैं। इसके अतिरिक्त, इससे चीनी सरकार को किसी भी आपात स्थिति या युद्ध के समय में राष्ट्रीय संसाधनों को तेजी से जुटाने की क्षमता मिलती है।
बैंक्स ने यह भी उल्लेख किया कि प्रशिक्षित पायलटों की बढ़ती मांग इस रुझान का एक बड़ा कारण है। सीनेटर ने पत्र में कहा कि चीन को 2043 तक १,३०,००० कमर्शियल और जनरल एविएशन पायलटों की आवश्यकता होगी। पायलटों की यह कमी चीनी सेना में भी देखी जा रही है, जहां ट्रेनिंग की अवधि को घटाया गया है और भर्ती का दायरा बढ़ाया गया है।
पत्र में उल्लेखित शोध रिपोर्ट के अनुसार, चीन को हर साल लगभग ५,००० पायलट कैडेटों की आवश्यकता है, जबकि उसके अपने संस्थान केवल १,२०० के आसपास ही तैयार कर पाते हैं। इस कारण, कई प्रशिक्षु अमेरिका के फ्लाइट स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं।
सीनेटर ने कुछ विशेष संस्थानों का उल्लेख किया, जिनमें एरिजोना स्थित एरोगार्ड फ्लाइट ट्रेनिंग सेंटर शामिल है, जो चीन से जुड़े विमानन संगठनों के साथ सहयोग करता है। चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस संस्थान के लगभग दो-तिहाई छात्र चीनी नागरिक हैं। इसके अलावा, कैलिफोर्निया की सिएरा एकेडमी ऑफ एरोनॉटिक्स में भी हर साल सैकड़ों चीनी पायलटों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
सिएरा एकेडमी के एक अधिकारी ने कहा कि चूंकि यह संस्थान लंबे समय से चीनी सरकार, संस्थानों और एयरलाइनों के साथ काम कर रहा है, इसलिए इसके पास इस प्रकार के कार्यक्रम संचालित करने के लिए आवश्यक संपर्क मौजूद हैं।
बैंक्स का कहना है कि भले ही इनमें से कई प्रशिक्षु नागरिक विमानन में करियर बनाने का निर्णय लें, लेकिन चीन की सरकारी व्यवस्था में नागरिक और सैन्य उपयोग के बीच स्पष्ट भेद करना कठिन है। उन्होंने कहा कि जितने अधिक चीनी नागरिक विमानन प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, उतने ही अधिक विकल्प चीनी सेना के पास पायलट और प्रशिक्षकों की भर्ती के लिए होंगे।
उन्होंने टीएसए से अपील की कि फ्लाइट ट्रेनिंग सुरक्षा कार्यक्रम के तहत विदेशी आवेदकों की जांच प्रक्रिया को और मजबूत किया जाए। वर्तमान में, इस कार्यक्रम के तहत आवेदकों की जांच आव्रजन रिकॉर्ड, निगरानी सूचियों और आपराधिक इतिहास के आधार पर की जाती है।
बैंक्स ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य विदेशी प्रतिद्वंद्वी देशों से उत्पन्न खतरे को देखते हुए, जांच प्रक्रिया में इसे एक अतिरिक्त कारक के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने एजेंसी से इस कार्यक्रम को अपडेट करने की अपील की, ताकि “चीन जैसे दुश्मन देशों” के नागरिकों को अमेरिका में फ्लाइट ट्रेनिंग से रोका जा सके। उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि अमेरिकी फ़्लाइट ट्रेनिंग प्रोग्राम अमेरिकी हितों की सेवा करें न कि शी जिनपिंग के सपनों की।”